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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   a narrow escape for intercity express

फिर टला हादसा, क्रेन से टकराने से बची इंटरसिटी एक्सप्रेस

Sun, 10 Sep 2017 11:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़ Updated Sun, 10 Sep 2017 11:47 PM IST
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 दांदूपुर के पास एक बार फिर बड़ा रेल हादसा टल गया। बनारस से लखनऊ जा रही इंटरसिटी एक्सप्रेस इलेक्ट्रिक लाइन बिछाने में मदद कर रहे क्रेन से टकराने से बाल-बाल बच गई। चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया। क्रेन के हटने के बाद वह इसकी जानकारी स्टेशन मास्टर दांदूपुर के साथ कंट्रोल को दी। हालांकि क्रेन आगे आने की बात से स्टेशन मास्टर इनकार कर रहे हैं।
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इन दिनों दादूपुर आमापुर बोर्रा मार्ग के करीब पोल संख्या 175 सी के पास इलेक्ट्रिफिकेशन के लिए तार बिछाने का कार्य चल रहा है। शुक्रवार की देर रात कार्य चल रहा था। तभी बनारस से लखनऊ जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस पहुंच गई। पोल संख्या 175 सी के पास क्रेन का कुछ हिस्सा ट्रैक पर दिखाई पड़ रहा था। इस पर चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दी। तत्काल इसकी जानकारी स्टेशन मास्टर दांदूपुर के साथ कंट्रोल और आरपीएफ को दी।  
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प्रतापगढ़ से बनकर चलने वाली ट्रेनों की बोगियों की मरम्मत नहीं हो पा रही है। दरअसल बेल्हा में वाशिग लाइन की व्यवस्था नहीं है। चार और पांच नंबर लाइन को ही वाशिंग लाइन बना दिया गया है। इस लाइन पर पानी भरा रहता है। ट्रेनों की सफाई के बाद ट्रैक पर मलबा पड़ा रहता है। ऐसे में ट्रेन के पहियों से लेकर नीचे के हिस्सों में आने वाली खामियों की बारे में जानकारी नहीं हो पाती है। न ही उसे दुरुस्त किया जाता है। रामभरोसे ट्रेनों को रवाना कर दिया जाता है। इससे हादसे का भय बना रहता है। निरीक्षण करने आए डीआरएम का भी ध्यान इस समस्या की ओर नहीं पड़ा।
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प्रतापगढ़ से आधा दर्जन ट्रेनें संचालित की जाती हैं। लौटने पर उन्हें प्लेटफार्म नम्बर तीन और उसके बगल के पांच नंबर लाइन पर खड़ा किया जाता है। चार और पांच नंबर पटरी पर ट्रेनों की धुलाई और सफाई की जाती है। दोनों पटरियों पर बड़ी-बड़ी घासें उगी हैं। जलनिकासी की व्यवस्था न होने के कारण ट्रैक पर भी पानी जमा है। पटरियां धंसती जा रही हैं। प्लेटफार्म नंबर तीन के ट्रैक से गिट्टियां गायब हो गई हैं और मलबे से ट्रैक पटा हुआ है। ऐसे में प्रतापगढ़ से बनकर चलने वाली प्रतापगढ़-कानपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस, पद्मावत एक्सप्रेस, भोपाल एक्सप्रेस, उद्योगनगरी,  प्रतापगढ़- लखनऊ लिंक, प्रतापगढ़-बनारस पैसेंजर समेत आधा दर्जन ट्रेनों की बोगियों की खामियों को रेलवे के कर्मचारी और अफसर दूर नहीं करवा पा रहे हैं। एक्सप्रेस ट्रेनों में भी केवल एसी कोच पर ही ध्यान दिया जा रहा है। वाशिंग लाइन न होने के कारण भी दिक्कत आ रही है। पटरी नंबर चार पर मलबा जमा है तो पांच नंबर पर पानी भरा है। इसके चलते कोई भी कर्मचारी नीचे फॉल्ट नहीं देख पाता है। बोगी के नीचे पहिया के पास खड़े होना भी मुश्किल है।

 
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