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डेंगू से युवक की मौत शिक्षक समेत 12 मिले नए मरीज
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अंतू के लोहंगी के रहने वाले युवक की डेंगू से मौत हो गई। जिले में 24 घंटे के भीतर 12 नए मरीज सामने आए हैं।
अंतू थाना क्षेत्र के लोहंगी गांव निवासी रंजीत चौरसिया (42) चार दिन पहले उसे तेज बुखार आ रहा था। परिजन उसे लेकर शहर स्थित एक नर्सिंग होम पहुंचे। इलाज के दौरान हालत में सुधार न होने पर परिजन पहले सुल्तानपुर ले गए। वहां जांच में डेंगू की पुष्टि हुई। जिसके बाद डाक्टरों ने लखनऊ रेफर कर दिया।
वहां भी डॉक्टरों ने एक दिन इलाज करने के बाद एम्स के लिए रेफर कर दिया। दिल्ली जाने के दौरान रास्ते में उसकी मौत हो गई। खबर मिलने पर घर में कोहराम मच गया।
वहीं, रविवार को 24 घंटे के भीतर जिले में डेंगू पॉजिटिव 11 मरीज सामने आए। इनमें प्रयागराज और लखनऊ में जांच कराने वाले ज्यादा मरीज शामिल हैं। संविलियन विद्यालय मानधाता में तैनात भदोही निवासी शिक्षक सत्येंद्र सिंह डेंगू से संक्रमित हो गए। जीआईसी के बगल शिक्षक कॉलोनी में रहने वाले शिक्षक की पत्नी मीना देवी भी डेंगू की शिकार हो गईं।
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हैरत की बात यह है कि शहर से लेकर गांव तक लगातार डेंगू पॉजिटिव के मरीज सामने आ रहे हैं। मगर, मरीजों के घर फॉगिंग व दवा का छिड़काव नहीं हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही जनपद के लोगों पर भारी पड़ती जा रही है।
मलेरिया अधिकारी ने मेडिकल कॉलेज की जांच रिपोर्ट पर उठाए सवाल
जिला मलेरिया अधिकारी ने डॉ. सोने लाल पटेल मेडिकल कॉलेज से संबद्ध राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय में होने वाली जांच पर सवाल खड़ा कर दिया। किट से होने वाली जांच को शासन नहीं मानता। इसके लिए एलाइजा जांच अनिवार्य है। अब तक जिले में एलाइजा जांच की व्यवस्था नहीं है, जबकि मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर आर्यदेश का कहना है कि उनके यहां एलाइजा जांच की जा रही है।
प्राइवेट अस्पतालों में तीन से चार मरीज भर्ती
शहर से लेेकर गांव तक के प्राइवेट अस्पतालों में डेंगू पॉजिटिव मरीज भर्ती हैं। हालांकि प्राइवेट अस्पताल संचालक किट से डेंगू की जांच कर रहे हैं। जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर मरीजों को भर्ती कर इलाज कर रहे हैं। जिला मलेरिया अधिकारी किट की रिपोर्ट मानने को तैयार नहीं है इस लिए नर्सिंग होम संचालक सीएमओ ऑफिस को इसकी जानकारी तक नहीं देते हैं।
मेडिकल कॉलेज में किट से जांच हो रही है। इसलिए वह कितना सही है इस पर भरोसा कर पाना मुश्किल है। रविवार को किसी मरीज की मौत नहीं हुई है। केपी द्विवेदी, जिला मलेरिया अधिकारी।
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अंतू थाना क्षेत्र के लोहंगी गांव निवासी रंजीत चौरसिया (42) चार दिन पहले उसे तेज बुखार आ रहा था। परिजन उसे लेकर शहर स्थित एक नर्सिंग होम पहुंचे। इलाज के दौरान हालत में सुधार न होने पर परिजन पहले सुल्तानपुर ले गए। वहां जांच में डेंगू की पुष्टि हुई। जिसके बाद डाक्टरों ने लखनऊ रेफर कर दिया।
वहां भी डॉक्टरों ने एक दिन इलाज करने के बाद एम्स के लिए रेफर कर दिया। दिल्ली जाने के दौरान रास्ते में उसकी मौत हो गई। खबर मिलने पर घर में कोहराम मच गया।
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वहीं, रविवार को 24 घंटे के भीतर जिले में डेंगू पॉजिटिव 11 मरीज सामने आए। इनमें प्रयागराज और लखनऊ में जांच कराने वाले ज्यादा मरीज शामिल हैं। संविलियन विद्यालय मानधाता में तैनात भदोही निवासी शिक्षक सत्येंद्र सिंह डेंगू से संक्रमित हो गए। जीआईसी के बगल शिक्षक कॉलोनी में रहने वाले शिक्षक की पत्नी मीना देवी भी डेंगू की शिकार हो गईं।
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हैरत की बात यह है कि शहर से लेकर गांव तक लगातार डेंगू पॉजिटिव के मरीज सामने आ रहे हैं। मगर, मरीजों के घर फॉगिंग व दवा का छिड़काव नहीं हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही जनपद के लोगों पर भारी पड़ती जा रही है।
मलेरिया अधिकारी ने मेडिकल कॉलेज की जांच रिपोर्ट पर उठाए सवाल
जिला मलेरिया अधिकारी ने डॉ. सोने लाल पटेल मेडिकल कॉलेज से संबद्ध राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय में होने वाली जांच पर सवाल खड़ा कर दिया। किट से होने वाली जांच को शासन नहीं मानता। इसके लिए एलाइजा जांच अनिवार्य है। अब तक जिले में एलाइजा जांच की व्यवस्था नहीं है, जबकि मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर आर्यदेश का कहना है कि उनके यहां एलाइजा जांच की जा रही है।
प्राइवेट अस्पतालों में तीन से चार मरीज भर्ती
शहर से लेेकर गांव तक के प्राइवेट अस्पतालों में डेंगू पॉजिटिव मरीज भर्ती हैं। हालांकि प्राइवेट अस्पताल संचालक किट से डेंगू की जांच कर रहे हैं। जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर मरीजों को भर्ती कर इलाज कर रहे हैं। जिला मलेरिया अधिकारी किट की रिपोर्ट मानने को तैयार नहीं है इस लिए नर्सिंग होम संचालक सीएमओ ऑफिस को इसकी जानकारी तक नहीं देते हैं।
मेडिकल कॉलेज में किट से जांच हो रही है। इसलिए वह कितना सही है इस पर भरोसा कर पाना मुश्किल है। रविवार को किसी मरीज की मौत नहीं हुई है। केपी द्विवेदी, जिला मलेरिया अधिकारी।