{"_id":"5e5972028ebc3ef40403d1b9","slug":"a-collapsed-house-in-delhi-due-to-a-cylinder-explosion-the-middle-aged-of-the-strip-died-pratapgarh-news-ald2697873181","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्ली में ब्लास्ट से पट्टी के अधेड़ की गई जान, भतीजा हुआ घायल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्ली में ब्लास्ट से पट्टी के अधेड़ की गई जान, भतीजा हुआ घायल
विज्ञापन
कंधई थाने के बरहूपुर गांव निवासी अच्छेलाल का दिल्ली में दंगे के दौरान गिरा मकान।
- फोटो : PRATAPGARH
प्रतापगढ़। दिल्ली के नारायना वेस्ट पटेल नगर में बुधवार भोर में सिलेंडर फटने से कई लोगों के मकान ढह गए। इस घटना में पट्टी के विरौती गांव के एक अधेड़ की मौत हो गई, जबकि उसका भतीजा घायल हो गया। शुक्रवार को उसका घर पहुंचने पर कोहराम मच गया। इलाके में दिनभर दिल्ली में हुई हिंसा के दौरान घर में दंगाइयों द्वारा आग लगाने की चर्चा होती रही। हालांकि कोई इसकी पुष्टि नहीं कर सका।
पट्टी कोतवाली के विरौती निवासी अच्छेलाल वर्मा (53) पुत्र पारसनाथ अपने बेटे सूरज व भतीजे विजयशंकर और उमाशंकर के साथ दिल्ली में रहता था। सभी मोमबत्ती की फैक्ट्री में काम करते थे। सभी लोग दिल्ली के पटेल नगर नारायना वेस्ट बी ब्लाक में किराए के मकान में दूसरे तल पर रहते थे। परिजनों का कहना है कि अच्छेलाल और विजयशंकर दिन ड्यूटी करते थे, जबकि अच्छेलाल का बेटा बेटा सूरज और भतीजा उमाशंकर रात में ड्यूटी पर जाते थे। बुधवार भोर में करीब चार बजे सिलेंडर फटने से तेज धमाका हुआ और अच्छेलाल के मकान समेत आसपास के घर जमींदोज हो गए।
अच्छेलाल मलबे के नीचे दब गया। इससे उसकी मौत हो गई। घटना में उसका भतीजा विजय शंकर गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय प्रशासन ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया। खबर पाकर पांच सौ मीटर दूर मोमबत्ती कंपनी में काम कर रहा उसका बेटा सूरज और भाई का लड़का उमाशंकर भागकर पहुंचे। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव को दूसरे दिन परिजन को सौंपा दिया। शुक्रवार को शव घर पहुंचा तो आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। घरवालों का कहना है कि सिलेंडर में आग लगने से ब्लास्ट हुआ। उधर, इलाके में दिनभर दंगाई द्वारा घर में आग लगाने की चर्चा चलती रही।
विज्ञापन
विज्ञापन
पट्टी कोतवाली के विरौती निवासी अच्छेलाल वर्मा (53) पुत्र पारसनाथ अपने बेटे सूरज व भतीजे विजयशंकर और उमाशंकर के साथ दिल्ली में रहता था। सभी मोमबत्ती की फैक्ट्री में काम करते थे। सभी लोग दिल्ली के पटेल नगर नारायना वेस्ट बी ब्लाक में किराए के मकान में दूसरे तल पर रहते थे। परिजनों का कहना है कि अच्छेलाल और विजयशंकर दिन ड्यूटी करते थे, जबकि अच्छेलाल का बेटा बेटा सूरज और भतीजा उमाशंकर रात में ड्यूटी पर जाते थे। बुधवार भोर में करीब चार बजे सिलेंडर फटने से तेज धमाका हुआ और अच्छेलाल के मकान समेत आसपास के घर जमींदोज हो गए।
विज्ञापन
अच्छेलाल मलबे के नीचे दब गया। इससे उसकी मौत हो गई। घटना में उसका भतीजा विजय शंकर गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय प्रशासन ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया। खबर पाकर पांच सौ मीटर दूर मोमबत्ती कंपनी में काम कर रहा उसका बेटा सूरज और भाई का लड़का उमाशंकर भागकर पहुंचे। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव को दूसरे दिन परिजन को सौंपा दिया। शुक्रवार को शव घर पहुंचा तो आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। घरवालों का कहना है कि सिलेंडर में आग लगने से ब्लास्ट हुआ। उधर, इलाके में दिनभर दंगाई द्वारा घर में आग लगाने की चर्चा चलती रही।

दिल्ली दंगे में मृत कंधई थाने के बरहूपुर निवासी अच्छेलाल। फाइल फोटो- फोटो : PRATAPGARH
विज्ञापन