फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   Beds disappeared from hospitals, patients not being admitted, officers became unknown

अस्पतालों से गायब हो गए बेड, नहीं भर्ती किए जा रहे मरीज, अफसर बने अंजान

Wed, 21 Jul 2021 11:46 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 21 Jul 2021 11:46 PM IST
विज्ञापन
Beds disappeared from hospitals, patients not being admitted, officers became unknown
कोहडौर सीएचसी में बेड पर नहीं लगा चादर। संवाद - फोटो : PRATAPGARH
मरीजों की सहूलियत के लिए शासन ने तीस-तीस बेड के सीएचसी तैयार कराया है, मगर अधिकांश केंद्रों में महज 10 से 15 बेड की व्यवस्था है। बाकी बेड कहां गायब हो गए, इसके बारे में जिम्मेदार अफसर तक जानकारी नहीं दे पा रहे हैं। इससे मरीज परेशान होते हैं। चिकित्सक तत्काल गंभीर रोगी बताकर रेफर कर देते हैं।
विज्ञापन

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रानीगंज, कोहड़ौर, बेलखरनाथ, गौरा, कहला, नारायणनपुर, ढिढुई, मानापुर, अरैला, हरीपुर बरदैता और पृथ्वीगंज में मरीजों की सहूलियत के लिए शासन ने सीएचसी की स्थापना की है। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि इन अस्पतालों में मरीजों को भर्ती कर इलाज करने के लिए तीस-तीस बेड की व्यवस्था की गई है। 24 घंटे अस्पतालों का संचालन किया जाता है। हालांकि हकीकत कुछ और है।
विज्ञापन

रानीगंज सीएचसी में तीस बेड की व्यवस्था थी, मगर मौजूदा समय में यहां पर महज 10 बेड का आयुष्मान वार्ड, सात बेड का लेबररूम, तीन बेड का जनरल तो एक बेड का इमरजेंसी बनाया गया है। सीएचसी अधीक्षक रजनीश प्रियदर्शी का कहना है कि बाकी बेड को ट्रामा सेंटर भेज दिया गया है। उधर, कोहड़ौर में मौजूूदा समय में 14 बेड हैं। अधीक्षक भरत पाठक ने बताया कि एक वार्ड को खाली कराया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बेलखरनाथ सीएचसी में तीस के बजाय 15 ही बेड हैं। गौरा में 20 बेड, कहला में 15, नारायणपुर,ढिढुई, मानापुर, अरैला, हरीपुर बरदैता, पृथ्वीगंज, साल्हीपुर कंजास, गड़वारा में 10-10 बेड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का संचालन हो रहा है। ज्यादातर सीएचसी 24 घंटे के बजाय महज आठ से बारह घंटे संचालित किए जा रहे हैं। जिम्मेदार इससे पूरी तरह अनजान बने हैं।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तीस बेड के होते हैं। अस्पतालों के संचालन से पहले तीस बेड आए थे। बेड कहां गए, इसकी जांच कराई जाएगी। यदि बेड कम मिले तो अधीक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डॉक्टर एसके सिंह, डिप्टी सीएमओ

कोहडौर सीएचसी में खाली पड़ा इमरजेंसी कक्ष। संवाद

कोहडौर सीएचसी में खाली पड़ा इमरजेंसी कक्ष। संवाद- फोटो : PRATAPGARH

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed