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प्रतापगढ़ में खुलेगा केंद्रीय विद्यालय
प्रतापगढ़ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 09 Aug 2016 11:59 PM IST
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केंद्रीय विद्यालय संगठन
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स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बेल्हा को केंद्रीय विद्यालय की सौगात मिली है। इसके लिए शहर से महज तीन किमी की दूरी पर स्थित शिवसत गांव में दस एकड़ जमीन चिह्नित कर सीमांकन कर लिया गया है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय की टीम ने जमीन का निरीक्षण कर अपनी सहमति भी दे दी है। 15 अगस्त को इस पर फाइनल मुहर लग जाएगी। शुरुआत में कक्षा एक से पांच तक की कक्षाओं का संचालन किया जाएगा। फिर बाद में एक से 12 तक की पढ़ाई होगी।
जिले के लोगों का एक और सपना स्वतंत्रता दिवस को पूरा हो जाएगा। लंबे समय से यहां के लोगों की मांग थी कि केंद्रीय विद्यालय की स्थापना की जाए। काफी प्रयास के बाद इसका खाका भी तैयार कर लिया गया, लेकिन शहर के आसपास दस एकड़ जमीन नहीं मिल पा रही थी। अंतत: सदर तहसील और शहर से मात्र तीन किमी की दूरी पर स्थित शिवसत गांव में खाली पड़ी दस एकड़ जमीन को विद्यालय के लिए चुना गया। इसके बाद मानव संसाधन विकास मंत्रालय की टीम ने दो बार निरीक्षण कर विद्यालय के निर्माण की हरी झंडी दे दी। कागजी कार्रवाई के तहत 15 अगस्त को केंद्रीय विद्यालय संगठन इसे अंतिम रूप देगा। जिला प्रशासन से दस एकड़ जमीन का प्रस्ताव मिलते ही केंद्रीय विद्यालय संगठन हरकत में आ गया है। चयनित जमीन पर विद्यालय का बोर्ड लगाकर डेढ़ वर्ष में भवन तैयार करने की रणनीति तैयार की गई है। विद्यालय पूरी तरह आवासीय होगा। परिसर में ही बच्चों के लिए छात्रावास के साथ ही शिक्षक और कर्मचारियों के लिए भी आवास का निर्माण कराया जाएगा। केंद्रीय विद्यालय में कक्षा एक से पांच तक गैर आवासीय और छह से बारह तक के बच्चों को आवासीय शिक्षा दी जाएगी।
सभी को मिलेगी एक समान शिक्षा
केंद्रीय विद्यालय में कुशाग्र बुद्धि के गरीब और अमीर सभी बच्चों को बेहतर शिक्षा मिलेगी। शिक्षा का अधिकार कानून के तहत फीस चुकता करने में असमर्थ परिवारों के बच्चों को मुफ्त शिक्षा दी जाएगी।
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विनियमित क्षेत्र की बैठक में हुआ अहम फैसला ः विनियमित क्षेत्र समिति की बैठक में विनियमित क्षेत्र विकास समिति के सदस्य विवेक उपाध्याय ने केंद्रीय विद्यालय निर्माण का मुद्दा उठाया। जिस पर डीएम ने पहल करते हुए शिवसत गांव में खाली पड़ी जमीन को चिह्नित किया। भूमि का चयन होते केंद्रीय विद्यालय संगठन ने भी अपनी सहमति प्रदान कर दी।
सुरेशचंद्र महाविद्यालय में चलेंगी अस्थायी कक्षाएं
केंद्रीय विद्यालय का भवन जब तक तैयार नहीं होता है, तब तक रामलीला मैदान के निकट स्थित सुरेशचंद्र मिश्र डिग्री कॉलेज में कक्षाओं का संचालन होगा। पहले कक्षा एक से पांच तक पढ़ने वाले बच्चों को ही प्रमोट करके जूनियर और सीनियर कक्षाओं में दाखिला लिया जाएगा।
जिले में बढ़ जाएगा सीबीएसई का एक और विद्यालय
