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फाटक खुला छोड़ रुपये निकालने गया केबिनमैन, खड़ी रही मालगाड़ी
प्रतापगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 05 Mar 2017 12:08 AM IST
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बैरियर बंद न होने से खड़ी मालगाड़ी।
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प्रतापगढ़ में रेलवे सेफ्टी के साथ हुआ एक और खिलवाड़। शनिवार को चिलबिला गेट नंबर 85 बी को खुला छोडक़र केबिनमैन गायब था। इस चक्कर में चिलबिला की ओर आ रही एक मालगाड़ी को रास्ते में रोकना पड़ा। जिससे प्रतापगढ़-लखनऊ रेलमार्ग पर करीब आधा घंटे तक जाम रहा। जाम के कारण इस रूट की ट्रेनों को जगह-जगह रोका गया। घटना की जानकारी होने पर यातायात और परिचालन विभाग के लोगों ने मामले की लीपोपोती शुरू कर दी।
प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन पर दो मार्च को आयोजित सेफ्टी सेमिनार कर्मचारियों पर कितना असर डाल गया, इसकी बानगी शनिवार को ही देखने को मिली। शनिवार दोपहर चिलबिला गेट नंबर 85 बी खुला था। अंतू साइड से चिलबिला की ओर एक मालगाड़ी आती दिखाई दी। गेट से गुजर रहे लोगों ने मालगाड़ी को आते देखा तो अफरा-तफरी मच गई। लोग भागते हुए केबिनमैन के कमरे की तरफ गए ताकि उससे कहकर गेट बंद करवा सकें। मगर वह कमरे में मिला नहीं। उसमें ताला लगा हुआ था। तब तक मालगाड़ी नजदीक आ चुकी थी। गेट पर ट्रैफिक देख चालक ने सूझबूझ का परिचय दिया और मालगाड़ी खड़ी कर दी। इसकी सूचना चिलबिला स्टेशन, प्रतापगढ़ स्टेशन के अलावा कंट्रोल को मिलने से हडक़ंप मच गया। उसके बाद लोग केबिनमैन लक्ष्मीकांत को ढूंढने लगे।
फोन मिलाया गया तो पता चला कि लक्ष्मीकांत गेट खुला छोडक़र थोड़ी दूरी पर स्थित एटीएम में रुपये निकालने के लिए घुसा हुआ है। सूचना मिलने के बाद वह पहुंचा और आनन-फानन में गेट बंद किया। तब जाकर रूट बहाल हुआ। इस घटना के बाद भीड़ जमा हो गई थी। गेटमैन ने बताया कि वह पैसा निकालने एटीएम में गया हुआ था। मालगाड़ी की सूचना उसको नहीं मिली थी। एसएस चिलबिला ने बताया कि मालगाड़ी गिट्टी उतारते हुए जा रही थी। इंजीनियरिंग वालों ने ब्लाक लिया था। इसमें गेट खुला होने जैसी कोई बात उनकी जानकारी में नहीं है।
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प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन पर दो मार्च को आयोजित सेफ्टी सेमिनार कर्मचारियों पर कितना असर डाल गया, इसकी बानगी शनिवार को ही देखने को मिली। शनिवार दोपहर चिलबिला गेट नंबर 85 बी खुला था। अंतू साइड से चिलबिला की ओर एक मालगाड़ी आती दिखाई दी। गेट से गुजर रहे लोगों ने मालगाड़ी को आते देखा तो अफरा-तफरी मच गई। लोग भागते हुए केबिनमैन के कमरे की तरफ गए ताकि उससे कहकर गेट बंद करवा सकें। मगर वह कमरे में मिला नहीं। उसमें ताला लगा हुआ था। तब तक मालगाड़ी नजदीक आ चुकी थी। गेट पर ट्रैफिक देख चालक ने सूझबूझ का परिचय दिया और मालगाड़ी खड़ी कर दी। इसकी सूचना चिलबिला स्टेशन, प्रतापगढ़ स्टेशन के अलावा कंट्रोल को मिलने से हडक़ंप मच गया। उसके बाद लोग केबिनमैन लक्ष्मीकांत को ढूंढने लगे।
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फोन मिलाया गया तो पता चला कि लक्ष्मीकांत गेट खुला छोडक़र थोड़ी दूरी पर स्थित एटीएम में रुपये निकालने के लिए घुसा हुआ है। सूचना मिलने के बाद वह पहुंचा और आनन-फानन में गेट बंद किया। तब जाकर रूट बहाल हुआ। इस घटना के बाद भीड़ जमा हो गई थी। गेटमैन ने बताया कि वह पैसा निकालने एटीएम में गया हुआ था। मालगाड़ी की सूचना उसको नहीं मिली थी। एसएस चिलबिला ने बताया कि मालगाड़ी गिट्टी उतारते हुए जा रही थी। इंजीनियरिंग वालों ने ब्लाक लिया था। इसमें गेट खुला होने जैसी कोई बात उनकी जानकारी में नहीं है।
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