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स्वास्थ्य विभाग की आंखों में धूल झोंक रहा कोरोना संक्रमित
Sun, 17 May 2020 11:29 PM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 17 May 2020 11:29 PM IST
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कोरोना वायरस
- फोटो : Amar Ujala
स्वास्थ्य विभाग की आंखों में कोरोना संक्रमित धूल झोंक रहा है। मुंबई से श्रमिक स्पेशल ट्रेन से बेल्हा पहुंचा संक्रमित युवक गायब है। मोबाइल पर काल रिसीव नहीं कर रहा है। इससे लोगों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं। 11 मई को मुंबई स्पेशल ट्रेन से उतरने के बाद उसे क्वारंटाइन कराया गया था। 30 घंटे बाद भी उसे खोज पाने में नाकाम स्वास्थ्य विभाग अब पुलिस की मदद लेने की तैयारी कर रही है।
जिले में 11 मई को मुंबई के धारावी से आए प्रवासी मजदूर को प्रशासन ने जयमंगल सिंह कालेज में क्वारंटीन कराया था। वहां संदिग्ध लोगों का कोरोना सैंपल लिया गया था। बाद में सभी को घर भेज दिया गया। शनिवार को पहली पाली में जो रिपोर्ट आई थी। उसमे 6 लोग कोरोना संक्रमित निकले थे।
जिसमें से एक का पता नहीं चल रहा है। उसने जो मोबाइल नंबर दर्ज कराया था। उस पर काल जा रही है लेकिन वह फोन उठा नहीं रहा है। दो डाक्टरों को उससे बातचीत कर उसका सही पता ठिकाना खोजने में लगाया गया। दूसरे दिन भी उसका कोई सुराग स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी नहीं लगा सके। 30 घंटे से परेशान स्वास्थ्य विभाग को राहत नहीं मिली।
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जिसके बाद उस तक पहुंचने के लिए अब पुलिस की मदद लेने की तैयारी की जा रही है। सीएमओ डा. अरविंद श्रीवास्तव ने बताया कि संक्रमित युवक के काल रिसीव न करने से बाद में अधिक समस्या पैदा हो सकती है।
यदि वह सामाजिक दूरी नहीं बना रहा होगा तो दूसरे लोगों को भी संक्रमित कर सकता है। पुलिस को उसका नंबर देकर खोजबीन की जाएगी। ताकि उसे उपचार के लिए ट्रामा सेंटर भेजा जा सके।
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जिले में 11 मई को मुंबई के धारावी से आए प्रवासी मजदूर को प्रशासन ने जयमंगल सिंह कालेज में क्वारंटीन कराया था। वहां संदिग्ध लोगों का कोरोना सैंपल लिया गया था। बाद में सभी को घर भेज दिया गया। शनिवार को पहली पाली में जो रिपोर्ट आई थी। उसमे 6 लोग कोरोना संक्रमित निकले थे।
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जिसमें से एक का पता नहीं चल रहा है। उसने जो मोबाइल नंबर दर्ज कराया था। उस पर काल जा रही है लेकिन वह फोन उठा नहीं रहा है। दो डाक्टरों को उससे बातचीत कर उसका सही पता ठिकाना खोजने में लगाया गया। दूसरे दिन भी उसका कोई सुराग स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी नहीं लगा सके। 30 घंटे से परेशान स्वास्थ्य विभाग को राहत नहीं मिली।
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जिसके बाद उस तक पहुंचने के लिए अब पुलिस की मदद लेने की तैयारी की जा रही है। सीएमओ डा. अरविंद श्रीवास्तव ने बताया कि संक्रमित युवक के काल रिसीव न करने से बाद में अधिक समस्या पैदा हो सकती है।
यदि वह सामाजिक दूरी नहीं बना रहा होगा तो दूसरे लोगों को भी संक्रमित कर सकता है। पुलिस को उसका नंबर देकर खोजबीन की जाएगी। ताकि उसे उपचार के लिए ट्रामा सेंटर भेजा जा सके।