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केंद्र निर्धारण में खूब की मनमानी, अब खुल रही पोल

Thu, 06 Dec 2018 11:55 PM IST
pratapgarh
pratapgarh Updated Thu, 06 Dec 2018 11:55 PM IST
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A lot of arbitrary in determining center, now open pole
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 केंद्र निर्धारण प्रक्रिया दौरान विद्यालयों द्वारा की गई मनमानी की अब सूची जारी होने के बाद पोल खुल गई। परीक्षा केंद्र की हसरत पाले विद्यालयों ने सूचना प्रपत्र भरने में जमकर मनमानी की। मानक  के अनुरूप सुविधाएं न होने के बाद भी कालम में आके दर्शा दिया था। अब केंद्र बनाए जाने के बाद आपत्तियां आना शुरू हुई तो विद्यालयों के साथ ही अफसरों की भी पोल खुल गई है। हालांकि अभी अंतिम सूची जारी नहीं हुई है। विभाग की ओर से तहसीलवार निरीक्षण का पुन: आदेश दिया गया है।  
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जिले में 37 राजकीय, 78 सहायता प्राप्त  व 545 वित्तविहीन विद्यालय है। यूपी बोर्ड 2018-19 की हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा के लिए केंद्र बनाए जाने की प्रक्रिया जुलाई माह से ही शुरू हुआ था। जिले सभी विद्यालयों से केंद्र निर्धारण को लेकर सूचना प्रपत्र के तहत विद्यालीय संबंधित सुविधाएं मांगी गई थी। जिसमें सीसीटीवी कैमरा, एक विद्यालय की दूरी, चहारदीवारी, जनरेटर, कमरों की संख्या, कंप्यूटर कक्ष सहित कई कालम दिए गए थे। केंद्र निर्धारण की इस प्रक्रिया में विद्यालयों को सूचना प्रपत्र दिए गए।
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अधिकांश विद्यालयों ने सूचना प्रपत्र भरने में जमकर मनमानी की। केंद्र की हसरत पाले विद्यालयों के संचालकों ने सभी कालम में ओके दर्शा दिया है। जबकि मानक के अनुरूप व्यवस्था नहीं थी। सूचना प्रपत्र में दी गई सूचनाओं की पड़ताल के लिए विभाग की अफसरों की टीम तहसीलवार तैनात की गई थी। टीम के तैनात अफसरों को विद्यालयों का स्थीलय निरीक्षण कर इसकी रिपोर्ट भेजनी थी। मगर निरीक्षण के नाम पर टीम द्वारा भी मनमानी की गई। और जांच के नाम पर महज खानापूर्ति कर रिपोर्ट भेज दी गई।
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अब नवंबर माह मेें बोर्ड द्वारा 206 केंद्रों की पहली सूची जारी की गई तो केंद्रों की सूची पर सवाल उठने लगे। मजे की बात यह है कि बनाए गए केंद्रों पर 200 से अधिक आपत्तियां आई है। किसी में कमरा नहीं है, तो कहीं चहारदीवारी नहीं है, तो कहीं सीसीटीवी नही। इतना ही बालक व बालिकाओं के लिए परीक्षा केंद्रों की तय दूरी का भी ध्यान नहीं रखा गया है। इससे विभागीय अफसरों एवं विद्यालयों की मनमानी की पोल खुल गई है। हालांकि विभागीय अधिकारियों द्वारा आपत्तियों को ध्यान में रखकर पुन: निरीक्षण किया जाएगा। इस रिपोर्ट के बाद केंद्र की अंतिम सूची जारी की जाएगी। 
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