प्रतापगढ़ : मुख्यमंत्री अभ्युुदय योजना का सच, पढ़ाने वाले दो, आया एक, पढ़ने वाला कोई नहीं
अभ्युदय योजना के तहत कोचिंग के लिए अब तक 105 प्रतियोगी छात्रों का पंजीकरण किया गया है। परीक्षार्थियों को पढ़ाने के लिए मानदेय पर शिक्षकों की तैनाती की जानी थी, किंतु अफसरों ने नए शिक्षकों की तैनाती न करके राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय, नारायणपुर में तैनात दो शिक्षकों को ही कोचिंग से संबद्ध कर दिया है।
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जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना का जिले में कोई पुरसाहाल नहीं है। योजना के तहत समाज कल्याण विभाग की ओर से कोचिंग के लिए 108 प्रतियोगी छात्रों का पंजीकरण किया गया है, लेकिन पढ़ने के लिए कोई नहीं आ रहा है।
बुधवार को जीआईसी स्थित कोचिंग सेंटर में दिन में 3.12 बजे एक भी छात्र मौजूद नहीं था। हां, प्रतियोगी छात्रों को कोचिंग देने के लिए तैनात किए गए एक शिक्षक जरूर मिले। जिले में मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत बच्चों को पीसीएस, नीट, जेईई सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग दी जानी है। समाज कल्याण विभाग को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसकी कक्षाओं के लिए जीआईसी स्थित कक्ष संख्या एक और दो को आरक्षित किया गया है।
अभ्युदय योजना के तहत कोचिंग के लिए अब तक 105 प्रतियोगी छात्रों का पंजीकरण किया गया है। परीक्षार्थियों को पढ़ाने के लिए मानदेय पर शिक्षकों की तैनाती की जानी थी, किंतु अफसरों ने नए शिक्षकों की तैनाती न करके राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय, नारायणपुर में तैनात दो शिक्षकों को ही कोचिंग से संबद्ध कर दिया है। कोचिंग के लिए दिन में तीन बजे से शाम छह बजे तक का समय निर्धारित है लेकिन आलम यह है कि चार अप्रैल 2022 से प्रारंभ हुई कोचिंग में कभी एक, कभी दो तो कभी एक भी छात्र नहीं आता है।
दो शिक्षक और एक अनुचर की है तैनाती
अभ्युदय कोचिंग के संचालन की जिम्मेदारी राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय नारायणपुर के शिक्षक लालप्रताप चौरसिया और शसविंद पांडेय को सौंपी गई है। लाल प्रताप रसायन विज्ञान और शसविंद पांडेय गणित पढ़ाते हैं। कोचिंग कक्ष का ताला खोलने और बंद करने के लिए अनुचर राजन यादव की तैनाती है। दोनों शिक्षक सुबह नौ बजे से लेकर दोपहर एक बजे तक नारायणपुर विद्यालय में रहते हैं। इसके बाद तीन बजे जीआईसी आते हैं। हालांकि बुधवार को शसविंद पांडेय कोचिंग में मौजूद नहीं थे।
टैबलेट के लिए करवा रखा है पंजीकरण
अभ्युदय कोचिंग में पंजीकरण कराने वाले अभ्यर्थियों को शासन ने टैबलेट देने की घोषणा की है। विभागीय लोगों का दावा है कि अधिकतर छात्रों ने टैबलेट की वजह से पंजीकरण करा रखा है। 75 प्रतिशत उपस्थिति होने पर ही उन्हें टैबलेट मिलेगा। हालांकि उनकी हाजिरी ऑफलाइन ही लग रही है।
संपूर्ण समाधान दिवस में अफसर देते हैं टिप्स
तहसीलों में आयोजित होने वाले संपूर्ण समाधान दिवस के समाप्त होने के बाद पासपड़ोस के कॉलेजों के बच्चों को बुलाकर अफसर उन्हें सफलता के मंत्र देते हैं। वैसे हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के परीक्षार्थियों के सामने समस्या यह है कि वे बोर्ड या कोचिंग की तैयारी करें।
क्या कहते हैं शिक्षक
चार अप्रैल 2022 को जब कोचिंग प्रारंभ हुई थी, तो पूरा कक्ष खचाखच भरा रहता था। बोर्ड की कॉपियों के मूल्यांकन के बाद से परीक्षार्थियों की संख्या कम होनी शुरू हुई। अब आलम यह है कि कभी एक तो कभी दो परीक्षार्थी ही आते हैं। जो आते हैं, उन्हें पढ़ाया जा रहा है। दो दिन से कोई नहीं आ रहा है। - लाल प्रताप चौरसिया, शिक्षक, अभ्युदय कोचिंग
अभ्युदय कोचिंग छात्र-छात्राओं का मार्गदर्शन करने के लिए शुरू की गई है, मगर पढ़ने के लिए बहुत कम ही आ रहे हैं। फिलहाल तहसीलों में संपूर्ण समाधान दिवस के बाद कॉलेजों के छात्रों को बुलाकर उन्हें नई-नई जानकारियां दी जा रही हैं। इधर, कई परीक्षाएं प्रस्तावित हैं, इसलिए भी परीक्षार्थी नहीं आ रहे हैं। - राजीव कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी