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पुलिस व वकील आमने-सामने, टला टकराव
कौशाम्बी ब्यूरो
Updated Wed, 04 Jan 2017 12:37 AM IST
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वकीलों के जोरदार विरोध के बाद भी तहसील दिवस सकुशल संपन्न हुआ। गेट पर तालाबंदी कर अधिकारियों को घुसने नहीं दिया जा रहा था। कुछ देर बाद भारी फोर्स के साथ अधिकारी आखिरकार जबरन भीतर दाखिल हो गए। इससे वकील और पुलिसकर्मी आमने-सामने हो गए, लेकिन टकराव टल गया। संघ के अध्यक्ष को जेल भेजने से बीते आठ दिनों से तहसील के अधिवक्ता हड़ताल पर चल रहे हैं।
लालगंज के तहसीलदार ठाकुर प्रसाद से मारपीट के आरोप में संयुक्त अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राव वीरेंद्र सिंह को पुलिस ने सप्ताह भर पहले जेल भेज दिया। साथी को जेल से रिहा करने और तहसीलदार को निलंबित करने की मांग को लेकर बीते आठ दिनों से वकील तहसील के कार्यालयों में तालाबंदी कर प्रशासनिक अधिकारियों का विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। मांग पूरी नहीं होने तक तहसील परिसर में अधिकारियों को नहीं घुसने देने का ऐलान करते हुए लगातार तालाबंदी कर वकीलों ने प्रतिदिन विरोध प्रदर्शन जारी रखा। सप्ताह भर से कार्यालयों से बाहर रहे तहसील के अधिकारियों के सामने मंगलवार को तहसील दिवस संपन्न कराना चुनौती था।
इसके लिए वकील व पुलिस प्रशासन ने अपनी तरफ से पूरी तैयारी कर रखी थी। सुबह होते ही वकीलों ने तहसील के गेट पर ताला जड़ कर अफसरों व कर्मचारियों को भीतर जाने से रोक दिया। अधिकारियों ने वकीलों से तहसील दिवस संपन्न करने में सहयोग मांगा तो उन्होने इनकार कर दिया। कोई रास्ता नहीं निकलते देख तहसील प्रशासन ने भारी मात्रा में पुलिस व पीएसी को बुला लिया। इससे वकीलों में आक्रोश पनप उठा, लेकिन अफसरों ने दो टूक कह दिया कि तहसील दिवस हर हाल में आयोजित होगा। प्रशासन कर रुख देख करीब घंटे भर गतिरोध के बाद वकीलों ने एसडीएम, तहसीलदार व नायब तहसीलदार को भीतर नहीं घुसने देने की शर्त पर गेट से हट गए। लेकिन प्रशासन ने वकीलाें की शर्त को दरकिनार कर नायब तहसीलदार को लेकर भीतर दाखिल हो तहसील दिवस शुरू करा दिया। कुछ देर बाद अपर जिलाधिकारी व अपर पुलिस अधीक्षक भी पहुंच गए। वकील तहसील दिवस का बहिष्कार कर बाहर धरने पर बैठ गए। एक तरफ तहसील दिवस चल रहा था तो दूसरी ओर धरना प्रदर्शन कर रहे वकील पुलिस प्रशासन के विरोध में नारेबाजी करते रहे। तनाव देख अनहोनी की आशंका के चलते फरियादी दूरी बनाए रहे जिससे तहसील दिवस में महज 11 शिकायतें आईं। अधिकारियों ने शिकायतें सुनकर निराकरण के लिए कर्मचारियों को निर्देश दिया।
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लालगंज के तहसीलदार ठाकुर प्रसाद से मारपीट के आरोप में संयुक्त अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राव वीरेंद्र सिंह को पुलिस ने सप्ताह भर पहले जेल भेज दिया। साथी को जेल से रिहा करने और तहसीलदार को निलंबित करने की मांग को लेकर बीते आठ दिनों से वकील तहसील के कार्यालयों में तालाबंदी कर प्रशासनिक अधिकारियों का विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। मांग पूरी नहीं होने तक तहसील परिसर में अधिकारियों को नहीं घुसने देने का ऐलान करते हुए लगातार तालाबंदी कर वकीलों ने प्रतिदिन विरोध प्रदर्शन जारी रखा। सप्ताह भर से कार्यालयों से बाहर रहे तहसील के अधिकारियों के सामने मंगलवार को तहसील दिवस संपन्न कराना चुनौती था।
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इसके लिए वकील व पुलिस प्रशासन ने अपनी तरफ से पूरी तैयारी कर रखी थी। सुबह होते ही वकीलों ने तहसील के गेट पर ताला जड़ कर अफसरों व कर्मचारियों को भीतर जाने से रोक दिया। अधिकारियों ने वकीलों से तहसील दिवस संपन्न करने में सहयोग मांगा तो उन्होने इनकार कर दिया। कोई रास्ता नहीं निकलते देख तहसील प्रशासन ने भारी मात्रा में पुलिस व पीएसी को बुला लिया। इससे वकीलों में आक्रोश पनप उठा, लेकिन अफसरों ने दो टूक कह दिया कि तहसील दिवस हर हाल में आयोजित होगा। प्रशासन कर रुख देख करीब घंटे भर गतिरोध के बाद वकीलों ने एसडीएम, तहसीलदार व नायब तहसीलदार को भीतर नहीं घुसने देने की शर्त पर गेट से हट गए। लेकिन प्रशासन ने वकीलाें की शर्त को दरकिनार कर नायब तहसीलदार को लेकर भीतर दाखिल हो तहसील दिवस शुरू करा दिया। कुछ देर बाद अपर जिलाधिकारी व अपर पुलिस अधीक्षक भी पहुंच गए। वकील तहसील दिवस का बहिष्कार कर बाहर धरने पर बैठ गए। एक तरफ तहसील दिवस चल रहा था तो दूसरी ओर धरना प्रदर्शन कर रहे वकील पुलिस प्रशासन के विरोध में नारेबाजी करते रहे। तनाव देख अनहोनी की आशंका के चलते फरियादी दूरी बनाए रहे जिससे तहसील दिवस में महज 11 शिकायतें आईं। अधिकारियों ने शिकायतें सुनकर निराकरण के लिए कर्मचारियों को निर्देश दिया।
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