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प्री-मानसून से रिमझिम बरसात, दोपहर बाद बढ़ी उमस
Pratapgarh
Updated Tue, 17 Jun 2014 05:30 AM IST
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प्रतापगढ़। प्री-मानसून ने जिले में दस्तक दे दी है। पुरवा हवाओं के न चलने के बाद भी प्री मानसून ने आखिर बादलों को बरसने पर मजबूर कर दिया। रुक-रुक कर डेढ़ घंटे में 14.8 मिली बरसात रिकार्ड की गई। दोपहर बाद जब धूप खुली तो गर्मी ने लोगों को और भी बेहाल कर दिया।
लगातार चल रही पछुआ हवाओं के चलने से बादलों ने लौटना शुरू कर दिया है। हवा के साथ लौटते बादल चार दिन से भोर में ही नम हो जाते थे और थोड़ी बूंदाबांदी हो जाती थी। सोमवार की सुबह यह बूंदाबांदी सुबह कुछ ज्यादा ही तेज हो गई। इसके बाद भी बादल आसमान में डटे रहे। करीब नौ बजे से एकाएक रिमझिम फुहार पड़ने लगी। इससे मौसम खुशगवार हो गया। बरसात थमी लेकिन बस कुछ मिनटों के लिए थोड़ी ही देर में फिर से बरसात शुरू हो गई। इसके बाद तो साढ़े 10 बजे तक रुक-रुक कर बरसात होती ही रही। इसके चलते सड़कों पर चलने वाले लोग भीग गए। कुछ लोग तो जानबूझकर बरसात का आनंद लेने के लिए सड़कों पर उतर पड़े। दोपहर तक तो मौसम ठीक रहा लेकिन करीब एक बजे के बाद धूप निकली तो जमीन से भी गर्मी बाहर आने लगी। ऐसा लगने लगा कि जमीन पर पड़ा पानी भाप बनकर उड़ रहा हो। सड़कों पर निकलने वालों के शरीर पसीने से तर होने लगे। कूलर और पंखे की हवा के बीच भी लोगों के शरीर से चिपचिपा पसीना निकलता रहा। सनई अनुसंधान केंद्र के देशराज मीना ने बताया कि यह प्री मानसून की बरसात है। पछुआ हवाओं के चलने के बाद भी यह बरसात हो गई। मानसून आने में अभी एक हफ्ता लग सकता है। सोमवार को न्यूनतम तापमान बढ़कर 28.4 और अधिकतम तापमान घटकर 34.8 पर पहुंच गया।
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लगातार चल रही पछुआ हवाओं के चलने से बादलों ने लौटना शुरू कर दिया है। हवा के साथ लौटते बादल चार दिन से भोर में ही नम हो जाते थे और थोड़ी बूंदाबांदी हो जाती थी। सोमवार की सुबह यह बूंदाबांदी सुबह कुछ ज्यादा ही तेज हो गई। इसके बाद भी बादल आसमान में डटे रहे। करीब नौ बजे से एकाएक रिमझिम फुहार पड़ने लगी। इससे मौसम खुशगवार हो गया। बरसात थमी लेकिन बस कुछ मिनटों के लिए थोड़ी ही देर में फिर से बरसात शुरू हो गई। इसके बाद तो साढ़े 10 बजे तक रुक-रुक कर बरसात होती ही रही। इसके चलते सड़कों पर चलने वाले लोग भीग गए। कुछ लोग तो जानबूझकर बरसात का आनंद लेने के लिए सड़कों पर उतर पड़े। दोपहर तक तो मौसम ठीक रहा लेकिन करीब एक बजे के बाद धूप निकली तो जमीन से भी गर्मी बाहर आने लगी। ऐसा लगने लगा कि जमीन पर पड़ा पानी भाप बनकर उड़ रहा हो। सड़कों पर निकलने वालों के शरीर पसीने से तर होने लगे। कूलर और पंखे की हवा के बीच भी लोगों के शरीर से चिपचिपा पसीना निकलता रहा। सनई अनुसंधान केंद्र के देशराज मीना ने बताया कि यह प्री मानसून की बरसात है। पछुआ हवाओं के चलने के बाद भी यह बरसात हो गई। मानसून आने में अभी एक हफ्ता लग सकता है। सोमवार को न्यूनतम तापमान बढ़कर 28.4 और अधिकतम तापमान घटकर 34.8 पर पहुंच गया।
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