अग्निपथ योजना : कई ट्रेनें समय की पटरी से उतरीं, रात ग्यारह बजे तक नहीं आई पंजाब मेल
हावड़ा से चलकर अमृतसर जाने वाली पंजाबमेल एक्सप्रेस का प्रतापगढ़ पहुंचने का समय सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे हैं। ट्रेन पकड़ने के लिए स्टेशन पहुंचे यात्री दिनभर परेशान रहे। पहले इस ट्रेन को तीन घंटे लेट बताया जा रहा था।
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केंद्र सरकार की सेना भर्ती को लेकर लागू की गई अग्निपथ योजना के विरोध में बिहार समेत अन्य अन्य इलाकों में ट्रेनों में आगजनी और बवाल का ट्रेनों का संचालन पर भी पड़ा है। शुक्रवार को बिहार की तरफ से आने वाली ट्रेनें घंटों लेट रहीं। हावड़ा से चलकर अमृतसर जाने वाली पंजाब मेल रात ग्यारह बजे तक भी प्रतापगढ़ नहीं आई थी। पूछताछ करने पर रेल कर्मचारी भी इस ट्रेन के बारे में कोई जानकारी नहीं दे पा रहे थे। आनलाइन भी ट्रेन की सही लोकेशन नहीं मिल पा रही थी। इसके चलते यात्रियों को काफी परेशान होना पड़ा। कई अन्य ट्रेनें भी लेट रहीं।
हावड़ा से चलकर अमृतसर जाने वाली पंजाबमेल एक्सप्रेस का प्रतापगढ़ पहुंचने का समय सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे हैं। ट्रेन पकड़ने के लिए स्टेशन पहुंचे यात्री दिनभर परेशान रहे। पहले इस ट्रेन को तीन घंटे लेट बताया जा रहा था। फिर धीरे-धीरे समय बढ़ता चला गया। रेल कर्मचारी ट्रेन के बारे में सही जानकारी नहीं दे पा रहे थे। आनलाइन भी ट्रेन की लोकेशन नहीं मिल पा रही थी। इससे यात्री भीषण गर्मी में स्टेशन पर परेशान रहे। रात ग्यारह बजे तक पंजाब मेल प्रतापगढ़ नहीं पहुंच सकी थी।
स्टेशन अधीक्षक शमीम ने बताया कि रास्ते में जगह-जगह हो रहे विरोध के चलते पंजाब मेल को कई स्थानों पर रोक दिया गया। प्रदर्शनकारियों के रेलवे ट्रैक से हटने के बाद ट्रेनों को आगे बढ़ाया जा रहा था। शनिवार को प्रतापगढ़ होकर गुजरने वाली हावड़ा-अमृतसर पंजाब मेल के निरस्त होने की चर्चा हो रही थी।
हालांकि एसएस शमीम ने बताया कि इस तरह का मैसेज अभी नहीं आया है। वहीं, वाराणसी-देहरादून जनता एक्सप्रेस एक घंटे तो देहरादून-वाराणसी जनता एक्सप्रेस पौन घंटे की देरी से प्रतापगढ़ पहुंची। नौतनवा एक्सप्रेस 30 मिनट तो अमृतसर-हावड़ा पंजाब मेल डेढ़ घंटे की देरी से आईं।
आरक्षण काउंटर पर यात्रियों ने किया हंगामा
टिकट लेने के लिए आरक्षण काउंटर पर पहुंचे यात्रियों ने शुक्रवार को उस समय हंगामा शुरू कर दिया जब तीन के बजाय महज एक काउंटर से ही टिकट जारी किया जा रहा था। यात्रियों के शोरशराबे से परेशान होकर आरक्षण कर्मचारियों को आरपीएफ को बुलाना पड़ा। रेलवे पुलिस ने किसी तरह लोगों को समझाकर शांत कराया।
आरक्षण काउंटर पर कर्मचारियों की कमी है। इससे तीन के बजाय कभी-कभार एक ही काउंटर से टिकट वितरण किया जाता है। इससे नाराज यात्रियों ने शुक्रवार को हंगामा शुरू कर दिया। मुख्य पर्यवेक्षक रणजीत सिंह ने बताया कि कर्मचारियों की कमी है। कर्मचारियों की संख्या के मुताबिक काउंटर खोलकर टिकट की बिक्री की जा रही है। कर्मचारियों की कमी के चलते बीते माह भर से किसी को भी रेस्ट नहीं मिला है।
आरक्षण काउंटर पर कर्मचारियों की कमी के चलते दिक्कतें हो रही हैं। सीनियर लोगों को मुख्य आरक्षण पर्यवेक्षक का चार्ज नहीं दिया जा रहा है। आरक्षण काउंटर पर तैनात चतुर्थ क्षेणी कर्मचारी को भी बुकिंग में भेज दिया गया है। बुकिंग के कर्मचारियों से टिकट बनाने में मदद लिया जा रहा था। रेलवे के अफसरों ने उसे भी हटा दिया। इससे ज्यादा दिक्कतें हो रही है। मगर जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं।
तबादला होने के बाद भी लिया जा रहा काम
मॉडल जंक्शन के आरक्षण काउंटर पर मुख्य पर्यवेक्षक को मिलाकर पांच कर्मचारियों की तैनाती है। जबकि पद 12 का है। इनमें तीन कर्मचारियों का गैर जनपद तबादला कर दिया गया है। मगर इनके स्थान पर दूसरे कर्मचारी आना नहीं चाह रहे हैं। विभाग के अनुसार, यहां तैनात यूएस अंसारी का तबादला प्रयागराज तो मुख्य पर्यवेक्षक रणवीर सिंह का भदोही और पीपी पांडेय का अमेठी हो गया है। मगर इन्हें कार्यमुक्त नहीं किया जा रहा है। इनके अतिरिक्त विद्या तिवारी और बबिता पांडेय ही हैं।