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कैंप पर हमला, प्रतापगढ़ के दो युवकों की मौत
प्रतापगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 10 Jan 2017 12:57 AM IST
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एलओसी पर पलांवाला सेक्टर में देर रात आतंकियों ने ग्रेफ के कैंप पर हमला कर दिया। हमले में जनरल रिजर्व इंजीनियर फोर्स (ग्रेफ) के तीन कैजुअल वर्करों की मौत हो गई। जान गंवाने वाले दो युवक और जख्मी वर्कर यूपी के प्रतापगढ़ जिले के हैं। रविवार रात 1.30 बजे आतंकियों ने बट्टल गांव में स्थित ग्रेफ की 361 आरएमपीएल के कैंप को निशाना बनाया और हमले के बाद अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। सेना ने पूरे इलाके को खंगालने का अभियान चलाया लेकिन सोमवार रात तक कोई कामयाबी नहीं मिल पाई। ग्रेफ का यह कैंप एलओसी से महज दो किलोमीटर की दूरी पर है।
आतंकियों ने ग्रेफ कैंप को सैन्य शिविर समझकर हमला किया। मृतकों की पहचान सलमान खान पुत्र फुल्लन उर्फ अजीजुल हसन (21) निवासी मानधाता (प्रतापगढ़-यूपी), इरशाद आलम (20)पुत्र अब्दुल गफ्फार बहरापुर मानधाता (प्रतापगढ़-यूपी) और रोमेश टोपनो गुमला झारखंड के रूप में हुई है। घायल वर्कर अब्दुल अजीज (21) भी शिवरा-मानधाता (प्रतापगढ़-यूपी) का है। अजीज को पैर में गोली लगी है। प्रतापगढ़ के तीनों युवक 25 दिसंबर को ही नौकरी करने के लिए कश्मीर गए थे। आतंकी ग्रेफ के एक अधिकारी का मोबाइल भी साथ ले गए, जो चार्जिंग के लिए लगाया गया था। सूत्रों ने बताया कि आतंकी गोलियां बरसाते हुए कैंप में घुस गए। दस हैंड ग्रेनेड दागे और कैमिकल फेंक कर आग लगा दी। आतंकियों ने करीब पंद्रह मिनट तक अंधाधुंध गोलियां चलाईं। हमले के वक्त वहां ग्रेफ के कुल 24 (चार कैजुअल वर्कर्स और 20 स्थायी कर्मचारी) सो रहे थे। ग्रेनेड धमाकों से कैंप की बिजली गुल हो गई। अंधेरे की वजह से आतंकियाें को वह कमरा नहीं दिखा जिसमें बीस स्थायी कर्मचारी सोए हुए थे। इसके बाद आतंकी फरार हो गए। गोलीबारी की आवाज सुनकर कुछ ही दूरी पर स्थित सेना की यूनिट के जवानों ने मोर्चा संभाल लिया और सर्च आपरेशन चलाया, लेकिन आतंकियों का कोई पता नहीं चला।
बताते हैं कि आतंकियों ने ग्रेफ कैंप के पास स्थित आर्मी कैंप पर भी दो ग्रेनेड फेंके थे जिसमें एक फटा। आतंकियों ने ग्रेफ कैंप में खड़े पानी के टैंकर को भी जलाने की कोशिश की थी। मौके से तीन ग्रेनेड, दो पिट्ठू बैग जिसमें एक में गर्म कपड़े और दूसरे में खाने-पीने का सामान था, बरामद किया है। 100 राउंड भी मौके से मिला है। हालांकि सैन्य प्रवक्ता मनीष मेहता का कहना है कि आर्मी कैंप पर ग्रेनेड नहीं फेंका गया। आतंकियों का निशाना सेना का शिविर था। ग्रेफ के कैंप को सैन्य शिविर समझकर आतंकियों ने हमला कर दिया जिससे तीन कैजुअल वर्करों की मौत हो गई। हमले के बारे में सभी एजेंसियों के तालमेल से जानकारी जुटाई जा रही है। सेना सर्च आपरेशन चला रही है।
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आतंकियों ने ग्रेफ कैंप को सैन्य शिविर समझकर हमला किया। मृतकों की पहचान सलमान खान पुत्र फुल्लन उर्फ अजीजुल हसन (21) निवासी मानधाता (प्रतापगढ़-यूपी), इरशाद आलम (20)पुत्र अब्दुल गफ्फार बहरापुर मानधाता (प्रतापगढ़-यूपी) और रोमेश टोपनो गुमला झारखंड के रूप में हुई है। घायल वर्कर अब्दुल अजीज (21) भी शिवरा-मानधाता (प्रतापगढ़-यूपी) का है। अजीज को पैर में गोली लगी है। प्रतापगढ़ के तीनों युवक 25 दिसंबर को ही नौकरी करने के लिए कश्मीर गए थे। आतंकी ग्रेफ के एक अधिकारी का मोबाइल भी साथ ले गए, जो चार्जिंग के लिए लगाया गया था। सूत्रों ने बताया कि आतंकी गोलियां बरसाते हुए कैंप में घुस गए। दस हैंड ग्रेनेड दागे और कैमिकल फेंक कर आग लगा दी। आतंकियों ने करीब पंद्रह मिनट तक अंधाधुंध गोलियां चलाईं। हमले के वक्त वहां ग्रेफ के कुल 24 (चार कैजुअल वर्कर्स और 20 स्थायी कर्मचारी) सो रहे थे। ग्रेनेड धमाकों से कैंप की बिजली गुल हो गई। अंधेरे की वजह से आतंकियाें को वह कमरा नहीं दिखा जिसमें बीस स्थायी कर्मचारी सोए हुए थे। इसके बाद आतंकी फरार हो गए। गोलीबारी की आवाज सुनकर कुछ ही दूरी पर स्थित सेना की यूनिट के जवानों ने मोर्चा संभाल लिया और सर्च आपरेशन चलाया, लेकिन आतंकियों का कोई पता नहीं चला।
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बताते हैं कि आतंकियों ने ग्रेफ कैंप के पास स्थित आर्मी कैंप पर भी दो ग्रेनेड फेंके थे जिसमें एक फटा। आतंकियों ने ग्रेफ कैंप में खड़े पानी के टैंकर को भी जलाने की कोशिश की थी। मौके से तीन ग्रेनेड, दो पिट्ठू बैग जिसमें एक में गर्म कपड़े और दूसरे में खाने-पीने का सामान था, बरामद किया है। 100 राउंड भी मौके से मिला है। हालांकि सैन्य प्रवक्ता मनीष मेहता का कहना है कि आर्मी कैंप पर ग्रेनेड नहीं फेंका गया। आतंकियों का निशाना सेना का शिविर था। ग्रेफ के कैंप को सैन्य शिविर समझकर आतंकियों ने हमला कर दिया जिससे तीन कैजुअल वर्करों की मौत हो गई। हमले के बारे में सभी एजेंसियों के तालमेल से जानकारी जुटाई जा रही है। सेना सर्च आपरेशन चला रही है।
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