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मजाक बनकर रह गया मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला
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जिले में मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का स्वास्थ्य विभाग के अफसर मजाक उड़ा रहे हैं। कागज पर ही मरीजों का इलाज किया जा रहा है। रविवार को किसी पीएचसी में सन्नाटा पसरा रहा। कई जगहों पर दोपहर में ही चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मचारी घर चले गए। शासन को फर्जी रिपोर्ट भेजकर जिम्मेदार अपनी पीठ थपथपा रहे हैं।
शासन ने हर रविवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला का आयोजन करने का आदेश दिया है। मेले में एलोपैथ, होम्योपैथ और आयुर्वेद के चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को मरीजों की जांच और इलाज करना है। आयुष्मान भारत योजना के तहत लाभार्थियों का गोल्डेन कार्ड भी बनाया जाना है। मगर सबकुछ कागज पर हो रहा है।
रविवार सुबह 11 बजे पृथ्वीगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात डॉक्टर और फार्मासिस्ट के साथ वार्ड ब्वॉय आपस में बात में मस्त थे। अस्पताल में सन्नाटा पसरा रहा। पूछे जाने पर डॉक्टर ने बताया कि यहां तैनात आरोग्य मित्र सुखपाल नगर में है। मेले में आने वाले आयुष्मान के लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए सुखपाल नगर भेजा जा रहा है।
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जांच के लिए किसी प्रकार की व्यवस्था नहीं की गई थी। दोपहर 12 बजे दिलीपपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर बैठे थे। रानीगंज के दुर्गागंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर दोपहर बारह बजे सन्नाटा पसर गया। यहां तैनात डॉक्टर यूएस विंद का कहना है कि प्रतिदिन ओपीडी में 26 मरीज आते हैं।
मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में 87 मरीज इलाज कराने के लिए आए थे। मरीजों की जांच की कोई व्यवस्था नहीं थी। जगेशरगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में दोपहर डेढ़ बजे ही डॉक्टर की कुर्सी खाली हो गई। डॉ. अनुपम यादव, सविता पाठक समेत सभी लोग अस्पताल परिसर से जा चुके थे। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पवन कुमार ने बताया कि मरीज न होने के कारण सभी लोग समय से पहले चले गए।
कालाकांकर की अदलाबाद अतिरिक्त पीएचसी में दोपहर 12:45 बजे तक कुल 7 मरीजों का ही इलाज हुआ था। यहां पर दो डॉक्टरों की तैनाती हुई है। डॉक्टर कैथवास और फार्मासिस्ट राम प्रकाश शुक्ला नहीं आए थे। लीलापुर अतिरिक्त पीएचसी में दोपहर 1:30 बजे तक 75 मरीजों का इलाज हो चुका था।
डॉक्टर अजीत तिवारी, डॉक्टर शिवप्रसाद मौर्य व फार्माशिस्ट कुंवर बहादुर सिंह, फार्मासिस्ट शिवबहादुर सिंह, वार्डब्वॉय रमापति तिवारी मौजूद थे। लैब टेक्नीशियन की ड्यूटी जिला मुख्यालय पर लगा दी गई है। इसके चलते यहां किसी प्रकार की जांच की व्यवस्था नहीं की गई थी। पूर्वाह्न 11.30 बजे अठेहा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मचारी तो थे, लेकिन इलाज कराने के लिए मरीज नहीं आए थे।
स्वास्थ्य मेले से गायब रहने वाले और समय से पहले जाने वाले डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ आफिस की टीम लगातार निगरानी कर रही है। डॉक्टर एसके सिंह, एसीएमओ
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शासन ने हर रविवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला का आयोजन करने का आदेश दिया है। मेले में एलोपैथ, होम्योपैथ और आयुर्वेद के चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को मरीजों की जांच और इलाज करना है। आयुष्मान भारत योजना के तहत लाभार्थियों का गोल्डेन कार्ड भी बनाया जाना है। मगर सबकुछ कागज पर हो रहा है।
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रविवार सुबह 11 बजे पृथ्वीगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात डॉक्टर और फार्मासिस्ट के साथ वार्ड ब्वॉय आपस में बात में मस्त थे। अस्पताल में सन्नाटा पसरा रहा। पूछे जाने पर डॉक्टर ने बताया कि यहां तैनात आरोग्य मित्र सुखपाल नगर में है। मेले में आने वाले आयुष्मान के लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए सुखपाल नगर भेजा जा रहा है।
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जांच के लिए किसी प्रकार की व्यवस्था नहीं की गई थी। दोपहर 12 बजे दिलीपपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर बैठे थे। रानीगंज के दुर्गागंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर दोपहर बारह बजे सन्नाटा पसर गया। यहां तैनात डॉक्टर यूएस विंद का कहना है कि प्रतिदिन ओपीडी में 26 मरीज आते हैं।
मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में 87 मरीज इलाज कराने के लिए आए थे। मरीजों की जांच की कोई व्यवस्था नहीं थी। जगेशरगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में दोपहर डेढ़ बजे ही डॉक्टर की कुर्सी खाली हो गई। डॉ. अनुपम यादव, सविता पाठक समेत सभी लोग अस्पताल परिसर से जा चुके थे। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पवन कुमार ने बताया कि मरीज न होने के कारण सभी लोग समय से पहले चले गए।
कालाकांकर की अदलाबाद अतिरिक्त पीएचसी में दोपहर 12:45 बजे तक कुल 7 मरीजों का ही इलाज हुआ था। यहां पर दो डॉक्टरों की तैनाती हुई है। डॉक्टर कैथवास और फार्मासिस्ट राम प्रकाश शुक्ला नहीं आए थे। लीलापुर अतिरिक्त पीएचसी में दोपहर 1:30 बजे तक 75 मरीजों का इलाज हो चुका था।
डॉक्टर अजीत तिवारी, डॉक्टर शिवप्रसाद मौर्य व फार्माशिस्ट कुंवर बहादुर सिंह, फार्मासिस्ट शिवबहादुर सिंह, वार्डब्वॉय रमापति तिवारी मौजूद थे। लैब टेक्नीशियन की ड्यूटी जिला मुख्यालय पर लगा दी गई है। इसके चलते यहां किसी प्रकार की जांच की व्यवस्था नहीं की गई थी। पूर्वाह्न 11.30 बजे अठेहा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मचारी तो थे, लेकिन इलाज कराने के लिए मरीज नहीं आए थे।
स्वास्थ्य मेले से गायब रहने वाले और समय से पहले जाने वाले डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ आफिस की टीम लगातार निगरानी कर रही है। डॉक्टर एसके सिंह, एसीएमओ