डंपर की टक्कर के बाद डीजे पलटने से दो की मौत
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पट्टी। स्थानीय कोतवाली के चांदा मार्ग पर डीजे वाहन पंचर होने पर स्टेपनी बदलने के दौरान खड़े डीजे में पीछे से डंपर ने टक्कर मार दिया। जिसके नीचे दबले से बुजुर्ग समेत दो लोगों की मौत हो गई। जबकि तीन लोग घायल हो गए। काफी देर बाद पुलिस ने जेसीबी की मदद से डीजे वाहन को उठाया। जिसके बाद उसके नीचे फंसे लोगों को बाहर निकाला जा सका। शवों को कब्जे में लेने के बाद पुलिस ने घायलों को उपचार के लिए स्थानीय अस्पताल भेजा।
कंधई थाना क्षेत्र के पंडरी मुस्कर्ता निवासी मुकेश कुमार डीजे संचालक है। वह सोमवार को एक बारात में शामिल होने के लिए डीजे वाहन संग अपने आदमियों को लेकर गया था। वहां से देर रात वह वाहन संग अपने आदमियों को लेकर घर लौट रहा था। पट्टी-चांदा मार्ग पर वनपुरवा नहर के करीब डीजे का पहिया पंचर हो गया। वाहन किनारे लगाकर लोग नीचे उतर गए। चालक स्टेपनी बदलने लगा। डीजे के साथ मौजूद लोग सड़क पर आकर बैठै गए। अचानक चांदा की ओर से आ रहे तेज रफ्तार डंपर ने डीजे में पीछे से टक्कर मार दिया। जिससे डीजे वाहन पलट गया। सड़क किनारे बैठे लोग वाहन के नीचे दब गए। वहां मौजूद लोगों के शोरशराबे पर ग्रामीण पहुंचे, लेकिन वे लोग डीजे हटाने में असमर्थ रहे। कुछ देर बाद सूचना मिनने पर कंधई पुलिस जेसीबी लेकर पहुंची।
पुलिस ने जेसीबी लगाकर डीजे वाहन को उठाया। तब जाकर नीचे दबे लोगों को बाहर निकाला जा सका। घटनास्थल पर ही तुलसीराम (65) व अनुराग (14) निवासीगण सर्वजीतपुर की मौत हो चुकी थी। जबकि हादसे में राज (10) निवासी पंडरी मुस्तर्का, संजय कुमार (36) निवासी आनापुर, प्रशांत (22) निवासी सरायदुर्गादास, हरिकेश (45) निवासी बनीतेरहमील घायल हो गए थे। सभी घायलों को उपचार के लिए सीएचसी भेजा गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक तुलसीराम के बेटे विजय की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए डंपर को अपने कब्जे में लेकर थाने भेजा।
दो शवों के बीच घुटती रही राज की सांसें, खुद को जिंदा देख आंखों से बहने लगे आंसू
डंपर की टक्कर लगने के बाद डीजे वाहन पलट गया। सड़क किनारे बैठे लोगों के ऊपर डीजे गिर गया। डीजे के नीचे दबने से मौत के आगोश में समाए तुलसीराम और अनुराग के शवों के बीच राज फंसा था। दोनों की सांसें थम चुकी थी। उनके बीच फंसे राज की सांस भी घुटने लगी। अगल-बगल खून बह रहा था। जिससे राज का कपड़ा भी भीग गया था। हादसे के एक घंटे बाद जाकर जेसीबी से डीजे वाहन हटाया गया। तब दोनों का क्षत विक्षत शव निकाला जा सका। उन दोनों को मृत देख राज की आंखों से आंसू बहने लगे। वह दूसरों से लिपटकर रोने लगा। उसे हैरत हो रही थी कि आखिर वह कैसे जिंदा बच गया।
पुलिस ने मामूली रूप से घायल राज को भी उपचार के लिए स्थानीय अस्पताल में भेजा। खबर मिलने पर उसके परिजन भी मौके पर पहुंच गए। उसे जिंदा देख परिवार के लोगों ने उसे गले से लगा लिया।