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बिना परीक्षा बांटे जा रहे अंक
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 05 Dec 2014 11:29 PM IST
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प्रतापगढ़। यूपी बोर्ड के हाईस्कूल छात्र-छात्राओं के शैक्षिक मूल्यांकन को परखने के लिए होने वाला आंतरिक मूल्यांकन मजाक बनकर रह गया है। कॉपी और पेपर बचाने के लिए कालेजों ने बगैर परीक्षा लिए ही अंक बांट दिए गए हैं। अधिकारियों की फटकार के बाद भी कुछ कालेज परीक्षार्थियों को पूर्णांक बांटा जा रहा है।
यूपी बोर्ड के हाईस्कूल परीक्षा में 99,448 छात्र-छात्राएं शामिल हो रहे हैं। बोर्ड परीक्षा में शामिल होने के पहले सभी छात्र-छात्राओं का तीन चरण में आंतरिक मूल्यांकन होना था। माध्यमिक शिक्षा परिषद के कार्यक्रम के मुताबिक दिसंबर माह के प्रथम सप्ताह में तीसरे चरण का आंतरिक मूल्यांकन होना था। दस-दस अंक के होने वाले आंतरिक मूल्यांकन के नाम पर छात्र-छात्राओं से दस-दस रुपये भी वसूले हैं। इस रुपये से बच्चों के लिए कॉपी और प्रश्नपत्र देने को कहा गया था।
मगर जिले के अधिकांश कालेज ऐसे हैं जहां अभी तक एक भी चरण की आंतरिक मूल्यांकन परीक्षा नहीं हुई है। आलम यह है कि कई कालेजों ने बगैर परीक्षा कराए ही बच्चों को अंक बांट रहे हैं। पिछले वर्ष तीस अंक का पूर्णांक बांटने वाले कालेजों को मिली फटकार के बाद भी नहीं चेते। वे इस बार भी करीबी बच्चों को पूर्णांक बांटने से नहीं चूक रहे हैं। डीआईओएस शिव कुमार ओझा ने बताया कि आंतरिक मूल्यांकन की जांच की जा रही है, जिन कालेजों में परीक्षा नहीं हुई है उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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यूपी बोर्ड के हाईस्कूल परीक्षा में 99,448 छात्र-छात्राएं शामिल हो रहे हैं। बोर्ड परीक्षा में शामिल होने के पहले सभी छात्र-छात्राओं का तीन चरण में आंतरिक मूल्यांकन होना था। माध्यमिक शिक्षा परिषद के कार्यक्रम के मुताबिक दिसंबर माह के प्रथम सप्ताह में तीसरे चरण का आंतरिक मूल्यांकन होना था। दस-दस अंक के होने वाले आंतरिक मूल्यांकन के नाम पर छात्र-छात्राओं से दस-दस रुपये भी वसूले हैं। इस रुपये से बच्चों के लिए कॉपी और प्रश्नपत्र देने को कहा गया था।
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मगर जिले के अधिकांश कालेज ऐसे हैं जहां अभी तक एक भी चरण की आंतरिक मूल्यांकन परीक्षा नहीं हुई है। आलम यह है कि कई कालेजों ने बगैर परीक्षा कराए ही बच्चों को अंक बांट रहे हैं। पिछले वर्ष तीस अंक का पूर्णांक बांटने वाले कालेजों को मिली फटकार के बाद भी नहीं चेते। वे इस बार भी करीबी बच्चों को पूर्णांक बांटने से नहीं चूक रहे हैं। डीआईओएस शिव कुमार ओझा ने बताया कि आंतरिक मूल्यांकन की जांच की जा रही है, जिन कालेजों में परीक्षा नहीं हुई है उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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