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Pratapgarh News: सीबीआई 10 घंटे की पूछताछ व छानबीन के बाद रिश्वत मांगने के आरोपी डाकपाल को ले गई लखनऊ
Fri, 08 Sep 2023 02:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Updated Fri, 08 Sep 2023 02:00 AM IST
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लालगंज में सहायक उप डाकपाल को गिरफ्तार कर ले जाती सीबीआई टीम। संवाद
रिश्वत मांगने के आरोपी सहायक उप डाकपाल को सीबीआई एंटी करप्शन की टीम दस घंटे की छानबीन व पूछताछ के बाद बुधवार की आधी रात गिरफ्तार कर लखनऊ ले गई। सीबीआई ने आरोपी के घर से भी छानबीन के दौरान कुछ अहम दस्तावेज जब्त किए हैं। डाकघर में भी सीबीआई टीम आधी रात तक छानबीन करती रही। सीबीआई की अपराध शाखा में डाकघर के एजेंट ने रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए आरोपी सहायक उप डाकपाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
लालगंज डाकघर में अभिकर्ता के रूप में काम करने वाले भेभौरा निवासी रामचंद्र त्रिपाठी ने लखनऊ स्थित सीबीआई की अपराध शाखा में सहायक उप डाकपाल निशांत पांडेय पर एफडी के कमिशन से अर्जित किए गए 24 हजार रुपये से 9600 रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था। इस मामले में रामचंद्र ने पांच सितंबर को मुकदमा दर्ज कराया था।
मुकदमा दर्ज करने के दूसरे दिन सीबीआई एंटी करप्शन शाखा लखनऊ की एक टीम बुधवार को दोपहर दो बजे डाकघर में छापा मारने पहुंची थी। डाकघर में सीबीआई की टीम को देखते ही कई कर्मचारी भाग निकले। सीबीआई ने डाकघर के भीतर रिश्वतखोरी के आरोपी सहायक उप डाकपाल निशांत पांडेय को हिरासत में ले लिया टीम के सदस्यों ने निशांत से रिश्वतखोरी के बाबत लंबी पूछताछ की थी।
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डाकघर के कंप्यूटर समेत कई अभिलेख व एफडी के अभिलेखों भी टीम ने खंगाले। सीबीआई टीम के तीन सदस्य लालगंज पुलिस लेकर आरोपी के घर भी पहुंचे और घंटे भर तक छानबीन की। बताया जाता है कि सीबीआई ने आरोपी के घर से जमीन बैनामे व एफडी के कुछ कागज जांच के लिए साथ ले गई है। सीबीआई की टीम करीब दस घंटे तक डाक कर्मियों से कई बिंदुओं पर पूछताछ करती रही।
कार्रवाई के दौरान डाकघर गेट पर स्थानीय लोगों समेत डाक कर्मियों के परिजनों व रिश्तेदारों की भीड़ लग गई। लोग जानना चाहते थे कि सीबीआई किन डाक कर्मियों की गिरफ्तारी करना चाहती हैं। हालांकि बाद में लालगंज पुलिस ने भीड़ को डाकघर गेट से हटा दिया। सीबीआई रात बारह बजे पूछताछ व छानबीन पूरी करने के बाद रिश्वतखोर के आरोपी सहायक डाकपाल निशांत पांडेय को गिरफ्तार कर अपने साथ लखनऊ ले गई।
सीबीआई की छापेमारी को लेकर लोगों में चर्चाओं का बाजार गर्म है। लोगों का मानना है की सीबीआई जल्द ही इस सिलसिले में दोबारा डाकघर पहुंच सकती है। लालगंज कोतवाली के प्रभारी सहायक पुलिस अधीक्षक अमृत जैन ने बताया कि सीबीआई ने डाकघर के अंदर ही प्रक्रिया पूरी की है। स्थानीय पुलिस का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। सीबीआई को जहां पुलिस की आवश्यकता पड़ी, उपलब्ध कराई गई थी। एक डाककर्मी को सीबीआई की टीम गिरफ्तार कर लखनऊ ले गई है।
डाकघर में सीबीआई के पहुंचते ही डाकपाल विजय बहादुर सिंह समेत कुछ कर्मचारी व संविदा कर्मी भाग निकले। इसकी जानकारी होते ही जिले के मुख्य डाकघर से अफसरों ने लालगंज में एक पोस्ट मास्टर की अस्थायी तैनाती कर सीबीआई की जांच पड़ताल और छानबीन में सहयोग करने के लिए रात में ही भेजा। सूत्रों ने बताया कि यहां तैनात डाकपाल विजय बहादुर सिंह की तबीयत खराब हो गई थी, जिसके चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जिले से रात में भेजे गए पोस्ट मास्टर ने सीबीआई की टीम को वांछित जानकारी उपलब्ध कराई।
