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पीडियाट्रिक अस्थमा से पीड़ित हो रहे बच्चे
ब्यूरो/अमर उजाला प्रतापगढ़
Updated Mon, 06 Apr 2015 11:22 PM IST
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सांस की बीमारियों से पीड़ित कई बच्चों के परिजन डॉक्टरों से परामर्श कर रहे हैं। चिकित्सक उपचार के साथ ही जरूरी सलाह भी दे रहे हैं। जिला अस्पताल में तैनात बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल गुप्ता की ओपीडी में सोमवार को पीडियाट्रिक अस्थमा से पीड़ित कई बच्चे आए। डॉ. गुप्ता ने इलाज के साथ ही पीड़ित बच्चों के परिजनों को बचाव का तरीका भी बताया। डॉ. गुप्ता ने बताया कि करीब दो माह के भीतर सांस की बीमारियों से पीड़ित करीब 30 बच्चों का इलाज कर चुके हैं।
बताया कि प्रदूषण के कारण बच्चों में एलर्जिक ब्रोंकाइटिस यानी पीडियाट्रिक अस्थमा तेजी से फैल रहा है। प्रतापगढ़ शहर की क्षतिग्रस्त सड़कें भी इसका कारण हैं। लोगों को सलाह दी कि बच्चों को सांस फूलने जैसी बीमारी होने पर डॉक्टर से परामर्श करें। बच्चों को धूल और धुआं वाले स्थानों पर नहीं जाने देना चाहिए। फ्रिज का पानी भी पीने को नहीं देना चाहिए। डॉ. अनिल गुप्ता ने कहा कि सांस की बीमारियों की चपेट में आने वाले बच्चों के शरीर का विकास रुक जाता है। समय से इलाज न होने पर वे दमा के मरीज हो सकते हैैं।
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बताया कि प्रदूषण के कारण बच्चों में एलर्जिक ब्रोंकाइटिस यानी पीडियाट्रिक अस्थमा तेजी से फैल रहा है। प्रतापगढ़ शहर की क्षतिग्रस्त सड़कें भी इसका कारण हैं। लोगों को सलाह दी कि बच्चों को सांस फूलने जैसी बीमारी होने पर डॉक्टर से परामर्श करें। बच्चों को धूल और धुआं वाले स्थानों पर नहीं जाने देना चाहिए। फ्रिज का पानी भी पीने को नहीं देना चाहिए। डॉ. अनिल गुप्ता ने कहा कि सांस की बीमारियों की चपेट में आने वाले बच्चों के शरीर का विकास रुक जाता है। समय से इलाज न होने पर वे दमा के मरीज हो सकते हैैं।
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