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कोरोना संक्रमित शिक्षक और शिक्षिका ने तोड़ा दम
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शनिवार को कोरोना को लेकर राहत भरी खबर है। जहां प्रतिदिन पांच से सात मरीजों की जान जा रही थी। चार सौ से अधिक कोरोना संक्रमित मरीज मिल रहे थे वहीं शनिवार को महज कुंडा के शिक्षक और आसपुर देवसरा स्थित एक प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका ने दम तोड़ दिया। 98 नए कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं।
कुंडा के मोती का पुरवा स्थित एक प्राथमिक विद्वालय के शिक्षक तो आसपुर देवसरा स्थित उदईशाहपुर प्राथमिक विद्वालय की शिक्षिका कोरोना के जद में आ गई थी। इलाज के दौरान दोनों दम तोड़ दिये।
राहत भरी बात यह है कि शनिवार को 24 घंटे के भीतर महज 98 कोरोना संक्रमित मरीज स्वास्थ्य विभाग के जांच में पुष्ट हुए हैं। वहीं जिला अस्पताल में करीब सात कोरोना संदिग्ध मरीजों ने भी दम तोड़ा है। मगर कोरोना जांच न होने के कारण पुष्टी नहीं हो पा रही है। जिले में अब कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 13875 पहुंच गई है। इनमें 10033 लोग स्वस्थ्य हो चुुुके हैं।
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मौत के बाद जांच नहीं करा रहा स्वास्थ्य महकमा
कोरोना संदिग्धों के मौत के बाद उनका कोबिड जांच कराना स्वास्थ्य विभाग उचित नहीं समझ रहा है। जबकि इससे कोरोना का संक्रमण फैलने का खतरा और बढ़ता ही जा रहा है। मृतक के अंतिमसंस्कार के उसके परिवार के साथ गांव और नात रिश्तेदार तक शामिल हो रहे हैं।
मगर जिम्मेदार जांच कराना उचित नहीं समझ रहे हैं। जब कम संक्रमित मिल रहे थे और मृत्युदर नाम मात्र की थी तब कोरोना के संदिग्ध मरीजों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग जांच कराया करता था। इस मामले में डिप्टी सीएमओ एसके सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी बातों पर लोग मारपीट पर आमद हो जाते हैं। जांच कराने को कहा जाता है मगर कोई तैयार नहीं होता है।
अब 45 पार वालों के लिए पंजीकरण अनिवार्य
निजी अस्पताल में कोरोना टीकाकरण बंद कर दिया गया है। सरकारी अस्पतालों में पहली डोज लेने वाले 45 का पड़ाव पार कर चुके लोगों को लोकवाड़ी केंद्रों पर जाकर पहले पंजीयन कराना होगा। इसके बाद उन्हें टीका का खुराक दिया जाएगा। अब अस्पताल में पंजीयन नहीं किया जाएगा। नए नियमों से लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
सोमवार दस मई से कोरोना का टीका लगवाने वाले 45 और 60 साल से अधिक आयु के लोगों को पहले नजदीकी जनसेवा केंद्र पर जाना होगा। यहां कोविन पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। इसके बाद आधार कार्ड साथ में लेकर टीका लगवाने के लिए बूथ पर जाना होगा।
पंजीयन के साथ आधार कार्ड देखने के बाद हेल्थ वर्कर टीका लगाएंग। जबकि अब तक बूथ पर ही पंजीयन हो जाता था। तत्काल टीका लगा दिया जाता था। मगर अब ऐसा नहीं होगा। जिला सहायक प्रतिरक्षाधिकारी महेश सिंह ने बताया कि बगैर ऑनलाइन आवेदन के टीका नहीं लगाया जाएगा।
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कुंडा के मोती का पुरवा स्थित एक प्राथमिक विद्वालय के शिक्षक तो आसपुर देवसरा स्थित उदईशाहपुर प्राथमिक विद्वालय की शिक्षिका कोरोना के जद में आ गई थी। इलाज के दौरान दोनों दम तोड़ दिये।
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राहत भरी बात यह है कि शनिवार को 24 घंटे के भीतर महज 98 कोरोना संक्रमित मरीज स्वास्थ्य विभाग के जांच में पुष्ट हुए हैं। वहीं जिला अस्पताल में करीब सात कोरोना संदिग्ध मरीजों ने भी दम तोड़ा है। मगर कोरोना जांच न होने के कारण पुष्टी नहीं हो पा रही है। जिले में अब कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 13875 पहुंच गई है। इनमें 10033 लोग स्वस्थ्य हो चुुुके हैं।
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मौत के बाद जांच नहीं करा रहा स्वास्थ्य महकमा
कोरोना संदिग्धों के मौत के बाद उनका कोबिड जांच कराना स्वास्थ्य विभाग उचित नहीं समझ रहा है। जबकि इससे कोरोना का संक्रमण फैलने का खतरा और बढ़ता ही जा रहा है। मृतक के अंतिमसंस्कार के उसके परिवार के साथ गांव और नात रिश्तेदार तक शामिल हो रहे हैं।
मगर जिम्मेदार जांच कराना उचित नहीं समझ रहे हैं। जब कम संक्रमित मिल रहे थे और मृत्युदर नाम मात्र की थी तब कोरोना के संदिग्ध मरीजों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग जांच कराया करता था। इस मामले में डिप्टी सीएमओ एसके सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी बातों पर लोग मारपीट पर आमद हो जाते हैं। जांच कराने को कहा जाता है मगर कोई तैयार नहीं होता है।
अब 45 पार वालों के लिए पंजीकरण अनिवार्य
निजी अस्पताल में कोरोना टीकाकरण बंद कर दिया गया है। सरकारी अस्पतालों में पहली डोज लेने वाले 45 का पड़ाव पार कर चुके लोगों को लोकवाड़ी केंद्रों पर जाकर पहले पंजीयन कराना होगा। इसके बाद उन्हें टीका का खुराक दिया जाएगा। अब अस्पताल में पंजीयन नहीं किया जाएगा। नए नियमों से लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
सोमवार दस मई से कोरोना का टीका लगवाने वाले 45 और 60 साल से अधिक आयु के लोगों को पहले नजदीकी जनसेवा केंद्र पर जाना होगा। यहां कोविन पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। इसके बाद आधार कार्ड साथ में लेकर टीका लगवाने के लिए बूथ पर जाना होगा।
पंजीयन के साथ आधार कार्ड देखने के बाद हेल्थ वर्कर टीका लगाएंग। जबकि अब तक बूथ पर ही पंजीयन हो जाता था। तत्काल टीका लगा दिया जाता था। मगर अब ऐसा नहीं होगा। जिला सहायक प्रतिरक्षाधिकारी महेश सिंह ने बताया कि बगैर ऑनलाइन आवेदन के टीका नहीं लगाया जाएगा।