डाकघर में सीबीआई की छापेमारी की वजह से लेन देन के बाद एकत्र कैश स्ट्रांग रूम ने जमा नहीं हो सका। आधी रात तक सीबीआई की छापेमारी के चलते कर्मचारी डाकघर से बाहर नहीं निकल सके। स्ट्रांग रूम की चाबी नहीं होने से भी कैश को स्ट्रांग रूम में नहीं रखा जा सका। इसलिए कैश की रखवाली के लिए रात भर डाकघर अंदर से बंद कर कर्मचारी वहीं बैठे रहे।
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लालगंज डाकघर में अभिकर्ता के रूप में काम करने वाले भेभौरा निवासी रामचंद्र त्रिपाठी ने लखनऊ स्थित सीबीआई की अपराध शाखा में सहायक उप डाकपाल निशांत पांडेय पर एफडी के कमिशन से अर्जित किए गए 24 हजार रुपये से 9600 रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था। इस मामले में रामचंद्र ने पांच सितंबर को मुकदमा दर्ज कराया था।
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मुकदमा दर्ज करने के दूसरे दिन सीबीआई एंटी करप्शन शाखा लखनऊ की एक टीम बुधवार को दोपहर दो बजे डाकघर में छापा मारने पहुंची थी। डाकघर में सीबीआई की टीम को देखते ही कई कर्मचारी भाग निकले। सीबीआई ने डाकघर के भीतर रिश्वतखोरी के आरोपी सहायक उप डाकपाल निशांत पांडेय को हिरासत में ले लिया टीम के सदस्यों ने निशांत से रिश्वतखोरी के बाबत लंबी पूछताछ की थी।
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डाकघर के कंप्यूटर समेत कई अभिलेख व एफडी के अभिलेखों भी टीम ने खंगाले। सीबीआई टीम के तीन सदस्य लालगंज पुलिस लेकर आरोपी के घर भी पहुंचे और घंटे भर तक छानबीन की। बताया जाता है कि सीबीआई ने आरोपी के घर से जमीन बैनामे व एफडी के कुछ कागज जांच के लिए साथ ले गई है। सीबीआई की टीम करीब दस घंटे तक डाक कर्मियों से कई बिंदुओं पर पूछताछ करती रही।
कार्रवाई के दौरान डाकघर गेट पर स्थानीय लोगों समेत डाक कर्मियों के परिजनों व रिश्तेदारों की भीड़ लग गई। लोग जानना चाहते थे कि सीबीआई किन डाक कर्मियों की गिरफ्तारी करना चाहती हैं। हालांकि बाद में लालगंज पुलिस ने भीड़ को डाकघर गेट से हटा दिया। सीबीआई रात बारह बजे पूछताछ व छानबीन पूरी करने के बाद रिश्वतखोर के आरोपी सहायक डाकपाल निशांत पांडेय को गिरफ्तार कर अपने साथ लखनऊ ले गई।
सीबीआई की छापेमारी को लेकर लोगों में चर्चाओं का बाजार गर्म है। लोगों का मानना है की सीबीआई जल्द ही इस सिलसिले में दोबारा डाकघर पहुंच सकती है। लालगंज कोतवाली के प्रभारी सहायक पुलिस अधीक्षक अमृत जैन ने बताया कि सीबीआई ने डाकघर के अंदर ही प्रक्रिया पूरी की है। स्थानीय पुलिस का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। सीबीआई को जहां पुलिस की आवश्यकता पड़ी, उपलब्ध कराई गई थी। एक डाककर्मी को सीबीआई की टीम गिरफ्तार कर लखनऊ ले गई है।
डाकघर में सीबीआई के पहुंचते ही डाकपाल विजय बहादुर सिंह समेत कुछ कर्मचारी व संविदा कर्मी भाग निकले। इसकी जानकारी होते ही जिले के मुख्य डाकघर से अफसरों ने लालगंज में एक पोस्ट मास्टर की अस्थायी तैनाती कर सीबीआई की जांच पड़ताल और छानबीन में सहयोग करने के लिए रात में ही भेजा। सूत्रों ने बताया कि यहां तैनात डाकपाल विजय बहादुर सिंह की तबीयत खराब हो गई थी, जिसके चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जिले से रात में भेजे गए पोस्ट मास्टर ने सीबीआई की टीम को वांछित जानकारी उपलब्ध कराई।
डाकघर में सीबीआई की छापेमारी की वजह से लेन देन के बाद एकत्र कैश स्ट्रांग रूम ने जमा नहीं हो सका। आधी रात तक सीबीआई की छापेमारी के चलते कर्मचारी डाकघर से बाहर नहीं निकल सके। स्ट्रांग रूम की चाबी नहीं होने से भी कैश को स्ट्रांग रूम में नहीं रखा जा सका। इसलिए कैश की रखवाली के लिए रात भर डाकघर अंदर से बंद कर कर्मचारी वहीं बैठे रहे।