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बदहाल बिजली व्यवस्था के बीच कोरोना वैक्सीन को सुरक्षित रखना चुनौती
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बदहाल बिजली व्यवस्था से आए दिन ग्रामीणों को बिजली संकट से जूझना पड़ता है। ऐसे में टीकाकरण के लिए बूथ बनाए जा रहे सीएचसी व पीएचसी में कोरोना वैक्सीन को सुरक्षित रखना स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी चुनौती है। कभी ट्रांसफार्मर तो कभी फीडर फुंकने तो कभी ब्रेकडाउन होने से आए दिन बिजली गुल रहती है। सीएचसी-पीएचसी में जनरेटर की भी व्यवस्था खस्ताहाल है।
जिले में 17 सीएचसी व 58 पीएचसी हैं। कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए टीकाकरण की तैयारी शुरू हो गई है। इससे पहले स्वास्थ्य विभाग वैक्सीन के रखरखाव की व्यवस्था में जुटा है।
जिले में वैक्सीन रखने के लिए अब तक तीन फ्रीजर आ चुके हैं। अभी 18 फ्रीजर और आने हैं। वैक्सीन आने से पहले स्वास्थ्य महकमा रखरखाव व टीकाकरण का प्रशिक्षण दे रहा है। पहले चरण में स्वास्थ्यकर्मियों का टीकाकरण होगा।
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इसमें लगभग 13 हजार लोगों को टीका लगाया जाएगा। इसके बाद दूसरा चरण शुरू होगा। इसमें पुलिसकर्मियों व सफाईकर्मियों को टीका लगेगा। दोनों चरणों में टीकाकरण का डाटा तैयार हो गया है। जिले के सभी सीएचसी व पीएचसी को टीकाकरण के लिए बूथ बनाया जाएगा। यहां कोल्ड चैन बनाए जाएंगे।
विभाग का कहना है कि वैक्सीन के रखरखाव में बहुत ही सावधानी बरती जाएगी, मगर सीएचसी व पीएचसी में वैक्सीन को सुरक्षित रख पाना चुनौतीपूर्ण होगा। दरअसल, गांवों में बिजली व्यवस्था खस्ताहाल है। मांधाता पीएचसी में बिजली की आपूर्ति मांधाता बाजार में स्थापित 63 केवीए के ट्रांसफार्मर से होती है।
इस पर बाजार के साथ ही आस-पास के गांवों का भी लोड है। ओवरलोड की वजह से आए दिन ट्रांसफार्मर फुंका रहता है। पीएचसी में भी बिजली गुल रहती है। बहुत इमरजेंसी में जनरेटर का सहारा लिया जाता है। कटरागुलाब सिंह पीएचसी का भी यही हाल है। यहां भी ट्रांसफार्मर पर ओवरलोड की समस्या है। आए दिन ट्रांसफार्मर फुंका रहता है।
वर्षों पुराना जनरेटर खराब चल रहा है। पर्वतपुर स्थित सीएचसी में भी जनरेटर की दिक्कत है। बिजली की खामी के चलते आए दिन आपूर्ति ठप रहती है। इधर रानीगंज तहसील क्षेत्र में सीएचसी गौरा, सीएचसी कहला, सीएचसी रानीगंज में बिजली व्यवस्था आए दिन दिक्कत देती है। गौरा की बात करें तो रेलवे स्टेशन के पास भूमिगत केबिल में आए दिन खराबी बनी रहती है।
इससे खाखापुर व गौरा दोनों उपकेंद्रों की आपूर्ति ठप हो जाती है। इससे सीएचसी गौरा व कहला दोनों केंद्रों की आपूर्ति ठप हो जाती है। एक्सईएन चंद्रमा प्रसाद का कहना है कि गांवों में बिजली की व्यवस्था बेहतर हो गई है। जहां कमियां आ रही होंगी, उन्हें दुरुस्त कर लिया जाएगा। हालांकि अभी इस तरह के कोई निर्देश नहीं मिले हैं।
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जिले में 17 सीएचसी व 58 पीएचसी हैं। कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए टीकाकरण की तैयारी शुरू हो गई है। इससे पहले स्वास्थ्य विभाग वैक्सीन के रखरखाव की व्यवस्था में जुटा है।
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जिले में वैक्सीन रखने के लिए अब तक तीन फ्रीजर आ चुके हैं। अभी 18 फ्रीजर और आने हैं। वैक्सीन आने से पहले स्वास्थ्य महकमा रखरखाव व टीकाकरण का प्रशिक्षण दे रहा है। पहले चरण में स्वास्थ्यकर्मियों का टीकाकरण होगा।
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इसमें लगभग 13 हजार लोगों को टीका लगाया जाएगा। इसके बाद दूसरा चरण शुरू होगा। इसमें पुलिसकर्मियों व सफाईकर्मियों को टीका लगेगा। दोनों चरणों में टीकाकरण का डाटा तैयार हो गया है। जिले के सभी सीएचसी व पीएचसी को टीकाकरण के लिए बूथ बनाया जाएगा। यहां कोल्ड चैन बनाए जाएंगे।
विभाग का कहना है कि वैक्सीन के रखरखाव में बहुत ही सावधानी बरती जाएगी, मगर सीएचसी व पीएचसी में वैक्सीन को सुरक्षित रख पाना चुनौतीपूर्ण होगा। दरअसल, गांवों में बिजली व्यवस्था खस्ताहाल है। मांधाता पीएचसी में बिजली की आपूर्ति मांधाता बाजार में स्थापित 63 केवीए के ट्रांसफार्मर से होती है।
इस पर बाजार के साथ ही आस-पास के गांवों का भी लोड है। ओवरलोड की वजह से आए दिन ट्रांसफार्मर फुंका रहता है। पीएचसी में भी बिजली गुल रहती है। बहुत इमरजेंसी में जनरेटर का सहारा लिया जाता है। कटरागुलाब सिंह पीएचसी का भी यही हाल है। यहां भी ट्रांसफार्मर पर ओवरलोड की समस्या है। आए दिन ट्रांसफार्मर फुंका रहता है।
वर्षों पुराना जनरेटर खराब चल रहा है। पर्वतपुर स्थित सीएचसी में भी जनरेटर की दिक्कत है। बिजली की खामी के चलते आए दिन आपूर्ति ठप रहती है। इधर रानीगंज तहसील क्षेत्र में सीएचसी गौरा, सीएचसी कहला, सीएचसी रानीगंज में बिजली व्यवस्था आए दिन दिक्कत देती है। गौरा की बात करें तो रेलवे स्टेशन के पास भूमिगत केबिल में आए दिन खराबी बनी रहती है।
इससे खाखापुर व गौरा दोनों उपकेंद्रों की आपूर्ति ठप हो जाती है। इससे सीएचसी गौरा व कहला दोनों केंद्रों की आपूर्ति ठप हो जाती है। एक्सईएन चंद्रमा प्रसाद का कहना है कि गांवों में बिजली की व्यवस्था बेहतर हो गई है। जहां कमियां आ रही होंगी, उन्हें दुरुस्त कर लिया जाएगा। हालांकि अभी इस तरह के कोई निर्देश नहीं मिले हैं।

Challenge to protect corona vaccine amid poor electricity system