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कायस्थों ने विधि-विधान से की कलम-दवात की पूजा
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भइया दूज पर करनपुर में भाई की आरती करती बड़ी बहन।
- फोटो : PRATAPGARH
प्रतापगढ़। कायस्थों ने भइया दूज के अवसर पर सोमवार को भगवान चित्रगुप्त के साथ ही कलम-दवात की पूजा की। लोगों ने जेल रोड स्थित चित्रगुप्त मंदिर में विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया।
जिला कायस्थ सभा के बैनर तले जेलरोड स्थित चित्रगुप्त मंदिर में सोमवार को विधि-विधान से कलम-दवात की पूजा की गई। चित्रगुप्त भगवान को प्रसन्न करने के लिए पूजन और हवन का कार्यक्रम हुआ। जिला अध्यक्ष संतोष खरे, संरक्षक डॉ. राजेश श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष डा. शंकर सहाय के मार्गदर्शन में हुए कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने अपने आराध्य देव को याद किया। इस मौके पर गोकुलनाथ श्रीवास्तव, साकेत गर्ल्स कालेज के प्रबंधक अरविंद श्रीवास्तव, आशीष श्रीवास्तव, डा. अनिल खरे, डा. क्षितिज श्रीवास्तव, रजत सक्सेना, कमला खरे, ऊषा खरे, शिवशंकर प्रसाद खरे, डॉ. अविनाश चंद्रा, डा. रवि श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
वैदिक मंत्रों के बीच धूमधाम से हुई गोवर्धन पूजा
प्रतापगढ़। शहर से गांव तक रविवार को गोवर्धन पूजा धूमधाम से की गई। मंदिरों, आश्रमों एवं घरों में वैदिक मंत्रों के बीच भक्तों ने भगवान शालिग्राम एवं गोवर्धन का पंचामृत एवं गंगा जल से अभिषेक कर विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर आशीर्वाद लिया।
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सेनानी गांव देवली पसरन पांडे का पुरवा में सर्वोदय सद्भावना संस्थान द्वारा रामानुज आश्रम में गोवर्धन पूजा की गई। वेदमंत्रों के बीच पुरोहितों ने शालिग्राम एवं गोवर्धनजी का पंचामृत अभिषेक कराया। इसके बाद षोडशोपचार के द्वारा पूजन-अर्चन किया गया। इस अवसर पर ओमप्रकाश पांडेय अनिरुद्ध रामानुजदास ने कहा कि द्वापर युग में भगवान नारायण सोलहों कलाओं से परिपूर्ण होकर देवकी माता के गर्भ से अवतरित हुए थे। नंदबाबा के घर आकर अनेक बाल लीलाओं को प्रस्तुत कर कई संदेश दिए थे। उन्होंने गोवर्धन पूजा से जुड़ी कथा का विस्तार से वर्णन किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि प्रकृति के संवर्धन एवं प्रदूषण से मुक्ति तथा इंद्र के अहंकार को मिटाने के लिए गोवर्धन पूजा कराई थी। इस अवसर पर नारायणी रामानुज दासी, प्रणव कुमार पांडेय, देवी प्रसाद पांडेय, रामअनुज पांडेय, ओपी यादव, अमरावती वर्मा, रमाकांत पांडेय, बिंदू पांडेय आदि मौजूद रहीं।
भैया दूज पर बहनों ने की भाइयों की लंबी उम्र व समृद्धि की कामना
प्रतापगढ़। दीपावली के बाद सोमवार को भाई-बहन के अटूट प्रेम का पर्व भैयादूज परंपरागत तरीके से मनाया गया। बहनों ने पूरे विधि-विधान से अपने भइयों के माथे पर टीका लगाकर उनकी लंबी उम्र के साथ ही समृद्धि की कामना की।
मुहूर्त के अनुसार बहनों ने पूजन की थाल सजाकर भैयादूज की कथा सुनी। थाल में रखी रोली से भाई के माथे पर टीका लगाकर उन्हें मिठाई खिलाई। इसके बाद उनकी लंबी उम्र के साथ ही समृद्धि की कामना की। इसके पूर्व बहनों की टोली शहर के मंदिरों में दर्शन-पूजन को उमड़ी रही। शहर के बेल्हादेवी धाम में सुबह से ही दर्शन-पूजन के लिए भीड़ उमड़ी रही।
