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Pratapgarh News: कोचिंग सेंटरों की जांच के लिए कमेटी के गठन का इंतजार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 03 Aug 2024 04:00 AM IST
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Awaiting formation of committee to investigate coaching centers
जिले में संचालित कोचिंग सेंटरों की जांच के लिए अभी तक कमेटी का गठन नहीं हो सका है। जिस कारण बिना पंजीयन के चल रही कोचिंग की जांच नहीं हो पा रही है। विभागीय अधिकारी शिकायत मिलने पर जांच करने की बात कह रहे हैं। डीआईओएस कार्यालय में महज 29 कोचिंग संस्थानों का पंजीयन है। जबकि जिलेभर में सैंकड़ों की संख्या में कोचिंग सेंटर बिना पंजीयन के संचालित हो रहे हैं। जिलेभर में हुई पड़ताल में बिना पंजीयन कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं।
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शहर में प्रमुख मार्गों पर 70 से अधिक कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं। कटरा मेंदनीगंज में चार, प्रतापगढ़ सिटी में पांच, मोहनगंज में सात, गड़वारा में छह कोचिंग संचालित हो रही हैं। वहीं लालगंज तहसील में सिर्फ तीन कोचिंग का पंजीयन है जबकि सगरा सुंदरपुर, लीलापुर अठेहा, रानीगंज कैथोला, बाबूगंज व सांगीपुर में 31 कोचिंग संस्थानों का संचालन हो रहा है। कुंडा कस्बे में 12 कोचिंग संचालित हैं। इसके साथ ही बाबागंज, हीरागंज, संग्रामगढ़, मानिकपुर लालाबाजार, आलापुर परियावां, पूरे धनऊ ,हथिगवां, बिहार, बाघराय में बिना पंजीयन के 70 से अधिक कोचिंग का संचालन किया जा रहा है।
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पट्टी तहसील क्षेत्र 15 कोचिंग का संचालन किया जा रहा है। वहीं ढकवा, अमरगढ़, उड़ैयाडीह, बीरापुर व जामताली समेत अन्य जगहों पर 35 कोचिंग सेंटर संचालित किए जा रहे हैं। रानीगंज तहसील क्षेत्र में 13 कोचिंग सेंटर संचालित हैं। वहीं सोबंसा में सात, फतनपुर में चार, रामापुर में तीन, गीतानगर में चार, पृथ्वीगंज में तीन व दुर्गागंज में पांच कोचिंग सेंटर बिना पंजीयन के संचालित हो रहे हैं।
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प्रधानाचार्यों व प्रभारी प्रधानाचार्यों की है जिम्मेदारी

जिले के 17 ब्लॉकों में चल रहे कोचिंग सेंटर की जांच की जिम्मेदारी के लिए राजकीय माध्यमिक विद्यालयाें के प्रधानाचार्यों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाता है। प्रत्येक ब्लॉक के लिए एक नोडल अफसर बनाया जाता है। यह नोडल अफसर ब्लॉक में संचालित कोचिंग सेंटर की नियमित जांचकर डीआईओएस को रिपोर्ट सौंपते हैं। लेकिन अभी तक जिम्मेदारी तय नहीं की गई।
जिलेभर में 29 कोचिंग सेंटर पंजीकृत हैं। बिना पंजीयन के संचालित हो रही कोचिंग की जांच के लिए कमेटी के गठन की तैयारी की जा रही है। कमेटी का गठन होने पर जल्द ही जांच शुरू होगी।

ओमकार राणा, डीआईओएस प्रतापगढ़।
नियमों को ताक पर रखकर कोचिंग संस्थान चलाना कतई उचित नहीं है। कोचिंग संचालकों को पढ़ने आने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर मानकाें और नियमों का शत-प्रतिशत पालन करना होगा। यह सुनिश्चित कराने के लिए डीआईओएस को जिम्मेदारी दी गई है, शीघ्र ही उनसे इस संबंध में रिपोर्ट तलब की जाएगी।
- संजीव रंजन, जिलाधिकारी।
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