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Pratapgarh News: बढ़ी ठंड, दिन और रात का तापमान भी लुढ़का
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पछुआ हवाओं ने ठंड फिर से बढ़ा दी है। दिन व रात का तापमान लुढ़कने से लोग कंपकंपाने लगे। बीते दो दिनों से मौसम में हुए बदलाव के बाद लोगों ने ठंड से बचाव के लिए फिर से गर्म कपड़ों का सहारा लिया। ठंड बढ़ने पर सुबह व शाम हीटर व ब्लोअर जलाया। मौसम विभाग ने तापमान में और कमी आने के आसार जताए हैं।
शुक्रवार के सापेक्ष शनिवार को अधिकतम और न्यूनतम में गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार देररात तक सर्द हवाएं लोगों को कंपकंपाती रहीं। ग्रामीण अंचलों में लोगों ने अलाव का सहारा लिया। अधिकतम तापमान 0.5 डिग्री सेल्सियस कम होकर 23.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। जबकि न्यूनतम तापमान में 1.5 डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई।
रात का तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। पछुआ हवाओं ने रातों को सर्द कर दिया। सुबह लोगों को गलन का एहसास हुआ। हाथ व पैर ठिठुरे। सुबह सूर्य देव की किरणें धरती पहुंची तो लोेगों को कुछ हद तक राहत मिली।
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सनई अनुसंधान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक विनय सिंह ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण तापमान में गिरावट आई है। पहाड़ों पर हुई बर्फबारी के कारण ठंड फिर से लौट आई है। फसल के लिए मौसम का बदलाव नुकसानदायक साबित हो रहा है। नमी कम होने से फसल की सिंचाई अधिक करनी पड़ेगी।
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शुक्रवार के सापेक्ष शनिवार को अधिकतम और न्यूनतम में गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार देररात तक सर्द हवाएं लोगों को कंपकंपाती रहीं। ग्रामीण अंचलों में लोगों ने अलाव का सहारा लिया। अधिकतम तापमान 0.5 डिग्री सेल्सियस कम होकर 23.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। जबकि न्यूनतम तापमान में 1.5 डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई।
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रात का तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। पछुआ हवाओं ने रातों को सर्द कर दिया। सुबह लोगों को गलन का एहसास हुआ। हाथ व पैर ठिठुरे। सुबह सूर्य देव की किरणें धरती पहुंची तो लोेगों को कुछ हद तक राहत मिली।
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सनई अनुसंधान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक विनय सिंह ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण तापमान में गिरावट आई है। पहाड़ों पर हुई बर्फबारी के कारण ठंड फिर से लौट आई है। फसल के लिए मौसम का बदलाव नुकसानदायक साबित हो रहा है। नमी कम होने से फसल की सिंचाई अधिक करनी पड़ेगी।