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शस्त्र लाइसेंस के लिए लगाया जाम
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Fri, 09 Dec 2016 12:18 AM IST
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नसीरपुर में जमीन के विवाद को लेकर हुई शिक्षक के बेटे की हत्या के बाद दूसरे दिन शव गांव पहुंचा तो आक्रोशित परिजनों ने शस्त्र लाइसेंस व विवादित बाउंड्रीवाल का निर्माण कराए जाने की मांग को लेकर रोड पर जाम लगा दिया। प्रशासन ने उनकी मांग पूरी करने का आश्वासन दिया तब जाकर परिजन शव का अंतिम संस्कार करने को राजी हुए। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मृतक के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
उदयपुर थाना क्षेत्र के पूरे बेनी नसीरपुर में शिक्षक नंदलाल तिवारी के बेटे विकास तिवारी की जमीनी विवाद में बुधवार गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना में पड़ोस के त्रियुगी नारायण पांडेय उर्फ राजा, कमलापति तिवारी, पशुपति पांडेय व अभिमन्यू पांडेय के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजने के साथ ही मृतक के शव को पीएम के लिए भेज दिया था। मौके पर कई थानों की फोर्स को प्रशासन ने तैनात कर दिया था। घटना के दूसरे दिन गुरुवार को मृतक का शव घर पहुंचा तो परिजनाें में आक्रोश पनप उठा। शस्त्र लाइसेंस और विवादित बाउंड्री वाल बनवाए जाने की मांग को लेकर परिजनों ने ट्रैक्टर व लकड़ी रखकर रोड जाम कर दिया।
परिजनों की मांग थी कि जब तक उनकी दोनों मांगे पूरी नहीं होती तब तक वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। इसकी जानकारी मिलने पर एसडीएम राजेंद्र प्रसाद तिवारी व सीओ विक्रमराम प्रेमी महिला पुलिस, क्यूआरटी व पीएसी के साथ मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों के समझाने व मांग पूरी होने के आश्वासन देकर जाम खत्म कराया। करीब घंटे भर बाद जाम खत्म होने पर परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए निकले। भारी पुलिस बल के बीच दोपहर बाद गांव में ही शव का अंतिम संस्कार किया गया तो परिजनों ने राहत की सांस ली। उधर, घटना के दूसरे दिन भी पुलिस फरार चल रहे हत्यारोपी कमलापति को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। सीओ, लालगंज विक्रमराम प्रेमी का कहना है कि जाम लगाए परिजनों को समझाकर शव का अंतिम संस्कार करा दिया गया है। सबकुछ सामान्य है, एहतियातन पुलिस की तैनाती गांव में की गई है। हत्यारोपी के शस्त्र लाइसेंस को निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। दिल्ली से लाइसेंस निर्गत होने के कारण इसे वहां का प्रशासन ही निरस्त कर सकेगा।
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उदयपुर थाना क्षेत्र के पूरे बेनी नसीरपुर में शिक्षक नंदलाल तिवारी के बेटे विकास तिवारी की जमीनी विवाद में बुधवार गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना में पड़ोस के त्रियुगी नारायण पांडेय उर्फ राजा, कमलापति तिवारी, पशुपति पांडेय व अभिमन्यू पांडेय के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजने के साथ ही मृतक के शव को पीएम के लिए भेज दिया था। मौके पर कई थानों की फोर्स को प्रशासन ने तैनात कर दिया था। घटना के दूसरे दिन गुरुवार को मृतक का शव घर पहुंचा तो परिजनाें में आक्रोश पनप उठा। शस्त्र लाइसेंस और विवादित बाउंड्री वाल बनवाए जाने की मांग को लेकर परिजनों ने ट्रैक्टर व लकड़ी रखकर रोड जाम कर दिया।
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परिजनों की मांग थी कि जब तक उनकी दोनों मांगे पूरी नहीं होती तब तक वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। इसकी जानकारी मिलने पर एसडीएम राजेंद्र प्रसाद तिवारी व सीओ विक्रमराम प्रेमी महिला पुलिस, क्यूआरटी व पीएसी के साथ मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों के समझाने व मांग पूरी होने के आश्वासन देकर जाम खत्म कराया। करीब घंटे भर बाद जाम खत्म होने पर परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए निकले। भारी पुलिस बल के बीच दोपहर बाद गांव में ही शव का अंतिम संस्कार किया गया तो परिजनों ने राहत की सांस ली। उधर, घटना के दूसरे दिन भी पुलिस फरार चल रहे हत्यारोपी कमलापति को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। सीओ, लालगंज विक्रमराम प्रेमी का कहना है कि जाम लगाए परिजनों को समझाकर शव का अंतिम संस्कार करा दिया गया है। सबकुछ सामान्य है, एहतियातन पुलिस की तैनाती गांव में की गई है। हत्यारोपी के शस्त्र लाइसेंस को निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। दिल्ली से लाइसेंस निर्गत होने के कारण इसे वहां का प्रशासन ही निरस्त कर सकेगा।
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