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डीएम साहब, बनकर भी बेकार पड़े हैं हजारों शौचालय
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Mon, 18 Apr 2016 11:28 PM IST
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pratapgarh
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प्रशासन ने जिले को खुले से शौच मुक्त करने के लिए मुहिम छेड़ रखी है। यहां तक कि खुद जिलाधिकरी भोर में अफसरों की फौज लेकर गांवों में पहुंचकर बाहर शौच के लिए जा रहे लोगों को पकड़कर जागरूक कर रहे हैं। लेकिन जिले में हजारों की संख्या में शौचालय बनकर भी बेकार पड़े हुए हैं। उनका कोई उपयोग नहीं हो रहा है। कहीं ऐसे शौचालयों में उपली, कंडे भरे हुए हैं तो कहीं सामान रखा जा रहा है। गौर करने वाली बात यह है कि इनमें से अधिकांश शौचालय सरकारी सहायता से ही बने हैं। शासन से मिली इमदाद के बाद दीवार बन गई। लैट्रिन की सीट भी पड़ गई, लेकिन कहीं इनका उपयोग नहीं हो रहा है।
जिलाधिकारी डॉ. आदर्श सिंह ने जिले को खुले में शौच से मुक्त बनाने के लिए जिले भर के अधिकारियों को लगा रखा है। जिले के चयनित 16 गांवों में यह अधिकारी प्रतिदिन सुबह और शाम गांव पहुंच कर लोगों को शौचालय का प्रयोग करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इसका असर यह है कि गांव के अधिकांश लोग निजी स्रोत से शौचालय बनाना भी प्रारंभ कर दिए हैं। मगर, मंगरौरा विकास खंड के शाहपुर ग्रामपंचायत के मठिया राजस्व गांव में अधिकांश लोगों के पास शौचालय नहीं है। गांव के गिने-चुने लोगों ने शौचालय बनवाया भी है तो वह प्रयोग नहीं करते हैं। और जहां बने हैं वे भी आधे-अधूरे हैं।गांव के लोगों की मानें तो आठ साल पहले सुलभ शौचालय बनवाया गया। मगर अभी तक न ही छत पड़ी है और न ही उपयोग करने की दिशा में कोई पहल हुई है।
डेढ़ हजार आबादी वाले गांव में अधिकांश लोगों के यहां शौचालय बने हुए हैं, मगर सभी की हालत इसी प्रकार है। इससे गांव के लोग खुले में शौच जाने को मजबूर हैं। गांव के लोगों ने जब इसकी शिकायत ग्रामपंचायत अधिकारी से की तो वह अपनी जिम्मेदारी से मुकर जा रहे हैं। बीडीओ विकास शुक्ला ने बताया कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी। जल्द ही जांच कराकर शौचालय को दुरुस्त कराने के साथ ही गांव के लोगों को प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
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जिलाधिकारी डॉ. आदर्श सिंह ने जिले को खुले में शौच से मुक्त बनाने के लिए जिले भर के अधिकारियों को लगा रखा है। जिले के चयनित 16 गांवों में यह अधिकारी प्रतिदिन सुबह और शाम गांव पहुंच कर लोगों को शौचालय का प्रयोग करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इसका असर यह है कि गांव के अधिकांश लोग निजी स्रोत से शौचालय बनाना भी प्रारंभ कर दिए हैं। मगर, मंगरौरा विकास खंड के शाहपुर ग्रामपंचायत के मठिया राजस्व गांव में अधिकांश लोगों के पास शौचालय नहीं है। गांव के गिने-चुने लोगों ने शौचालय बनवाया भी है तो वह प्रयोग नहीं करते हैं। और जहां बने हैं वे भी आधे-अधूरे हैं।गांव के लोगों की मानें तो आठ साल पहले सुलभ शौचालय बनवाया गया। मगर अभी तक न ही छत पड़ी है और न ही उपयोग करने की दिशा में कोई पहल हुई है।
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डेढ़ हजार आबादी वाले गांव में अधिकांश लोगों के यहां शौचालय बने हुए हैं, मगर सभी की हालत इसी प्रकार है। इससे गांव के लोग खुले में शौच जाने को मजबूर हैं। गांव के लोगों ने जब इसकी शिकायत ग्रामपंचायत अधिकारी से की तो वह अपनी जिम्मेदारी से मुकर जा रहे हैं। बीडीओ विकास शुक्ला ने बताया कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी। जल्द ही जांच कराकर शौचालय को दुरुस्त कराने के साथ ही गांव के लोगों को प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
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