{"_id":"65f1eb71b737ca4e0c0c3c78","slug":"applied-13-times-in-18-years-still-did-not-get-indian-citizenship-pratapgarh-news-c-262-1-ptp1002-113804-2024-03-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pratapgarh News: 18 साल में 13 बार आवेदन, फिर भी नहीं मिली भारतीय नागरिकता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pratapgarh News: 18 साल में 13 बार आवेदन, फिर भी नहीं मिली भारतीय नागरिकता
विज्ञापन
पाकिस्तान के रावल पिंडी निवासी हुमैरा अशरफ ने वर्ष 2006 में सिटी निवासी अशरफ अली के साथ निकाह करके 18 साल में 13 बार भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन किया, मगर हर बार मायूसी ही हाथ लगी। कभी आवेदन का त्रुटिपूर्ण भरना और कभी कागजात नहीं होने का हवाला देकर आवेदन को निरस्त कर दिया गया। मगर अब सीएए लागू होने से उन्हें उम्मीद है कि अंतिम पड़ाव में उन्हें भारत की नागरिकता मिल जाएगी।
शहर के सिटी स्थित मटियाना टोला के निवासी शफीक खान वर्ष 1947 में भारत -पाकिस्तान बंटबारे में वह पाकिस्तान के राउल पिंडी में बस गए। मगर उनका पैतृक गांव आने-जाने का सिलसिला वर्ष 2006 में रिश्तेदारी में बदल गया। सिटी के ही रहने वाले अफरफ अली ने शफीक खान की बेटी हुमैरा अशरफ से निकाह कर लिया। हुमैरा ने इन 18 वर्षो में 13 बार आवेदन करके भारत की नागरिकता मांगी, मगर आज तक हासिल नहीं हो सकी है। कभी आवेदन पत्र में त्रुटियां और कभी कागजात के पूरा नहीं होने पर आवेदन पत्र को निरस्त कर दिया गया। मगर सीएए लागू होने से अब भारतीय नागरिकता की उम्मीद बढ़ी है। पाकिस्तान में हिंदुओं पर हो रही ज्यादती को बर्दास्त नहीं करने वाले राधाबाई के पिता हरिराम पाल ने 14 जनवरी 1979 को सदर विकास खंड के पूरेकेशवराम में आकर बस गए। आठ मई 1984 को मंगरौरा विकास खंड के सराय रजई गांव निवासी पारसनाथ पाल के साथ बेटी राधाबाई के हाथ पीले कर दिए। राधाबाई 45 साल से भारतीय नागरिकता प्राप्त करने के लिए अफसरों की परिक्रमा कर रही हैं। मगर उन्हें अभी तक नहीं मिली है। राधा बाई इस समय मुंबई अपने बच्चों के पास गई थी, मगर उन्हें जानकारी मिली कि अब भारतीय नागरिकता के लिए पोर्टल विकसित हो गया है, तो वह मुंबई से अपने घर के लिए रवाना हो गई हैं।
हुमैरा और राधाबाई का नहीं बना आधारकार्ड
सिटी की हुमैरा अशरफ और सराय रजई की राधाबाई का अभी तक आधार कार्ड नहीं बना है। इससे किसी भी सरकारी सुविधा का लाभ उन्हें नहीं मिलता है। आज तक मतदाता सूची में नाम नहीं दर्ज हुआ है। आश्चर्य की बात यह है कि राधाबाई के बच्चों का आधार कार्ड बना हुआ है, मगर उन्हें भारतीय नागरिकता नहीं मिलने से आधार कार्ड नहीं बन पाया है।
विज्ञापन
भाजपा ही कर सकती है यह काम
भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन करने वाली हुमैरा अशरफ केंद्र सरकार के सीएए लागू करने पर खुशी जताते हुए कहा है कि यह काम सिर्फ भाजपा ही कर सकती है। अन्य राजनीतिक दलों से उम्मीद भी नहीं थी।
विज्ञापन
शहर के सिटी स्थित मटियाना टोला के निवासी शफीक खान वर्ष 1947 में भारत -पाकिस्तान बंटबारे में वह पाकिस्तान के राउल पिंडी में बस गए। मगर उनका पैतृक गांव आने-जाने का सिलसिला वर्ष 2006 में रिश्तेदारी में बदल गया। सिटी के ही रहने वाले अफरफ अली ने शफीक खान की बेटी हुमैरा अशरफ से निकाह कर लिया। हुमैरा ने इन 18 वर्षो में 13 बार आवेदन करके भारत की नागरिकता मांगी, मगर आज तक हासिल नहीं हो सकी है। कभी आवेदन पत्र में त्रुटियां और कभी कागजात के पूरा नहीं होने पर आवेदन पत्र को निरस्त कर दिया गया। मगर सीएए लागू होने से अब भारतीय नागरिकता की उम्मीद बढ़ी है। पाकिस्तान में हिंदुओं पर हो रही ज्यादती को बर्दास्त नहीं करने वाले राधाबाई के पिता हरिराम पाल ने 14 जनवरी 1979 को सदर विकास खंड के पूरेकेशवराम में आकर बस गए। आठ मई 1984 को मंगरौरा विकास खंड के सराय रजई गांव निवासी पारसनाथ पाल के साथ बेटी राधाबाई के हाथ पीले कर दिए। राधाबाई 45 साल से भारतीय नागरिकता प्राप्त करने के लिए अफसरों की परिक्रमा कर रही हैं। मगर उन्हें अभी तक नहीं मिली है। राधा बाई इस समय मुंबई अपने बच्चों के पास गई थी, मगर उन्हें जानकारी मिली कि अब भारतीय नागरिकता के लिए पोर्टल विकसित हो गया है, तो वह मुंबई से अपने घर के लिए रवाना हो गई हैं।
विज्ञापन
हुमैरा और राधाबाई का नहीं बना आधारकार्ड
सिटी की हुमैरा अशरफ और सराय रजई की राधाबाई का अभी तक आधार कार्ड नहीं बना है। इससे किसी भी सरकारी सुविधा का लाभ उन्हें नहीं मिलता है। आज तक मतदाता सूची में नाम नहीं दर्ज हुआ है। आश्चर्य की बात यह है कि राधाबाई के बच्चों का आधार कार्ड बना हुआ है, मगर उन्हें भारतीय नागरिकता नहीं मिलने से आधार कार्ड नहीं बन पाया है।
विज्ञापन
भाजपा ही कर सकती है यह काम
भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन करने वाली हुमैरा अशरफ केंद्र सरकार के सीएए लागू करने पर खुशी जताते हुए कहा है कि यह काम सिर्फ भाजपा ही कर सकती है। अन्य राजनीतिक दलों से उम्मीद भी नहीं थी।