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पुलवामा में कुंडा का लाल शहीद
प्रतापगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 10 Aug 2018 11:47 PM IST
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शहीद के बच्चे।
- फोटो : pratpgarh
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श्रीनगर के पुलवामा ट्रेनिंग सेंटर पर हुए आतंकी हमले में हथिगवां थाना क्षेत्र के दलापुर गांव निवासी बाबू यादव भी शहीद हो गए। इसकी सूचना दोपहर में उनके बच्चों को मिली तो उनमें चीखपुकार मच गई। जानकारी पर शहीद के रिश्तेदार उनका शव लेने के लिए दिल्ली रवाना हो गए। रात तक शव गांव पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
हथिगवां थाना क्षेत्र के बाबू यादव (40) पुत्र रामलखन सेना में बतौर सिपाही तैनात थे। पूर्व में इनकी पोस्टिंग दिल्ली में थी। अभी हाल ही में उन्हें श्रीनगर के पुलवामा में तैनात किया गया। बुधवार की रात में पुलवामा ट्रेनिंग सेंटर पर आतंकी हमला हो गया। इसमें बाबू समेत पांच जवान शहीद हो गए। दोपहर में इलाहाबाद में रहकर पढ़ाई कर रहे बाबू के बेटे शुभम (13) के मोबाइल पर दिल्ली से फोन आया। वहां से बताया गया कि वह किसी अभिभावक से बात कराए। इस पर उसने अपने मामा रमेश यादव को फोन कर सारी बात बताई। एक घंटे में उसके मामा उसके पास पहुंचे और अधिकारियों से बात की। अधिकारियों ने बताया कि पुलवामा में बाबू यादव आतंकी हमले में शहीद हो गए। शव दिल्ली लाया जा रहा है। दिल्ली से किसी एक अभिभावक के आने के बाद शव को गांव ले जाया जा सकेगा। रमेश ने इसकी सूचना शहीद की पत्नी मीरा देवी सहित अपने परिजनों को दी। इससे पूरे परिवार में कोहराम मच गया। उधर, रमेश के बड़े भाई तुरंत दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
बच्चों से कहा था, मन लगाकर पढ़ो, आर्मी में अफसर बनना है
अभी हफ्ते भर की ही तो बात है। बाबू छुट्टी काटकर ड्यूटी पर गए थे। गांव के लोगों से मिलकर उन्होंने बताया कि उनकी पोस्टिंग श्रीनगर में हो गई है। अब उन्हें बफीर्ली वादियों में रहकर ड्यूटी करनी होगी। 15 दिन की छुट्टी पर आए जवान ने बच्चों का एडमीशन इलाहाबाद में कराया था। इसके बाद वह दो अगस्त को ही घर से ड्यूटी के लिए रवाना हुए थे। यह बात गांव के लोगों में चर्चा का विषय बनी हुई है।
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हथिगवां के दलापुर गांव के मूल निवासी बाबू यादव के माता-पिता का निधन हो चुका है। चार भाइयों में वह सबसे बड़े थे। सभी भाई अलग-अलग काम करते हैं। वह 17 जुलाई को छुट्टी पर घर आए थे। इसके बाद उन्होंने बच्चों का एडमीशन इलाहाबाद के बीबीएस कालेज में कराया। बेटा शुभम यादव (13) कक्षा नौ का छात्र है। पुत्री पियंका यादव (16) कक्षा 11 की छात्रा है। दोनों बच्चों का उन्होंने अच्छे कालेज में इसलिए एडमीशन कराया था कि वह उन्हें आर्मी में अधिकारी बना सकें। वह अपने बच्चों से कहकर गए थे वह अच्छी पढ़ाई करें। उन्हें आर्मी में आफीसर की नौकरी करके देश की सेवा करनी है। उनके शब्द बच्चों को याद हैं। गांव के लोागें से भी यह बात कही थी। यही कारण था कि उन्होंने इलाहाबाद के गोविंद नगर में कमरा लेकर दोनों बच्चों को दिया था। वहीं पर उनके रिश्तेदार का एक लड़का प्रशांत यादव और उसकी पत्नी मीरा भी रहती थी। शुक्रवार की दोपहर आई उनकी मौत की सूचना ने पूरे परिवार पर वज्रपात कर दिया।
आर्मी में अफसर बनकर आतंकियों से लेंगे पिता की मौत का बदला
पिता के शहीद होने के बाद बच्चों में आर्मी में अफसर बनने की चाहत और बलवती हो गई है। पति बाबू यादव के शहीद होने की सूचना मिलने के बाद मीरा का एक पल के लिए जैसे सबकुछ खत्म हो गया लेकिन, देशसेवा की बात आते ही वह फौलाद बन गई। कहा कि मेरे बच्चे आर्मी में अफसर बनकर आतंकियों से पिता की मौत का बदला लेंगे। आंखों से बह रहे आंसुओं के बीच वह चीखते हुए कहती रही कि वह अपने पति के सपनों को पूरा करने के लिए हर कष्ट उठाएगी।
