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Pratapgarh News: सई नदी में नहाने गए सगे भाई समेत मौसेरे भाई की डूबने से मौत
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रानीगंज थाना क्षेत्र के मऊ में बुधवार सुबह ननिहाल आए सगे भाई समेत मौसेरे भाई सई नदी में नहाने के दौरान गहरे पानी में डूब गए। काफी देर तक तीनों के घर नहीं लौटने पर परिजन खोजबीन करने लगे। बाद में तीनों का शव नदी से बरामद किया गया। सूचना मिलने पर पुलिस भी पहुंच गई। देर रात पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के लिए परिजनों से बातचीत करती रही, लेकिन वे देर शव लेकर घर चले गए।
लीलापुर थाना क्षेत्र के तेलियाही निवासी धीरज दुबे की पत्नी सीमा दुबे पांच दिन पहले बेटे आदर्श दुबे (14) व आदित्य दुबे (12) को लेकर मऊ भाई संजय तिवारी के घर आईं। उनके आने की खबर सुनकर कंधई के कांपा की रहने वाली उनकी बहन संगीता भी मंगलवार को छोटे बेटे शिवम (16) को लेकर मायके आ गईं। बुधवार सुबह करीब नौ बजे आदर्श, आदित्य और शिवम घर से कुछ दूर क्रिकेट खेलने चले गए। परिवार के लोग भी दूसरे काम में व्यस्त रहे।
कुछ देर बाद तीनों को न देख परिजन उनकी खोजबीन करने लगे। तीनों किशोरों के गायब होने पर खोजबीन के दौरान सई नदी के किनारे कपड़े व चप्पल देख परिजन अनहोनी की आशंका जताते हुए रोने-बिलखने लगे। ग्रामीण नदी में उनकी खोजबीन करने लगे। इस बीच नदी के कुंड में आदर्श व आदित्य का शव मिल गया। यह देख परिजन रोने-बिलखने लगे। सूचना मिलने पर रानीगंज थानाध्यक्ष आदित्य सिंह भी मौके पर पहुंचे। कुछ देर बाद नदी के कुंड में बांस के सहारे शिवम का शव भी लोगों ने खोज निकाला। एक साथ तीन किशोरों की मौत से हर किसी की आंखें नम हो गईं। थानाध्यक्ष आदित्य सिंह ने बताया कि सगे मृतक भाइयों के पिता धीरज का इंतजार किया जा रहा है। लखनऊ से आने के बाद ही आगे कार्रवाई की जाएगी।
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मऊ से लेकर तेलियाही व कांपा तक मचा रहा कोहराम
रानीगंज थाना क्षेत्र के मऊ ननिहाल आए तीन किशोरों की सई नदी में डूबने से मौत तीन गांवों में मातम मसर गया। हर कोई घटनास्थल की ओर दौड़ पड़ा। रोते-बिलखते परिजनों को लोग संभालते रहे। जैसे ही धीरज के दोनों बेटे आदर्श, आदित्य के मौत की खबर तेलियाही में रहने वाले परिजनों को हुई सभी के पैरों तले जमीन खिसक गई। किसी को हादसे पर यकीन ही नहीं हो रहा था।
लखनऊ में प्राइवेट नौकरी कर रहे धीरज को भी सहसा विश्वास नहीं हुआ। बुधवार सुबह पत्नी व बच्चों से बातचीत करने वाले धीरज को अपने कलेजे के टुकड़ों के यूं बिछड़ने का भरोसा नहीं हो रहा था। वह फोन पर ही फूट-फूटकर रोते रहे। तेलियाही वाले घर में भी मातम पसरा रहा। यही हाल शिवम के घर कांपा में भी रहा। घटना की जानकारी के बाद शिवम के बड़े भाई सत्यम को लेकर परिजन मऊ पहुंचे। वह अपने भाई का शव देख रोने-बिलखने लगा। मृतक आदर्श कक्षा नौ व आदित्य कक्षा छह के छात्र थे। वहीं मौसेरा भाई शिवम कक्षा 10 का छात्र था।
अरे भैया घर का चिरगवा तौ बुझि गएन, अब कैसे रहबय हम...
