Pratapgarh News: फायरब्रिगेड कर्मियों पर हमला, बीएसएफ जवान समेत छह गिरफ्तार
फायर स्टेशन लालगंज में तैनात प्रभारी सुरेंद्र मिश्र की ओर से दर्ज कराए मुकदमे के अनुसार 24 मार्च की रात संडवा सोमवंशियान के जंगल में आग लगने की सूचना पर वह अग्निशमन वाहन लेकर घटनास्थल पर पहुंचे। जंगल के करीब तक जाने का रास्ता नहीं था।
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संडवा सोमवंशियान के जंगल में लगी आग बुझाने गए फायरब्रिगेड कर्मियों पर ग्रामीणों ने हमला बोल दिया। विवाद फायर टेंडर न चलने की वजह से हुआ था। मामले में सरकारी कार्य में बाधा डालने, कर्मचारियों के ऊपर फायरिंग और तोड़फोड़ करने के आरोप में पुलिस ने बीएसएफ जवान समेत छह नामजद व 20 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। बीएसएफ जवान समेत छह नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
फायर स्टेशन लालगंज में तैनात प्रभारी सुरेंद्र मिश्र की ओर से दर्ज कराए मुकदमे के अनुसार 24 मार्च की रात संडवा सोमवंशियान के जंगल में आग लगने की सूचना पर वह अग्निशमन वाहन लेकर घटनास्थल पर पहुंचे। जंगल के करीब तक जाने का रास्ता नहीं था। ऐसे में एक मुर्गीफार्म के पास वाहन रोककर कर्मचारी दूसरे संसाधन से बस्ती की ओर बढ़ रही आग बुझाने लगे। इस बीच वाहन से पानी चलाने चलाने को लेकर ग्रामीणों व फायरब्रिगेड कर्मचारियों के बीच कहासुनी होने लगी।
आरोप है कि इस बीच गांव के जयकरन सिंह अपने बेटे रोहित सिंह, बीएसएफ के जवान नागेंद्र बहादुर सिंह अपने बेटे सचिन व सौरभ और अनूप गौड़ अपने बीस अज्ञात साथियों के साथ डंडा, कुल्हाड़ी, बांका समेत अन्य हथियार लेकर पहुंचे। गालीगलौज करते हुए जानलेवा हमला किया। अग्निशमन वाहन में तोड़फोड़ की। उसमें आग लगाने की भी कोशिश की गई। जान बचाकर भागने के दौरान लाइसेंसी असलहे से फायरिंग भी की गई।
लीलापुर थानाध्यक्ष नरेंद्र सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने पर रात में ही पहुंची पुलिस ने उपरोक्त लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर सभी को पकड़ लिया। बीएसएफ के जवान नागेंद्र के पास से लाइसेंसी बंदूक व कारतूस भी बरामद किया। पुलिस ने पकड़े गए सभी छह आरोपियों को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया। फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।
होली तक ही मिली थी नागेंद्र को छुट्टी
बीएसएफ के जवान नागेंद्र सिंह को होली के दिन तक ही अवकाश मिला था। सोमवार की शाम उन्हें ड्यूटी पर वापस लौटना था। घटना के बाद परिजनों ने हेडक्वार्टर के बड़े अधिकारियों को मामले की जानकारी दी।
ग्रामीणों का आरोप- गांव में नहीं हुई फायरिंग
ग्रामीणों का कहना था कि आग बुझाने पहुंचे फायरब्रिगेड कर्मी फायर टेंडर नहीं चला सके। आग भड़कती जा रही थी, बस्ती तक पहुंच सकती थी। यह देख ग्रामीणों ने खरीखोटी सुनाते हुए दूसरा फायर टेंडर मंगाने को कहा। जिसे लेकर हुई कहासुनी ने विवाद का रूप धारण कर लिया। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस बंदूक तो घर से उठाकर ले गई। पुलिस ने जबरन फायर टेंडर पर बंदूक से गोली चलवाई। हालांकि, थानाध्यक्ष लीलापुर आरोप को बेबुनियाद बता रहे हैं।