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Pratapgarh News: अब बैजलपुर में खोजी गई केंद्रीय विद्यालय की जमीन
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जनपद के लोगों को 15 अगस्त 2016 में केंद्रीय विद्यालय की सौगात मिली। इसके लिए जमीन की तलाश में कागजी घोड़ा दौड़ाया जाता रहा। अब बैजलपुर में जमीन मिलने की बात कही जा रही है। केवल ग्राम पंचायत के प्रस्ताव पर मुहर लगना बाकी है।
लंबे समय से यहां के लोगों की मांग थी कि केंद्रीय विद्यालय की स्थापना की जाए। काफी प्रयास के बाद इसका खाका भी तैयार कर लिया गया, लेकिन शहर के आसपास दस एकड़ जमीन नहीं मिल पा रही थी। अंतत: सदर तहसील और शहर से मात्र तीन किमी की दूरी पर स्थित शिवसत गांव में खाली पड़ी दस एकड़ जमीन को विद्यालय के लिए चुना गया।
इसके बाद मानव संसाधन विकास मंत्रालय की टीम ने दो बार निरीक्षण कर विद्यालय के निर्माण की हरी झंडी दे दी। कागजी कार्रवाई के केंद्रीय विद्यालय संगठन ने इसे अंतिम रूप भी दे दिया। चयनित जमीन पर विद्यालय का बोर्ड लगाकर डेढ़ वर्ष में भवन तैयार करने की रणनीति तैयार की गई लेकिन बाद में जमीन कम निकल गई। चूंकि परिसर में ही बच्चों के लिए छात्रावास के साथ ही शिक्षक और कर्मचारियों के लिए भी आवास का निर्माण कराया जाना था।
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विद्यालय में कक्षा एक से पांच तक गैर आवासीय और छह से बारह तक के बच्चों को आवासीय शिक्षा दी जानी है। इसके बाद लालगंज तहसील के मिश्रपुर में जमीन की तलाश की जाती रही। वहां भी जमीन चिह्नित हुई। तभी स्थानीय ग्रामीणों ने जमीन में हिस्सेदारी बताते हुए न्यायालय की शरण ले लिया। दो वर्ष से ठंडे बस्ते में पड़ी योजना को साकार रूप देने की कवायद फिर अफसरों ने शुरू की है।
अब सदर विकासखंड के बैजलपुर में केंद्रीय विद्यालय के लिए दस एकड़ जमीन चिह्नित की गई है। इसके लिए तहसील प्रशासन संग केंद्रीय विद्यालय संगठन की टीम ने भी जमीन का निरीक्षण किया। हालांकि अभी अफसरों को ग्राम सभा के प्रस्ताव का इंतजार है। एसडीएम सदर शैलेंद्र वर्मा ने बताया कि केंद्रीय विद्यालय के लिए बैजलपुर में जमीन मिल गई है। जल्द ही उसे विभाग को हैंडओवर कर दिया जाएगा।
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लंबे समय से यहां के लोगों की मांग थी कि केंद्रीय विद्यालय की स्थापना की जाए। काफी प्रयास के बाद इसका खाका भी तैयार कर लिया गया, लेकिन शहर के आसपास दस एकड़ जमीन नहीं मिल पा रही थी। अंतत: सदर तहसील और शहर से मात्र तीन किमी की दूरी पर स्थित शिवसत गांव में खाली पड़ी दस एकड़ जमीन को विद्यालय के लिए चुना गया।
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इसके बाद मानव संसाधन विकास मंत्रालय की टीम ने दो बार निरीक्षण कर विद्यालय के निर्माण की हरी झंडी दे दी। कागजी कार्रवाई के केंद्रीय विद्यालय संगठन ने इसे अंतिम रूप भी दे दिया। चयनित जमीन पर विद्यालय का बोर्ड लगाकर डेढ़ वर्ष में भवन तैयार करने की रणनीति तैयार की गई लेकिन बाद में जमीन कम निकल गई। चूंकि परिसर में ही बच्चों के लिए छात्रावास के साथ ही शिक्षक और कर्मचारियों के लिए भी आवास का निर्माण कराया जाना था।
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विद्यालय में कक्षा एक से पांच तक गैर आवासीय और छह से बारह तक के बच्चों को आवासीय शिक्षा दी जानी है। इसके बाद लालगंज तहसील के मिश्रपुर में जमीन की तलाश की जाती रही। वहां भी जमीन चिह्नित हुई। तभी स्थानीय ग्रामीणों ने जमीन में हिस्सेदारी बताते हुए न्यायालय की शरण ले लिया। दो वर्ष से ठंडे बस्ते में पड़ी योजना को साकार रूप देने की कवायद फिर अफसरों ने शुरू की है।
अब सदर विकासखंड के बैजलपुर में केंद्रीय विद्यालय के लिए दस एकड़ जमीन चिह्नित की गई है। इसके लिए तहसील प्रशासन संग केंद्रीय विद्यालय संगठन की टीम ने भी जमीन का निरीक्षण किया। हालांकि अभी अफसरों को ग्राम सभा के प्रस्ताव का इंतजार है। एसडीएम सदर शैलेंद्र वर्मा ने बताया कि केंद्रीय विद्यालय के लिए बैजलपुर में जमीन मिल गई है। जल्द ही उसे विभाग को हैंडओवर कर दिया जाएगा।