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Pratapgarh News: दूध, लावा से जलाभिषेक कर पूजे गए औघड़दानी
Mon, 21 Aug 2023 09:07 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Updated Mon, 21 Aug 2023 09:07 PM IST
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घुइसरनाथ, बेलखरनाथ, भयहरणनाथ, बालूकेश्वरनाथ पौराणिक शिवालयों में दिखा भक्तों का रेला
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। सोमवार को नागपंचमी पर दूध, लावा से भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर पूजन किया। अलग- अलग पौराणिक शिवालयों में सुबह से शाम तक पूजन के लिए भक्तों की लंबी कतार लगी रही। शिवालयों में भंडारे भी हुए।
सोमवार को नागपंचमी पर कंधई के बेलखरनाथ, सांगीपुर के घुइसरनाथ, जेठवारा के भयहरणनाथ, हथिगवां के हौदेश्वरनाथ व लीलापुर के बालूकेश्वरनाथ धाम के साथ ही बेल्हादेवी के शिव धाम, सिविल लाइंस के शिव मंदिर, शहर के स्टेशन रोड, , सीताराम धाम, दहिलामऊ स्थित शिवमंदिर सहित शहर के सभी पारंपरिक पूजन स्थलों पर पहुंचकर महिलाओं ने नागदेवता के निमित्त पूजन किया।
पौराणिक शिवालयों में कांवड़ियों ने भी बोल बम के जयकारों के बीच औघड़दानी का जलाभिषेक किया। धाम में हुए भंडारे में सुबह से लेकर शाम तक बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।
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तालाबों पर भाइयों ने निभाई परंपरा
नागपंचमी पर सदियों से चली आ रही गुडिय़ा पीटने की परंपरा इस बार भी भाइयों ने निभाई। रानीगंज, लालगंज, पट्टी, कुंडा व सदर क्षेत्र में तालाबों में भाइयों ने कपड़े से निर्मित गुडिय़ा डाली जिसे भइयों ने डंडे से पीटकर परंपरा निभाई। साथ ही बहनों की रक्षा का संकल्प भी लिया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। सोमवार को नागपंचमी पर दूध, लावा से भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर पूजन किया। अलग- अलग पौराणिक शिवालयों में सुबह से शाम तक पूजन के लिए भक्तों की लंबी कतार लगी रही। शिवालयों में भंडारे भी हुए।
सोमवार को नागपंचमी पर कंधई के बेलखरनाथ, सांगीपुर के घुइसरनाथ, जेठवारा के भयहरणनाथ, हथिगवां के हौदेश्वरनाथ व लीलापुर के बालूकेश्वरनाथ धाम के साथ ही बेल्हादेवी के शिव धाम, सिविल लाइंस के शिव मंदिर, शहर के स्टेशन रोड, , सीताराम धाम, दहिलामऊ स्थित शिवमंदिर सहित शहर के सभी पारंपरिक पूजन स्थलों पर पहुंचकर महिलाओं ने नागदेवता के निमित्त पूजन किया।
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पौराणिक शिवालयों में कांवड़ियों ने भी बोल बम के जयकारों के बीच औघड़दानी का जलाभिषेक किया। धाम में हुए भंडारे में सुबह से लेकर शाम तक बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।
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तालाबों पर भाइयों ने निभाई परंपरा
नागपंचमी पर सदियों से चली आ रही गुडिय़ा पीटने की परंपरा इस बार भी भाइयों ने निभाई। रानीगंज, लालगंज, पट्टी, कुंडा व सदर क्षेत्र में तालाबों में भाइयों ने कपड़े से निर्मित गुडिय़ा डाली जिसे भइयों ने डंडे से पीटकर परंपरा निभाई। साथ ही बहनों की रक्षा का संकल्प भी लिया।