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किसी तरह से घर पहुंच ही जाएंगे
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साहब अब निकले हैं तो किसी तरह से घर पहुंच ही जाएंगे। वहां खाने का राशन खत्म हो रहा था। राशन भी उनको दिया जा रहा था जो वहां के राशनकार्ड वाले थे। ऐसे में वहां कितने दिन गुजारते। हम तो दिहाड़ी वाले हैं। यह बातें बिहार के कंसा नामक महिला ने पुलिस को बताई। वह कई महिला, पुरुषों और बच्चों के साथ दिल्ली से बिहार के लिए निकली है।
हथिगवां थाना क्षेत्र से होकर कानुपर बनारस हाइवे गया है। इससे लगातार दिल्ली से लौटने वाले यात्री गुजर रहे हैं। इसमें कुछ लोग प्राइवेट वाहन लेकर जा रहे हैं तो कुछ साइकिल से ही जा रहे हैं। हालांकि कुछ ने ट्रकों से लिफ्ट ली है। जिन्हें कुछ नहीं मिला वह पैदल ही अपने आशियाने की तरफ निकल पड़े हैं। रविवार को पुलिस ने हाइवे पर ऐसे लोगों को रोका। उनकी बात सुनी और उन्हें नाश्ता करवाने के साथ पानी पिलाया इसके बाद आगे भेजा। पुलिस ने करीब दर्जन भर महिला, बच्चों और पुरुषों का एक झुंड मिला जो पैदल ही दिल्ली से बिहार के लिए जा रहा था।
पुलिस ने उसे रोका और पूछताछ की तो महिला ने पूरी कहानी बताई। उसने बताया कि वह अपने साथियों के साथ दिल्ली में एक बिल्डिंग में काम कर रही थी। लाकडाउन होने के बाद काम बंद हो गया। पैसे खत्म होने लगे तो ठेकेदार को फोन किया। ठेकेदार ने एक बार तो राशन दिलवाया लेकिन बाद में उसने भी हाथ खड़े कर दिए। अब कुछ ही दिनों का राशन बचा था और पैसे भी नहीं थे। ऐसे में घर जाना मजबूरी बन गई है।
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क्षेत्र में परदेशियों के आने का क्रम जारी है। बल्कि अब उनकी संख्या बढ़ती जा रही है। इनमें ज्यादातर संख्या दिल्ली से आने वालों की है। लोग निजी बसों को बुक करके, ट्रकों, पिकअप सहित जो भी साधन मिल रहे हैं उससे ही घर पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि आने वालों को पुलिस अस्पताल जरूर भेज रही है। रविवार को कुंडा सीएचसी में 300 से अधिक लोगों ने अपना परीक्षण कराया। अस्पताल में आने वाले परदेशियों की संख्या बढ़ती जा रही है। अकेले कुंडा सीएचसी में ही रविवार को 300 से अधिक लोगों ने अपना परीक्षण कराया। यहां आने वाले लोग ज्यादातर दिल्ली के हैं जो वहां राशन खत्म होने के डर से घरों को लौट रहे हैं।
साधन बंद हैं लेकिन यह लोग बिना साधन के ही घरों के लिए निकल पडे़े। रास्ते में लिफ्ट ली। थानों में पकड़े गए। वहां जांच के बाद पुलिस ने उन्हें पिकअप और ट्रकों का इंतजाम किया। रविवार को कुंडा में 50 से अधिक महिला और पुरुष एक पिकअप पर सवार होकर कुंडा सीएचसी पहुंचे। इसके पहले भी भारी संख्या लोगों ने अस्पताल पहुंचकर अपनी जांच कराई। लोगों की संख्या 300 के पार रही। अधिक भीड़ हो जाने के कारण अस्पातल में दो काउंटर लगाए गए। उधर महेशगंज सीएचसी में भी बस से काफी लोग अपनी जांच कराने पहुंचे। जांच के बाद उन्हें उनके घर भेजा गया।
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हथिगवां थाना क्षेत्र से होकर कानुपर बनारस हाइवे गया है। इससे लगातार दिल्ली से लौटने वाले यात्री गुजर रहे हैं। इसमें कुछ लोग प्राइवेट वाहन लेकर जा रहे हैं तो कुछ साइकिल से ही जा रहे हैं। हालांकि कुछ ने ट्रकों से लिफ्ट ली है। जिन्हें कुछ नहीं मिला वह पैदल ही अपने आशियाने की तरफ निकल पड़े हैं। रविवार को पुलिस ने हाइवे पर ऐसे लोगों को रोका। उनकी बात सुनी और उन्हें नाश्ता करवाने के साथ पानी पिलाया इसके बाद आगे भेजा। पुलिस ने करीब दर्जन भर महिला, बच्चों और पुरुषों का एक झुंड मिला जो पैदल ही दिल्ली से बिहार के लिए जा रहा था।
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पुलिस ने उसे रोका और पूछताछ की तो महिला ने पूरी कहानी बताई। उसने बताया कि वह अपने साथियों के साथ दिल्ली में एक बिल्डिंग में काम कर रही थी। लाकडाउन होने के बाद काम बंद हो गया। पैसे खत्म होने लगे तो ठेकेदार को फोन किया। ठेकेदार ने एक बार तो राशन दिलवाया लेकिन बाद में उसने भी हाथ खड़े कर दिए। अब कुछ ही दिनों का राशन बचा था और पैसे भी नहीं थे। ऐसे में घर जाना मजबूरी बन गई है।
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क्षेत्र में परदेशियों के आने का क्रम जारी है। बल्कि अब उनकी संख्या बढ़ती जा रही है। इनमें ज्यादातर संख्या दिल्ली से आने वालों की है। लोग निजी बसों को बुक करके, ट्रकों, पिकअप सहित जो भी साधन मिल रहे हैं उससे ही घर पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि आने वालों को पुलिस अस्पताल जरूर भेज रही है। रविवार को कुंडा सीएचसी में 300 से अधिक लोगों ने अपना परीक्षण कराया। अस्पताल में आने वाले परदेशियों की संख्या बढ़ती जा रही है। अकेले कुंडा सीएचसी में ही रविवार को 300 से अधिक लोगों ने अपना परीक्षण कराया। यहां आने वाले लोग ज्यादातर दिल्ली के हैं जो वहां राशन खत्म होने के डर से घरों को लौट रहे हैं।
साधन बंद हैं लेकिन यह लोग बिना साधन के ही घरों के लिए निकल पडे़े। रास्ते में लिफ्ट ली। थानों में पकड़े गए। वहां जांच के बाद पुलिस ने उन्हें पिकअप और ट्रकों का इंतजाम किया। रविवार को कुंडा में 50 से अधिक महिला और पुरुष एक पिकअप पर सवार होकर कुंडा सीएचसी पहुंचे। इसके पहले भी भारी संख्या लोगों ने अस्पताल पहुंचकर अपनी जांच कराई। लोगों की संख्या 300 के पार रही। अधिक भीड़ हो जाने के कारण अस्पातल में दो काउंटर लगाए गए। उधर महेशगंज सीएचसी में भी बस से काफी लोग अपनी जांच कराने पहुंचे। जांच के बाद उन्हें उनके घर भेजा गया।