हथिगवां के दलापुर गांव निवासी बाबू यादव का सपना था कि वह अपने बच्चों को आर्मी में अफसर बनाए। वह जब भी छुट्टी पर आते थे तो बच्चों को अफसर बनकर देश की सेवा करने की बात कहते थे। पिछली छुट्टी में भी उन्होंने यही बात बच्चों और पत्नी से कही थी। यही कारण है कि पिता की मौत के बाद बच्चों ने भी हुंकार भरी है। उनका कहना है कि वह पिता के सपनों को पूरा करने के लिए वह हर कष्ट उठाएंगे। बेटा शुभम और बेटी प्रियंका का कहना है कि वह अफीसर बनकर पिता की मौत का बदला जरूर लेंगे। इसके लिए वह दिनरात मेहनत करेंगे। यही नहीं उसकी पत्नी मीरा भी बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित जरूर है, लेकिन वह हर हाल में पति के सपनों को सच करना चाहती है। आंख से उसके आंसू जरूर बह रहे हैं, लेकिन उसके जज्बे में कोई कमी नहीं आई है।
लोगों ने बंधाया ढांढस, हर संभव मदद का दिया आश्वासन
जवान की मौत की सूचना पर राजा भैया परिवार के लोग गांव पहुंचे और दुखी परिजनों को सांत्वना देते हुए हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया। इसके साथ ही शोक संवेदना जताते हुए हर समय साथ होने की बात कही। विधायक ने शासकीय मदद दिलाने में मदद करने की भी बात कही।
हथिगवां के दलापुंर गांव निवासी सैनिक बाबू यादव की मौत की सूचना बाबागंज विधायक को मिली तो उन्होंने इसकी सूचना तुरंत पूर्व मंत्री रघुराजप्रताप सिंह राजा भैया को दी। इसके बाद उनके निर्देश पर प्रतिनिधि हरिओम शंकर व कुंडा प्रमुख संतोष सिंह के साथ जवान के घर पहुंचे। वहां पहुंचकर उन्होंने परिजनों को सांत्वना दी। पूरी जानकारी करने के बाद विधायक बाबागंज व प्रतिनिधि हरिओम शंकर श्रीवास्तव ने सैनिक के परिवार को हर तरह की मदद देने कार आश्वासन दिया। इस दौरान बताया गया कि रात में शव आने की संभावना है। इस पर विधायक ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वह स्वयं जाकर शव लाने में मदद करेंगे। इसके साथ ही शासकीय सहायता में भी पूरी मदद की जाएगी। उन्होंने कहा कि बाबू यादव पर उन्हें गर्व है और उसकी शहादत को बेकार नहीं जाने दिया जाएगा। इस दौरान उनके साथ प्रधान जीतू सिंह, ज्ञान सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष उमाशंकर यादव सहित भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।
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हथिगवां थाना क्षेत्र के बाबू यादव (40) पुत्र रामलखन सेना में बतौर सिपाही तैनात थे। पूर्व में इनकी पोस्टिंग दिल्ली में थी। अभी हाल ही में उन्हें श्रीनगर के पुलवामा में तैनात किया गया। बुधवार की रात में पुलवामा ट्रेनिंग सेंटर पर आतंकी हमला हो गया। इसमें बाबू समेत पांच जवान शहीद हो गए। दोपहर में इलाहाबाद में रहकर पढ़ाई कर रहे बाबू के बेटे शुभम (13) के मोबाइल पर दिल्ली से फोन आया। वहां से बताया गया कि वह किसी अभिभावक से बात कराए। इस पर उसने अपने मामा रमेश यादव को फोन कर सारी बात बताई। एक घंटे में उसके मामा उसके पास पहुंचे और अधिकारियों से बात की। अधिकारियों ने बताया कि पुलवामा में बाबू यादव आतंकी हमले में शहीद हो गए। शव दिल्ली लाया जा रहा है। दिल्ली से किसी एक अभिभावक के आने के बाद शव को गांव ले जाया जा सकेगा। रमेश ने इसकी सूचना शहीद की पत्नी मीरा देवी सहित अपने परिजनों को दी। इससे पूरे परिवार में कोहराम मच गया। उधर, रमेश के बड़े भाई तुरंत दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
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बच्चों से कहा था, मन लगाकर पढ़ो, आर्मी में अफसर बनना है
अभी हफ्ते भर की ही तो बात है। बाबू छुट्टी काटकर ड्यूटी पर गए थे। गांव के लोगों से मिलकर उन्होंने बताया कि उनकी पोस्टिंग श्रीनगर में हो गई है। अब उन्हें बफीर्ली वादियों में रहकर ड्यूटी करनी होगी। 15 दिन की छुट्टी पर आए जवान ने बच्चों का एडमीशन इलाहाबाद में कराया था। इसके बाद वह दो अगस्त को ही घर से ड्यूटी के लिए रवाना हुए थे। यह बात गांव के लोगों में चर्चा का विषय बनी हुई है।
