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Pratapgarh News: जिले में सूखे के आसार, बारिश नहीं होने से सूख रही धान की फसल
Fri, 01 Sep 2023 08:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Updated Fri, 01 Sep 2023 08:49 PM IST
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सामान्यत: 997.90 मिमी बरसात की संभावना, 30 अगस्त तक जिले में हुई सिर्फ 369.0 मिमी बारिश
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। जिले में पर्याप्त बारिश नहीं होने से सूखे जैसे हालात हैं। धान की फसल के लिए सामान्यत: पूरे सीजन में 997.90 मिमी बरसात की आवश्यकता होती है, मगर 30 अगस्त तक जिले में सिर्फ 369.0 मिमी बारिश हुई है। लगभग पखवाड़े भर से बारिश नहीं होने से धान की फसल सूखने के कगार पर पहुंच गई है। खेतों में दरारें पड़ गई हैं। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
सावन का महीना बीत चुका है, मगर भीषण गर्मी व उमस से लोगों का हाल खराब है। जिले में भारी वर्षा का अलर्ट जारी करने वाले मौसम विभाग के पूर्वानुमान भी फेल हो गए हैं। बारिश नहीं होने से धान की फसल पर संकट गहरा गया है। जिले में 98,754 हेक्टेयर में धान की खेती होती है। कुंडा, लालगंज क्षेत्र धान का कटोरा कहा जाता है।
इन इलाकों में नहरें सूखी पड़ी हैं, धान की सिंचाई करने के लिए पानी नहीं है। गांव में महज छह घंटे बिजली मिलने से धान की सिंचाई नहीं हो पा रही है। किसान धान की सिंचाई करने के लिए परेशान हैं।
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बारिश नहीं होने से मायूस किसानों का कहना है कि पखवाड़े भर से धान की फसल को सींचने का संकट है। सूख रहे खेतों को समय पर पानी नहीं मिलने से दरारें पड़ रही हैं। नलकूपों के सहारे फसल की सिंचाई नाकाफी साबित हो रही है। ग्रामीण क्षेत्र के फीडरों पर तय रोस्टर के अनुसार बिजली किसानों को नहीं मिल पा रही है।
संडवा चंडिका के चतुरपुर निवासी नागेंद्र राज बहादुर सिंह ने बताया कि बारिश न होने से धान की फसल पीली पड़ रही है। खेत में दरारें फसल के लिए ही नहीं खुद के लिए भी परेशान करने वाली हैं। पूरे चौहान गांव के बलवंत सिंह ने बताया कि धान के खेत में पानी न होने से खरपतवार उग रहे हैं। धान के पौधों में रोग भी लग रहे हैं। अगले कुछ और दिनों तक बारिश नहीं हुई तो समस्या और विकराल हो जाएगी।
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जिले में वर्षवार हुई बारिश का विवरण-- -- -- -- -- -- -- -
वित्तीय वर्ष बारिश का मानक कितनी हुई बारिश
2020 997.90 मिमी 872.60 मिमी
2021 997.90 मिमी 1502.80 मिमी
2022 997.90 मिमी 1147.60 मिमी
2023 997.90 मिमी 369.0 मिमी
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पांच से बारह सितंबर तक हो सकती है बारिश
लखनऊ स्थित मौसम विभाग ने एक बार फिर दावा किया है कि पांच से बारह सितंबर के बीच जिले में अच्छी बारिश हो सकती है। पूर्वानुमान सही साबित हुआ तो किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। मौसम विभाग ने कृषि विभाग को सूचना देकर अलर्ट करने को कहा है।
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जिले में इस वर्ष बहुत कम बारिश हुई है। तहसीलों से मिले आंकड़ों के मुताबिक 30 अगस्त तक 369.0 मिमी बारिश हुई है। मौसम विभाग ने पांच से 12 सितंबर तक बारिश होने की संभावना जताई है।
- अशोक कुमार, जिला कृषि अधिकारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। जिले में पर्याप्त बारिश नहीं होने से सूखे जैसे हालात हैं। धान की फसल के लिए सामान्यत: पूरे सीजन में 997.90 मिमी बरसात की आवश्यकता होती है, मगर 30 अगस्त तक जिले में सिर्फ 369.0 मिमी बारिश हुई है। लगभग पखवाड़े भर से बारिश नहीं होने से धान की फसल सूखने के कगार पर पहुंच गई है। खेतों में दरारें पड़ गई हैं। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
सावन का महीना बीत चुका है, मगर भीषण गर्मी व उमस से लोगों का हाल खराब है। जिले में भारी वर्षा का अलर्ट जारी करने वाले मौसम विभाग के पूर्वानुमान भी फेल हो गए हैं। बारिश नहीं होने से धान की फसल पर संकट गहरा गया है। जिले में 98,754 हेक्टेयर में धान की खेती होती है। कुंडा, लालगंज क्षेत्र धान का कटोरा कहा जाता है।
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इन इलाकों में नहरें सूखी पड़ी हैं, धान की सिंचाई करने के लिए पानी नहीं है। गांव में महज छह घंटे बिजली मिलने से धान की सिंचाई नहीं हो पा रही है। किसान धान की सिंचाई करने के लिए परेशान हैं।
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बारिश नहीं होने से मायूस किसानों का कहना है कि पखवाड़े भर से धान की फसल को सींचने का संकट है। सूख रहे खेतों को समय पर पानी नहीं मिलने से दरारें पड़ रही हैं। नलकूपों के सहारे फसल की सिंचाई नाकाफी साबित हो रही है। ग्रामीण क्षेत्र के फीडरों पर तय रोस्टर के अनुसार बिजली किसानों को नहीं मिल पा रही है।
संडवा चंडिका के चतुरपुर निवासी नागेंद्र राज बहादुर सिंह ने बताया कि बारिश न होने से धान की फसल पीली पड़ रही है। खेत में दरारें फसल के लिए ही नहीं खुद के लिए भी परेशान करने वाली हैं। पूरे चौहान गांव के बलवंत सिंह ने बताया कि धान के खेत में पानी न होने से खरपतवार उग रहे हैं। धान के पौधों में रोग भी लग रहे हैं। अगले कुछ और दिनों तक बारिश नहीं हुई तो समस्या और विकराल हो जाएगी।
जिले में वर्षवार हुई बारिश का विवरण
वित्तीय वर्ष बारिश का मानक कितनी हुई बारिश
2020 997.90 मिमी 872.60 मिमी
2021 997.90 मिमी 1502.80 मिमी
2022 997.90 मिमी 1147.60 मिमी
2023 997.90 मिमी 369.0 मिमी
पांच से बारह सितंबर तक हो सकती है बारिश
लखनऊ स्थित मौसम विभाग ने एक बार फिर दावा किया है कि पांच से बारह सितंबर के बीच जिले में अच्छी बारिश हो सकती है। पूर्वानुमान सही साबित हुआ तो किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। मौसम विभाग ने कृषि विभाग को सूचना देकर अलर्ट करने को कहा है।
जिले में इस वर्ष बहुत कम बारिश हुई है। तहसीलों से मिले आंकड़ों के मुताबिक 30 अगस्त तक 369.0 मिमी बारिश हुई है। मौसम विभाग ने पांच से 12 सितंबर तक बारिश होने की संभावना जताई है।
- अशोक कुमार, जिला कृषि अधिकारी