शिवगढ़। रानीगंज थाना क्षेत्र के मऊ में ननिहाल आए तीनों किशोरों की मौत ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। मऊ गांव निवासी संजय तिवारी की बहन सीमा पांच दिन पहले अपने दोनों बेटे आदर्श और आदित्य के साथ आ गईं। इस बीच उसने कंधई थाना क्षेत्र के किशनगंज कांपा में रहने वाली बहन संगीता से बात कर आने को कहा।
संगीता भी अपने बेटे शिवम पांडेय को लेकर मंगलवार मायके आ गई। घर के करीब ही गांव के बच्चे क्रिकेट खेलते हैं। जहां आदर्श व आदित्य के साथ शिवम भी चला गया। कलेजे के टुकड़ाें की मौत से दोनों सगी बहनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। दोनों बहने रोते हुए अपने बच्चों का शव देख बेहोश हो जाती रहीं। सीमा होश में आते ही कहने लगती अरे भैया घर के चिरगवा तौ बुझि गवा। अब कैसे वह रहबय रमवा।
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लीलापुर थाना क्षेत्र के तेलियाही निवासी धीरज दुबे की पत्नी सीमा दुबे पांच दिन पहले बेटे आदर्श दुबे (14) व आदित्य दुबे (12) को लेकर मऊ भाई संजय तिवारी के घर आईं। उनके आने की खबर सुनकर कंधई के कांपा की रहने वाली उनकी बहन संगीता भी मंगलवार को छोटे बेटे शिवम (16) को लेकर मायके आ गईं। बुधवार सुबह करीब नौ बजे आदर्श, आदित्य और शिवम घर से कुछ दूर क्रिकेट खेलने चले गए। परिवार के लोग भी दूसरे काम में व्यस्त रहे।
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कुछ देर बाद तीनों को न देख परिजन उनकी खोजबीन करने लगे। तीनों किशोरों के गायब होने पर खोजबीन के दौरान सई नदी के किनारे कपड़े व चप्पल देख परिजन अनहोनी की आशंका जताते हुए रोने-बिलखने लगे। ग्रामीण नदी में उनकी खोजबीन करने लगे। इस बीच नदी के कुंड में आदर्श व आदित्य का शव मिल गया। यह देख परिजन रोने-बिलखने लगे। सूचना मिलने पर रानीगंज थानाध्यक्ष आदित्य सिंह भी मौके पर पहुंचे। कुछ देर बाद नदी के कुंड में बांस के सहारे शिवम का शव भी लोगों ने खोज निकाला। एक साथ तीन किशोरों की मौत से हर किसी की आंखें नम हो गईं। थानाध्यक्ष आदित्य सिंह ने बताया कि सगे मृतक भाइयों के पिता धीरज का इंतजार किया जा रहा है। लखनऊ से आने के बाद ही आगे कार्रवाई की जाएगी।
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मऊ से लेकर तेलियाही व कांपा तक मचा रहा कोहराम
रानीगंज थाना क्षेत्र के मऊ ननिहाल आए तीन किशोरों की सई नदी में डूबने से मौत तीन गांवों में मातम मसर गया। हर कोई घटनास्थल की ओर दौड़ पड़ा। रोते-बिलखते परिजनों को लोग संभालते रहे। जैसे ही धीरज के दोनों बेटे आदर्श, आदित्य के मौत की खबर तेलियाही में रहने वाले परिजनों को हुई सभी के पैरों तले जमीन खिसक गई। किसी को हादसे पर यकीन ही नहीं हो रहा था।
लखनऊ में प्राइवेट नौकरी कर रहे धीरज को भी सहसा विश्वास नहीं हुआ। बुधवार सुबह पत्नी व बच्चों से बातचीत करने वाले धीरज को अपने कलेजे के टुकड़ों के यूं बिछड़ने का भरोसा नहीं हो रहा था। वह फोन पर ही फूट-फूटकर रोते रहे। तेलियाही वाले घर में भी मातम पसरा रहा। यही हाल शिवम के घर कांपा में भी रहा। घटना की जानकारी के बाद शिवम के बड़े भाई सत्यम को लेकर परिजन मऊ पहुंचे। वह अपने भाई का शव देख रोने-बिलखने लगा। मृतक आदर्श कक्षा नौ व आदित्य कक्षा छह के छात्र थे। वहीं मौसेरा भाई शिवम कक्षा 10 का छात्र था।
अरे भैया घर का चिरगवा तौ बुझि गएन, अब कैसे रहबय हम...
शिवगढ़। रानीगंज थाना क्षेत्र के मऊ में ननिहाल आए तीनों किशोरों की मौत ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। मऊ गांव निवासी संजय तिवारी की बहन सीमा पांच दिन पहले अपने दोनों बेटे आदर्श और आदित्य के साथ आ गईं। इस बीच उसने कंधई थाना क्षेत्र के किशनगंज कांपा में रहने वाली बहन संगीता से बात कर आने को कहा।
संगीता भी अपने बेटे शिवम पांडेय को लेकर मंगलवार मायके आ गई। घर के करीब ही गांव के बच्चे क्रिकेट खेलते हैं। जहां आदर्श व आदित्य के साथ शिवम भी चला गया। कलेजे के टुकड़ाें की मौत से दोनों सगी बहनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। दोनों बहने रोते हुए अपने बच्चों का शव देख बेहोश हो जाती रहीं। सीमा होश में आते ही कहने लगती अरे भैया घर के चिरगवा तौ बुझि गवा। अब कैसे वह रहबय रमवा।