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धमके आस्ट्रेलियाई परिंदे, ग्रामीणों में हड़कंप
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Tue, 30 Aug 2016 12:48 AM IST
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pratapgarh news
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कंधई इलाके के जगदीशगढ़ व सोनाही गांव में रविवार आधी रात को अजीबोगरीब पक्षियों के पहुंचने से हड़कंप मच गया। इनमें से आठ पक्षियों को ग्रामीणों ने बांध लिया। जबकि दो पक्षी गांव में ही मृत मिले। खबर मिलने बाद सोमवार दोपहर बाद पहुंचे वन विभाग कर्मी इन पक्षियों को अपने साथ ले गए और चिलबिला के जंगल में छोड़ दिया। बताया गया कि ये ऑस्ट्रेलिया में मिलने वाले इमू पक्षी हैं। हालांकि ये जगदीशगढ़ व सोनाही गांव में कैसे पहुंचे, इसका पता नहीं चल पाया।
ये पक्षी आधी रात को दोनों गांवों में पहुंचे थे। विशाल पक्षियों को देख कुत्ते भौंकने लगे। अजीब सी आवाजें सुन ग्रामीणों ने पहले समझा कि जंगली सुअर खेत की फसल नष्ट करने आए हैं। पक्षियों से अनजान ग्रामीणों ने उन्हे खदेड़ लिया। इसके बाद खबर फैली कि गांव में शुतुरमुर्ग आए हैं। तब तक भारी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए। जगदीशगढ़ के अधिवक्ता रियाज अहमद, पवन, वृजेश, आजाद, हरीलाल ने अपने दरवाजे पर इन्हें बांध लिया। सोनाही गांव में मिठाई लाल व हासिम के दरवाजे पर भी पक्षी बंधे मिले। ग्रामीणों का आरोप था कि कई बार सूचना के बाद भी पुलिस या वन कर्मी रात में नहीं पहुंचे।
सोमवार दोपहर बाद वन दरोगा कमलेश त्रिपाठी वाहन लेकर पहुंचे और इन पक्षियों को एकत्र कर चिलबिला जंगल ले गए। इस दौरान ग्रामीणों ने दो पक्षियों के मौत की बात भी बताई। जिनके शव की तलाश करना वन विभाग कर्मियों ने बेहतर नहीं समझा। जिला वन अधिकारी योगेन्द्र प्रताप शुक्ल ने बताया कि गांव में मिले पक्षी इमू मुख्यत: ऑस्ट्रेलिया में पाए जाते हैं। जनपद और दूसरे जनपदों में भी कुछ लोगों ने इन्हें पाल रखा है। हो सकता है कि कोई पक्षियों को लेकर जा रहा हो और वे भाग निकले हों।
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ये पक्षी आधी रात को दोनों गांवों में पहुंचे थे। विशाल पक्षियों को देख कुत्ते भौंकने लगे। अजीब सी आवाजें सुन ग्रामीणों ने पहले समझा कि जंगली सुअर खेत की फसल नष्ट करने आए हैं। पक्षियों से अनजान ग्रामीणों ने उन्हे खदेड़ लिया। इसके बाद खबर फैली कि गांव में शुतुरमुर्ग आए हैं। तब तक भारी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए। जगदीशगढ़ के अधिवक्ता रियाज अहमद, पवन, वृजेश, आजाद, हरीलाल ने अपने दरवाजे पर इन्हें बांध लिया। सोनाही गांव में मिठाई लाल व हासिम के दरवाजे पर भी पक्षी बंधे मिले। ग्रामीणों का आरोप था कि कई बार सूचना के बाद भी पुलिस या वन कर्मी रात में नहीं पहुंचे।
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सोमवार दोपहर बाद वन दरोगा कमलेश त्रिपाठी वाहन लेकर पहुंचे और इन पक्षियों को एकत्र कर चिलबिला जंगल ले गए। इस दौरान ग्रामीणों ने दो पक्षियों के मौत की बात भी बताई। जिनके शव की तलाश करना वन विभाग कर्मियों ने बेहतर नहीं समझा। जिला वन अधिकारी योगेन्द्र प्रताप शुक्ल ने बताया कि गांव में मिले पक्षी इमू मुख्यत: ऑस्ट्रेलिया में पाए जाते हैं। जनपद और दूसरे जनपदों में भी कुछ लोगों ने इन्हें पाल रखा है। हो सकता है कि कोई पक्षियों को लेकर जा रहा हो और वे भाग निकले हों।
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