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हथिगवां के दलापुर गांव के मूल निवासी बाबू यादव के माता-पिता का निधन हो चुका है। चार भाइयों में वह सबसे बड़े थे। सभी भाई अलग-अलग काम करते हैं। वह 17 जुलाई को छुट्टी पर घर आए थे। इसके बाद उन्होंने बच्चों का एडमीशन इलाहाबाद के बीबीएस कालेज में कराया। बेटा शुभम यादव (13) कक्षा नौ का छात्र है। पुत्री पियंका यादव (16) कक्षा 11 की छात्रा है। दोनों बच्चों का उन्होंने अच्छे कालेज में इसलिए एडमीशन कराया था कि वह उन्हें आर्मी में अधिकारी बना सकें। वह अपने बच्चों से कहकर गए थे वह अच्छी पढ़ाई करें। उन्हें आर्मी में आफीसर की नौकरी करके देश की सेवा करनी है। उनके शब्द बच्चों को याद हैं। गांव के लोागें से भी यह बात कही थी। यही कारण था कि उन्होंने इलाहाबाद के गोविंद नगर में कमरा लेकर दोनों बच्चों को दिया था। वहीं पर उनके रिश्तेदार का एक लड़का प्रशांत यादव और उसकी पत्नी मीरा भी रहती थी। शुक्रवार की दोपहर आई उनकी मौत की सूचना ने पूरे परिवार पर वज्रपात कर दिया।
आर्मी में अफसर बनकर आतंकियों से लेंगे पिता की मौत का बदला
पिता के शहीद होने के बाद बच्चों में आर्मी में अफसर बनने की चाहत और बलवती हो गई है। पति बाबू यादव के शहीद होने की सूचना मिलने के बाद मीरा का एक पल के लिए जैसे सबकुछ खत्म हो गया लेकिन, देशसेवा की बात आते ही वह फौलाद बन गई। कहा कि मेरे बच्चे आर्मी में अफसर बनकर आतंकियों से पिता की मौत का बदला लेंगे। आंखों से बह रहे आंसुओं के बीच वह चीखते हुए कहती रही कि वह अपने पति के सपनों को पूरा करने के लिए हर कष्ट उठाएगी।
हथिगवां के दलापुर गांव निवासी बाबू यादव का सपना था कि वह अपने बच्चों को आर्मी में अफसर बनाए। वह जब भी छुट्टी पर आते थे तो बच्चों को अफसर बनकर देश की सेवा करने की बात कहते थे। पिछली छुट्टी में भी उन्होंने यही बात बच्चों और पत्नी से कही थी। यही कारण है कि पिता की मौत के बाद बच्चों ने भी हुंकार भरी है। उनका कहना है कि वह पिता के सपनों को पूरा करने के लिए वह हर कष्ट उठाएंगे। बेटा शुभम और बेटी प्रियंका का कहना है कि वह अफीसर बनकर पिता की मौत का बदला जरूर लेंगे। इसके लिए वह दिनरात मेहनत करेंगे। यही नहीं उसकी पत्नी मीरा भी बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित जरूर है, लेकिन वह हर हाल में पति के सपनों को सच करना चाहती है। आंख से उसके आंसू जरूर बह रहे हैं, लेकिन उसके जज्बे में कोई कमी नहीं आई है।
लोगों ने बंधाया ढांढस, हर संभव मदद का दिया आश्वासन
जवान की मौत की सूचना पर राजा भैया परिवार के लोग गांव पहुंचे और दुखी परिजनों को सांत्वना देते हुए हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया। इसके साथ ही शोक संवेदना जताते हुए हर समय साथ होने की बात कही। विधायक ने शासकीय मदद दिलाने में मदद करने की भी बात कही।
हथिगवां के दलापुंर गांव निवासी सैनिक बाबू यादव की मौत की सूचना बाबागंज विधायक को मिली तो उन्होंने इसकी सूचना तुरंत पूर्व मंत्री रघुराजप्रताप सिंह राजा भैया को दी। इसके बाद उनके निर्देश पर प्रतिनिधि हरिओम शंकर व कुंडा प्रमुख संतोष सिंह के साथ जवान के घर पहुंचे। वहां पहुंचकर उन्होंने परिजनों को सांत्वना दी। पूरी जानकारी करने के बाद विधायक बाबागंज व प्रतिनिधि हरिओम शंकर श्रीवास्तव ने सैनिक के परिवार को हर तरह की मदद देने कार आश्वासन दिया। इस दौरान बताया गया कि रात में शव आने की संभावना है। इस पर विधायक ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वह स्वयं जाकर शव लाने में मदद करेंगे। इसके साथ ही शासकीय सहायता में भी पूरी मदद की जाएगी। उन्होंने कहा कि बाबू यादव पर उन्हें गर्व है और उसकी शहादत को बेकार नहीं जाने दिया जाएगा। इस दौरान उनके साथ प्रधान जीतू सिंह, ज्ञान सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष उमाशंकर यादव सहित भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।