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जिला कायस्थ सभा के बैनर तले जेलरोड स्थित चित्रगुप्त मंदिर में सोमवार को विधि-विधान से कलम-दवात की पूजा की गई। चित्रगुप्त भगवान को प्रसन्न करने के लिए पूजन और हवन का कार्यक्रम हुआ। जिला अध्यक्ष संतोष खरे, संरक्षक डॉ. राजेश श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष डा. शंकर सहाय के मार्गदर्शन में हुए कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने अपने आराध्य देव को याद किया। इस मौके पर गोकुलनाथ श्रीवास्तव, साकेत गर्ल्स कालेज के प्रबंधक अरविंद श्रीवास्तव, आशीष श्रीवास्तव, डा. अनिल खरे, डा. क्षितिज श्रीवास्तव, रजत सक्सेना, कमला खरे, ऊषा खरे, शिवशंकर प्रसाद खरे, डॉ. अविनाश चंद्रा, डा. रवि श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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वैदिक मंत्रों के बीच धूमधाम से हुई गोवर्धन पूजा
प्रतापगढ़। शहर से गांव तक रविवार को गोवर्धन पूजा धूमधाम से की गई। मंदिरों, आश्रमों एवं घरों में वैदिक मंत्रों के बीच भक्तों ने भगवान शालिग्राम एवं गोवर्धन का पंचामृत एवं गंगा जल से अभिषेक कर विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर आशीर्वाद लिया।
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सेनानी गांव देवली पसरन पांडे का पुरवा में सर्वोदय सद्भावना संस्थान द्वारा रामानुज आश्रम में गोवर्धन पूजा की गई। वेदमंत्रों के बीच पुरोहितों ने शालिग्राम एवं गोवर्धनजी का पंचामृत अभिषेक कराया। इसके बाद षोडशोपचार के द्वारा पूजन-अर्चन किया गया। इस अवसर पर ओमप्रकाश पांडेय अनिरुद्ध रामानुजदास ने कहा कि द्वापर युग में भगवान नारायण सोलहों कलाओं से परिपूर्ण होकर देवकी माता के गर्भ से अवतरित हुए थे। नंदबाबा के घर आकर अनेक बाल लीलाओं को प्रस्तुत कर कई संदेश दिए थे। उन्होंने गोवर्धन पूजा से जुड़ी कथा का विस्तार से वर्णन किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि प्रकृति के संवर्धन एवं प्रदूषण से मुक्ति तथा इंद्र के अहंकार को मिटाने के लिए गोवर्धन पूजा कराई थी। इस अवसर पर नारायणी रामानुज दासी, प्रणव कुमार पांडेय, देवी प्रसाद पांडेय, रामअनुज पांडेय, ओपी यादव, अमरावती वर्मा, रमाकांत पांडेय, बिंदू पांडेय आदि मौजूद रहीं।
भैया दूज पर बहनों ने की भाइयों की लंबी उम्र व समृद्धि की कामना
प्रतापगढ़। दीपावली के बाद सोमवार को भाई-बहन के अटूट प्रेम का पर्व भैयादूज परंपरागत तरीके से मनाया गया। बहनों ने पूरे विधि-विधान से अपने भइयों के माथे पर टीका लगाकर उनकी लंबी उम्र के साथ ही समृद्धि की कामना की।
मुहूर्त के अनुसार बहनों ने पूजन की थाल सजाकर भैयादूज की कथा सुनी। थाल में रखी रोली से भाई के माथे पर टीका लगाकर उन्हें मिठाई खिलाई। इसके बाद उनकी लंबी उम्र के साथ ही समृद्धि की कामना की। इसके पूर्व बहनों की टोली शहर के मंदिरों में दर्शन-पूजन को उमड़ी रही। शहर के बेल्हादेवी धाम में सुबह से ही दर्शन-पूजन के लिए भीड़ उमड़ी रही।

जेल रोड स्थित चित्रगुप्त मंदिर में कलम दवात पूजा कर हवन करते कायस्थ समाज के लोग।- फोटो : PRATAPGARH