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डीएम ने भाजपा जिलाध्यक्ष पर लगाया शस्त्र लाइसेंस बनाने के लिए दबाव डालने का आरोप

Fri, 13 Dec 2019 01:18 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 13 Dec 2019 01:18 AM IST
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allegation for demanding the gun licence
डीएम ने भाजपा जिलाध्यक्ष पर लगाया शस्त्र लाइसेंस बनाने के लिए दबाव डालने का आरोप
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जिलाध्यक्ष का पलटवार, सांसदों की तरफ से विशेषाधिकार हनन का नोटिस मिलने पर आपा खो बैठे हैं डीएम
सांसद संगमलाल गुप्ता और कौशाम्बी सांसद विनोद सोनकर की तरफ से डीएम पर विशेषाधिकार हनन का आरोप लगाकर लोकसभा स्पीकर से शिकायत करने के बाद गुरुवार को व्हाट्सएप ग्रुपों में प्रभारी सूचना अधिकारी द्वारा शस्त्र लाइसेंस बनवाने के लिए डीएम पर दबाव डालने का मैसेज वायरल करने के बाद हंगामा मच गया। प्रभारी सूचनाधिकारी ने व्हाट्सएप ग्रुपों अपने नंबर से यह मैसेज डाल दिया कि भाजपा जिलाध्यक्ष के साथ ही कुछ मीडियाकर्मियों की तरफ से जिलाधिकारी पर शस्त्र लाइसेंस बनवाने के लिए दबाव डाला जा रहा है। इस पर पलटवार करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि दो सांसदों द्वारा विशेषाधिकार हनन का नोटिस मिलने के बाद जिलाधिकारी आपा खो बैठे हैं। जिसके चलते वह इस तरह की बातें कर रहे हैं। जिलाध्यक्ष ने सवाल किया कि डीएम बताएं कि अब तो शस्त्र लाइसेंस उन्होंने जारी किए हैं, वह किसके दबाव में किए हैं। सोशल मीडिया पर इसे लेकर दिनभर बवाल मचा रहा।
प्रभारी सूचना अधिकारी विजय कुमार शुक्ल द्वारा गुरुवार को सोशल मीडिया पर वायरल किए गए संदेश को गंभीरता से लेते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष हरिओम मिश्र ने डीएम के आरोपों को बेबुनियाद बताया। कहा कि वह किसी पर कोई दबाव नहीं बना रहे हैं। शस्त्र लाइसेंस की बात तो दूर वह कार्यकर्ता की समस्या के निस्तारण के लिए भी दबाव नहीं बनाते। कार्यकर्ताओं के हित में काम करते हैं। सांसद संगमलाल गुप्ता व कौशांबी सांसद विनोद सोनकर ने संयुक्त रूप से देश के सबसे बड़े सदन में डीएम के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का आरोप लगाते हुए स्पीकर से शिकायत की है। इस मामले में डीएम को नोटिस जारी हुआ है। जिससे वह बौखला गए हैं। वह सरकार की मंशा के अनुरूप काम नहीं कर रहे हैं। खुद को तीन-तीन दरवाजों के भीतर कैद करके रखते हैं। जनता की समस्याओं को निदान करने के लिए कोई प्रयास नहीं करते। काफी दिनों से जनता दर्शन में जनता की समस्याओं को नहीं सुना। यदि डीएम ने लोगों के शस्त्र लाइसेंस की स्वीकृति करने में पारदर्शिता बरती है तो यह बता दें कि कितने लाइसेंस बनाए और किसके-किसके दबाव में बनाए हैं। अपने स्तर से उन्होंने डीएम की कार्यशैली की जानकारी संगठन के साथ ही सरकार तक पहुंचा दी है। उधर इस संदर्भ में बात करने के लिए जिलाधिकारी मार्कण्डेय शाही के सीयूजी नंबर पर प्रयास किया गया लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।
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सांसद ने कहा, अब तक कितने शस्त्र लाइसेंस बनाए, सार्वजनिक करें डीएम
संसद में जिलाधिकारी मार्कण्डेय शाही पर सांसद के प्रोटोकाल व विशेषाधिकारों का हनन करने का आरोप लगाकर स्पीकर से शिकायत करने वाले सांसद संगमलाल गुप्ता ने गुरुवार को डीएम द्वारा सोशल मीडिया पर वायरल कराए गए मैसेज पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि जिलाधिकारी ने अपने कार्यकाल में अब तक कितने शस्त्र लाइसेंस बनाए हैं, इसकी सूचना सार्वजनिक करें। जिससे यह साफ हो सके कि उन्होंने शस्त्र लाइसेंस जारी करने में पूरी तरह पारदर्शिता बरती है। सांसद ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं के लाइसेंस नहीं बनाए जा रहे हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष पर लाइसेंस बनाने के लिए दबाव डालने का आरोप लगाया जा रहा है तो फिर अब तक लाइसेंस किसके बनाए गए। यह बात पूरी तरह से सार्वजनिक होनी चाहिए।
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