केंद्रीय विद्यालय खुलने से जिले के लोगों को एक और सीबीएसई के विद्यालय का तोहफा मिल जाएगा। अभी तक जिले में जवाहर नवोदय विद्यालय के अलावा मान्यता प्राप्त पांच विद्यालय और हैं। केंद्रीय विद्यालय खुलने से सीबीएसई के विद्यालयों की कुल संख्या सात हो जाएगी।
अगले शिक्षासत्र से चलेंगी कक्षाएं
चालू शिक्षासत्र का चार माह बीतने के कारण इस वर्ष पठन-पाठन नहीं प्रारंभ होगा। अगले शिक्षासत्र से कक्षा एक से पांच तक कक्षाएं संचालित की जाएंगी।
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जिले के लोगों का एक और सपना स्वतंत्रता दिवस को पूरा हो जाएगा। लंबे समय से यहां के लोगों की मांग थी कि केंद्रीय विद्यालय की स्थापना की जाए। काफी प्रयास के बाद इसका खाका भी तैयार कर लिया गया, लेकिन शहर के आसपास दस एकड़ जमीन नहीं मिल पा रही थी। अंतत: सदर तहसील और शहर से मात्र तीन किमी की दूरी पर स्थित शिवसत गांव में खाली पड़ी दस एकड़ जमीन को विद्यालय के लिए चुना गया। इसके बाद मानव संसाधन विकास मंत्रालय की टीम ने दो बार निरीक्षण कर विद्यालय के निर्माण की हरी झंडी दे दी। कागजी कार्रवाई के तहत 15 अगस्त को केंद्रीय विद्यालय संगठन इसे अंतिम रूप देगा। जिला प्रशासन से दस एकड़ जमीन का प्रस्ताव मिलते ही केंद्रीय विद्यालय संगठन हरकत में आ गया है। चयनित जमीन पर विद्यालय का बोर्ड लगाकर डेढ़ वर्ष में भवन तैयार करने की रणनीति तैयार की गई है। विद्यालय पूरी तरह आवासीय होगा। परिसर में ही बच्चों के लिए छात्रावास के साथ ही शिक्षक और कर्मचारियों के लिए भी आवास का निर्माण कराया जाएगा। केंद्रीय विद्यालय में कक्षा एक से पांच तक गैर आवासीय और छह से बारह तक के बच्चों को आवासीय शिक्षा दी जाएगी।
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सभी को मिलेगी एक समान शिक्षा
केंद्रीय विद्यालय में कुशाग्र बुद्धि के गरीब और अमीर सभी बच्चों को बेहतर शिक्षा मिलेगी। शिक्षा का अधिकार कानून के तहत फीस चुकता करने में असमर्थ परिवारों के बच्चों को मुफ्त शिक्षा दी जाएगी।
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विनियमित क्षेत्र की बैठक में हुआ अहम फैसला ः विनियमित क्षेत्र समिति की बैठक में विनियमित क्षेत्र विकास समिति के सदस्य विवेक उपाध्याय ने केंद्रीय विद्यालय निर्माण का मुद्दा उठाया। जिस पर डीएम ने पहल करते हुए शिवसत गांव में खाली पड़ी जमीन को चिह्नित किया। भूमि का चयन होते केंद्रीय विद्यालय संगठन ने भी अपनी सहमति प्रदान कर दी।
सुरेशचंद्र महाविद्यालय में चलेंगी अस्थायी कक्षाएं
केंद्रीय विद्यालय का भवन जब तक तैयार नहीं होता है, तब तक रामलीला मैदान के निकट स्थित सुरेशचंद्र मिश्र डिग्री कॉलेज में कक्षाओं का संचालन होगा। पहले कक्षा एक से पांच तक पढ़ने वाले बच्चों को ही प्रमोट करके जूनियर और सीनियर कक्षाओं में दाखिला लिया जाएगा।
जिले में बढ़ जाएगा सीबीएसई का एक और विद्यालय
केंद्रीय विद्यालय खुलने से जिले के लोगों को एक और सीबीएसई के विद्यालय का तोहफा मिल जाएगा। अभी तक जिले में जवाहर नवोदय विद्यालय के अलावा मान्यता प्राप्त पांच विद्यालय और हैं। केंद्रीय विद्यालय खुलने से सीबीएसई के विद्यालयों की कुल संख्या सात हो जाएगी।
अगले शिक्षासत्र से चलेंगी कक्षाएं
चालू शिक्षासत्र का चार माह बीतने के कारण इस वर्ष पठन-पाठन नहीं प्रारंभ होगा। अगले शिक्षासत्र से कक्षा एक से पांच तक कक्षाएं संचालित की जाएंगी।