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Pratapgarh News: कोर्ट ने आरसी भुगतान नोटिस को किया निरस्त, वादी को मिलेगी क्षतिपूर्ति
Wed, 26 Nov 2025 11:36 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Updated Wed, 26 Nov 2025 11:36 PM IST
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स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष रामनारायण, सदस्य शशिकांत, सदस्य सुमन पांडेय की कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए लगभग 74 हजार रुपये की आरसी भुगतान को तत्काल निरस्त करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने आदेश में कहा है कि वादी पक्ष को शारीरिक, मानसिक क्षतिपूर्ति के लिए करीब 20 हजार रुपये दिया जाए।
कंधई थाना क्षेत्र के किशुनगंज निवासी वादी इंसान अली ने स्थायी लोक अदालत में वाद प्रस्तुत कर बताया कि उसने कई साल पहले विद्युत निगम के कार्यालय में दो हजार रुपये का भुगतान जमा कर बिजली का कनेक्शन लिया था। वादी की ओर से बिजली उपभोग करते हुए बिल भुगतान समय-समय पर किया गया।
13 नवंबर 2019 को अधीक्षण अभियंता की ओर से आरसी जारी कर वादी को नोटिस से बताया गया कि उसे लगभग 74 हजार का भुगतान जमा करना है। कोर्ट ने दोनों पक्ष की सुनवाई के बाद आदेश में कहा है कि वादी पक्ष का लगभग 74 हजार रुपये बकाया भुगतान तत्काल निरस्त कर किया जाए। अधीक्षण अभियंता, एसडीओ गड़वारा और पट्टी तहसीलदार से कहा है कि आदेश की तिथि से दो माह के भीतर शारीरिक एवं मानसिक खर्च के रूप में 10 हजार रुपये वादी को प्रदान किया जाए। कोर्ट के आदेश का अनुपालन समय से न किए जाने पर चेतावनी दी गई है कि छह प्रतिशत ब्याज के साथ 20 हजार रुपये का भुगतान वादी को करना होगा।
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कंधई थाना क्षेत्र के किशुनगंज निवासी वादी इंसान अली ने स्थायी लोक अदालत में वाद प्रस्तुत कर बताया कि उसने कई साल पहले विद्युत निगम के कार्यालय में दो हजार रुपये का भुगतान जमा कर बिजली का कनेक्शन लिया था। वादी की ओर से बिजली उपभोग करते हुए बिल भुगतान समय-समय पर किया गया।
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13 नवंबर 2019 को अधीक्षण अभियंता की ओर से आरसी जारी कर वादी को नोटिस से बताया गया कि उसे लगभग 74 हजार का भुगतान जमा करना है। कोर्ट ने दोनों पक्ष की सुनवाई के बाद आदेश में कहा है कि वादी पक्ष का लगभग 74 हजार रुपये बकाया भुगतान तत्काल निरस्त कर किया जाए। अधीक्षण अभियंता, एसडीओ गड़वारा और पट्टी तहसीलदार से कहा है कि आदेश की तिथि से दो माह के भीतर शारीरिक एवं मानसिक खर्च के रूप में 10 हजार रुपये वादी को प्रदान किया जाए। कोर्ट के आदेश का अनुपालन समय से न किए जाने पर चेतावनी दी गई है कि छह प्रतिशत ब्याज के साथ 20 हजार रुपये का भुगतान वादी को करना होगा।
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