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Pratapgarh News: ठंड बनी काल, तीन दिन के भीतर छह लोगों की गई जान
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ठंड कहर बरपा रही है। ठंड ने तीन दिन के भीतर छह लोगों की जान ले ली। दमा, हृदय और ब्रेन स्ट्रोक के रोगियों से मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी से लेकर मेडिकल वार्ड फुल हो गया है। 24 घंटे के भीतर 18 मरीज भर्ती हुए हैं। जिनकी सांसों को बचाने के लिए चिकित्सकों ने ऑक्सीजन लगा रखा है।
राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय के इमरजेंसी से लेकर मेडिकल वार्ड फुल हैं। रात में मरीजों की संख्या एकाएक बढ़ने लगती है। सुबह हालत में सुधार होने पर मरीज डिस्चार्ज होकर घर चले जाते हैं। विभाग के रिकार्ड पर गौर करें तो 24 घंटे के भीतर दमा, हृदयरोगी और ब्रेन स्ट्रोक के 18 मरीज भर्ती हुए हैं। जिन्हें ऑक्सीजन पर रखकर उपचार किया जा रहा है। वहीं तीन दिन के भीतर छह मरीजों की जान जा चुकी है।
मरने वालों में मुन्नी देवी, राम लखन, दयाशंकर, बकरीदी शामिल हैं। डॉक्टर अनुज चौरसिया ने बताया कि बीते तीन दिनों से ठंड बढ़ गई है। इसके चलते दमा के रोगियों को ज्यादा दिक्कतें हो रही है। दिन में कुछ आराम रहता है मगर शाम ढ़लने के साथ जैसे-जैसे ठंड बढ़ती है। वैसे-वैसे मरीजों को सांस लेने में दिक्कतें होने लगती है।
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वहीं हृदयरोगियों के साथ ब्रेन स्टोक के केस भी बढ़े हैं। ऐसे में ठंड से पूरी तरह से बचे। ठंड के दिनों में बहुत जरूरी हो तभी घर से बाहर निकले। गुनगुना पानी खूब पीएं। सात बजे के बाद मॉर्निंग वाक पर निकले। बीपी और सूगर के साथ हृदय रोगी अपनी दवा जरूर खाएं। रात में अचानक कमरे से निकल कर बाथरूम तक न जाएं।
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राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय के इमरजेंसी से लेकर मेडिकल वार्ड फुल हैं। रात में मरीजों की संख्या एकाएक बढ़ने लगती है। सुबह हालत में सुधार होने पर मरीज डिस्चार्ज होकर घर चले जाते हैं। विभाग के रिकार्ड पर गौर करें तो 24 घंटे के भीतर दमा, हृदयरोगी और ब्रेन स्ट्रोक के 18 मरीज भर्ती हुए हैं। जिन्हें ऑक्सीजन पर रखकर उपचार किया जा रहा है। वहीं तीन दिन के भीतर छह मरीजों की जान जा चुकी है।
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मरने वालों में मुन्नी देवी, राम लखन, दयाशंकर, बकरीदी शामिल हैं। डॉक्टर अनुज चौरसिया ने बताया कि बीते तीन दिनों से ठंड बढ़ गई है। इसके चलते दमा के रोगियों को ज्यादा दिक्कतें हो रही है। दिन में कुछ आराम रहता है मगर शाम ढ़लने के साथ जैसे-जैसे ठंड बढ़ती है। वैसे-वैसे मरीजों को सांस लेने में दिक्कतें होने लगती है।
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वहीं हृदयरोगियों के साथ ब्रेन स्टोक के केस भी बढ़े हैं। ऐसे में ठंड से पूरी तरह से बचे। ठंड के दिनों में बहुत जरूरी हो तभी घर से बाहर निकले। गुनगुना पानी खूब पीएं। सात बजे के बाद मॉर्निंग वाक पर निकले। बीपी और सूगर के साथ हृदय रोगी अपनी दवा जरूर खाएं। रात में अचानक कमरे से निकल कर बाथरूम तक न जाएं।