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यूपी : प्रतापगढ़ पहुंचा भालुओं का झुंड, देखने के लिए जुटी ग्रामीणों की भीड़, वन विभाग ने पिंजरे में किया बंद

Tue, 07 Mar 2023 02:29 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़ Published by: विनोद सिंह Updated Tue, 07 Mar 2023 02:29 PM IST
सार

कोहड़ौर थाना क्षेत्र के सतेवर गांव के आगे मोछ्दा नाले के आसपास के मैदान में मंगलवार सुबह 11 बजे के करीब चरवाहों ने भालुओं का झुंड जाते हुए देखा। भालुओं के झुंड के पहुंचने की जानकारी होने पर आस पास के गांवों के ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठा हो गई।

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A herd of bears reached Pratapgarh, a crowd of villagers gathered to see, the forest department locked them in
प्रतापगढ़ में दिखा भालुओं का झुंड। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोंहडौरा थाना क्षेत्र के सतेवर गांव के आगे मोछदा नाले के पास मैदानी इलाके में मंगलवार को भालू देखे जाने सनसनी फैल गई। खबर मिलते ही भालू देखने वालों की भीड़ जमा हो गई। ग्रामीण दस की संख्या में भालू आने का दावा करते रहे, मगर वन विभाग की टीम की खोजबीन में दूसरे भालू नहीं मिले। दो घंटे के भीतर वन विभाग की टीम ने भालू को पिंजड़े में कैद कर लिया। इसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। सतेवर गांव में मंगलवार को चरवाहे मवेशी लेकर मैदानी इलाके की ओर निकले थे।

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ग्रामीणों का दावा है कि करीब दस की संख्या में भालुओं को झुंड आते देख चरवाहों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर आस पास के ग्रामीण मोछदा नाले के पास लाठी, डंडा लेकर पहुंच गए। ग्रामीणों की भीड़ बढ़ते देख झुंड से कुछ भालू जंगलों के भीतर चले गए। कुछ मोछदा नाले के पास घूमना शुरु कर दिए। लोगों ने इसकी सूचना वन विभाग के साथ पुलिस को दी।

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मौके पर पहुंचे वन विभाग के कर्मचारियों ने पिंजड़ा लगाकर दो घंटे की मशक्कत के बाद एक भालू को कैद कर लिया। उसे चिलबिला जंगल स्थित कार्यालय लाया गया। वन विभाग की तीन टीमें दूसरे भालुओं की खोजबीन जंगल में कर रही है। फिलहाल अभी कई भालू वन विभाग की पकड़ से बाहर होने का ग्रामीण दावा कर रहे हैं। जबकि प्रधान संजय यादव व अजय मौर्या का कहना है कि पकड़ा गया भालू ही कमास, संग्रामपुर, सतेवर समेत पूरे इलाके में भ्रमण कर रहा था।

ग्रामीण भी देर शाम तक भालुओं की तलाश में वन विभाग की मदद करते रहे। वन विभाग के डिप्टी रेंजर आशीष सिंह का कहना है कि पकड़ा गया भालू पालतू हैं। उसकी पूछ में सड़न है। हो सकता है कि उसे पालने वाले व्यक्ति ने ही उसे रात के समय जंगल में छोड़ दिया हो। फिलहाल अभी तक दूसरे भालुओं का पता नहीं चल सका। टीम लगातार कांबिंग कर रही है।

पौराणिक कथाओं में है जिक्र

स्थानीय लोगों के मुताबिक मोछदा नाला का पौराणिक कथाओं में जिक्र किया गया है। रामायण में इसका जिक्र तुलसीदास जी ने किया है। भगवान राम इसी रास्ते से होकर वन जाते समय यहां रुके थे और विश्राम भी किया था। इस नाले का जल कभी भी सूखता नहीं है। नदियों के सूख जाने के बाद भी यहां से पृथ्वी के अंदर से जल निकलता रहता है।

पुलिस ने कहा डायल करो 112
भालुओं का झुंड देख ग्रामीणों ने कोंहडौर थाने में फोन लगाया। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए उन्हें 112 नंबर पर फोन लगाने की नसीहत दी। भालुओं के झुंड से परेशान ग्रामीणों ने 112 नंबर पर फोन लगाया। उसके बाद पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। जानकारी के बाद भी चिलबिला व कोहड़ौर की पुलिस टालमटोल करती रही।

खौफजदा हैं ग्रामीण

भालुओं के झुंड के सतेवर, संग्रामगढ़, कमास में आने के दावों के बीच आसपास के ग्रामीण खौफजदा हैं। हर कोई अपने बच्चों को मोछदा नाले की ओर नहीं जाने दे रहा है। बड़े व बुजुर्ग भी समूहों में खेत व जंगल की ओर जा रहे हैं। हालांकि वन विभाग की टीम कई भालुओं के होने से इन्कार कर रही है। उनका कहना है कि अभी तक की छानबीन में एक ही भालू के पंजे के निशान मिले हैं। भालू को पिंजड़े में बंद करने के बाद जंगल में भी दूसरे निशान नहीं मिल रहे हैं।

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