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289 नए ट्रांसफार्मरों से सुधरेंगी बिजली व्यवस्था, खाका तैयार
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electricity
ओवरलोड की मार झेल रहे जिले के जर्जर ट्रांसफार्मरों को जल्द बदला जाएगा। उन पर कितने कनेक्शन का लोड है, इसका आकलन कर उनके स्थान पर नए ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। बिजली विभाग के अफसरों ने जिले में 289 नए ट्रांसफार्मरों को स्थापित करने का खाका तैयार किया है।
शहर में बिजली का रोस्टर 24 व गांवों में 18 घंटे का है। शहर में बिजली व्यवस्था काफी हद तक सही हो गई है, मगर ग्रामीण क्षेत्रों में अभी सुधार नहीं हो सका है। फीडर, पैनल, ट्रांसफार्मर पर क्षमता से अधिक लोड है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को रोस्टर के मुताबिक बिजली नहीं मिल पा रही है। सबसे ज्यादा दिक्कत गर्मी के दिनों में होती है। लोड बढ़ने पर बिजली व्यवस्था चरमरा जाती है। उपभोक्ताओं को बिजली संकट से जूझना पड़ता है।
ट्रांसफार्मर फुंकने का सिलसिला शुरू हो जाता है। गांवों में अधिकांश ट्रांसफार्मर जर्जर हो चुके हैं। उन पर क्षमता से अधिक लोड है। गर्मी के दिनों में ये ट्रांसफार्मर आए दिन फुंके रहते हैं। वर्कशॉप पर डिमांड अधिक होने की वजह से सप्ताह-सप्ताह भर तक ट्रांसफार्मर नहीं मिल पाते हैं। इससे उपभोक्ताओं को अंधेरे में रहना पड़ता है, मगर अब उनकी समस्या का जल्द निदान होने वाला है।
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पुनर्रोत्थान वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के तहत उप केंद्रवार नए ट्रांसफार्मर स्थापित करने की तैयारी है। बिजली विभाग की टीम ने सर्वे कर 289 नए ट्रांसफार्मर लगाने के लिए खाका तैयार किया है। ट्रांसफार्मर पर जितनी क्षमता है, उसका भी आकलन किया गया है। ऐसे में कनेक्शन क्षमता के अनुरूप ही ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे।
विभागीय टीम द्वारा कागजी औपचारिकता पूर्ण की जा रही है। सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो जल्द ही जिले की बिजली व्यवस्था में बड़ा बदलाव दिखेगा। विभाग का मानना है कि नए ट्रांसफार्मर लगने के बाद आपूर्ति में दिक्कत नहीं आएगी। व्यवस्था में काफी सुधार होगा। अधीक्षण अभियंता सत्यदेव ने बताया कि विभागीय टीमें रिपोर्ट तैयार कर रही हैं। जल्द काम शुरू करा दिया जाएगा।
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शहर में बिजली का रोस्टर 24 व गांवों में 18 घंटे का है। शहर में बिजली व्यवस्था काफी हद तक सही हो गई है, मगर ग्रामीण क्षेत्रों में अभी सुधार नहीं हो सका है। फीडर, पैनल, ट्रांसफार्मर पर क्षमता से अधिक लोड है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को रोस्टर के मुताबिक बिजली नहीं मिल पा रही है। सबसे ज्यादा दिक्कत गर्मी के दिनों में होती है। लोड बढ़ने पर बिजली व्यवस्था चरमरा जाती है। उपभोक्ताओं को बिजली संकट से जूझना पड़ता है।
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ट्रांसफार्मर फुंकने का सिलसिला शुरू हो जाता है। गांवों में अधिकांश ट्रांसफार्मर जर्जर हो चुके हैं। उन पर क्षमता से अधिक लोड है। गर्मी के दिनों में ये ट्रांसफार्मर आए दिन फुंके रहते हैं। वर्कशॉप पर डिमांड अधिक होने की वजह से सप्ताह-सप्ताह भर तक ट्रांसफार्मर नहीं मिल पाते हैं। इससे उपभोक्ताओं को अंधेरे में रहना पड़ता है, मगर अब उनकी समस्या का जल्द निदान होने वाला है।
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पुनर्रोत्थान वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के तहत उप केंद्रवार नए ट्रांसफार्मर स्थापित करने की तैयारी है। बिजली विभाग की टीम ने सर्वे कर 289 नए ट्रांसफार्मर लगाने के लिए खाका तैयार किया है। ट्रांसफार्मर पर जितनी क्षमता है, उसका भी आकलन किया गया है। ऐसे में कनेक्शन क्षमता के अनुरूप ही ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे।
विभागीय टीम द्वारा कागजी औपचारिकता पूर्ण की जा रही है। सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो जल्द ही जिले की बिजली व्यवस्था में बड़ा बदलाव दिखेगा। विभाग का मानना है कि नए ट्रांसफार्मर लगने के बाद आपूर्ति में दिक्कत नहीं आएगी। व्यवस्था में काफी सुधार होगा। अधीक्षण अभियंता सत्यदेव ने बताया कि विभागीय टीमें रिपोर्ट तैयार कर रही हैं। जल्द काम शुरू करा दिया जाएगा।

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