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‘अबकी बार मोदी सरकार’ पर विवाद
Pratapgarh
Updated Sun, 06 Apr 2014 05:30 AM IST
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इलाहाबाद। ‘हर हर मोदी’ का नारा लगाकर विवाद में फंसी भाजपा अभी ठीक से संभल भी नहीं सकी कि पार्टी के एक नए नारे को लेकर विवाद खड़ा हो गया। जगह-जगह लगे भाजपा के पोस्टर-बैनर पर लिखे नारे, ‘अबकी बार मोदी सरकार’ को लेकर भाजपा की शिकायत भारत निर्वाचन आयोग से कर दी गई है। शिकायतकर्ता का तर्क है कि ‘मोदी’ एक जाति विशेष है, ऐसे में जाति के नाम पर प्रचार-प्रसार करना न सिर्फ संविधान, बल्कि आचार संहिता का भी उल्लंघन है। आयोग ने शिकायत पर जांच शुरू करा दी है।
यहां लूकरगंज के रहने वाले अभिनव यादव ने आयोग के समक्ष सीधे ऑनलाइन शिकायत दर्ज की है। साथ ही डाक के जरिए भी शिकायती पत्र भेजा है। अभिनव ने भाजपा के नारे, ‘अबकी बार मोदी सरकार’ पर आपत्ति जताते हुए आयोग से शिकायत की है कि ‘मोदी’ किसी का नाम नहीं, बल्कि एक जाति है। इसके बावजूद भाजपा पोस्टर-बैनर के साथ सोशल मीडिया और टीवी पर भी इस नारे के जरिए अपना प्रचार कर रही है जबकि आचार संहिता में इस बात का स्पष्ट उल्लेख है कि कोई भी प्रत्याशी या राजनीतिक दल ऐसी कोई हरकत नहीं करेगा, जो विभिन्न जातियों, समुदायों, धर्मों और अलग-अलग भाषा बोलने वालों के बीच तनाव का कारण बने। ऐसे में भाजपा का यह नारा आपत्तिजनक है। उनका आरोप है कि यह नारा भारत के संविधान के साथ आदर्श आचार संहिता का भी उल्लंघन करता है। अभिनव ने भाजपा के खिलाफ अपनी शिकायत के समर्थन में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच की ओर से सात जुलाई 2013 को जारी उस आदेश का भी हवाला दिया है, जिसमें जाति आधारित रैलियों पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी। अभिनव ने आयोग से मांग की है कि मामले में आवश्यक कार्रवाई करते हुए भाजपा के इस विवादित प्रचार पर रोक लगाई जाए। आयोग ने शिकायतकर्ता को ऑनलाइन जानकारी दी है कि इस मामले की जांच शुरू करा दी गई है।
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यहां लूकरगंज के रहने वाले अभिनव यादव ने आयोग के समक्ष सीधे ऑनलाइन शिकायत दर्ज की है। साथ ही डाक के जरिए भी शिकायती पत्र भेजा है। अभिनव ने भाजपा के नारे, ‘अबकी बार मोदी सरकार’ पर आपत्ति जताते हुए आयोग से शिकायत की है कि ‘मोदी’ किसी का नाम नहीं, बल्कि एक जाति है। इसके बावजूद भाजपा पोस्टर-बैनर के साथ सोशल मीडिया और टीवी पर भी इस नारे के जरिए अपना प्रचार कर रही है जबकि आचार संहिता में इस बात का स्पष्ट उल्लेख है कि कोई भी प्रत्याशी या राजनीतिक दल ऐसी कोई हरकत नहीं करेगा, जो विभिन्न जातियों, समुदायों, धर्मों और अलग-अलग भाषा बोलने वालों के बीच तनाव का कारण बने। ऐसे में भाजपा का यह नारा आपत्तिजनक है। उनका आरोप है कि यह नारा भारत के संविधान के साथ आदर्श आचार संहिता का भी उल्लंघन करता है। अभिनव ने भाजपा के खिलाफ अपनी शिकायत के समर्थन में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच की ओर से सात जुलाई 2013 को जारी उस आदेश का भी हवाला दिया है, जिसमें जाति आधारित रैलियों पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी। अभिनव ने आयोग से मांग की है कि मामले में आवश्यक कार्रवाई करते हुए भाजपा के इस विवादित प्रचार पर रोक लगाई जाए। आयोग ने शिकायतकर्ता को ऑनलाइन जानकारी दी है कि इस मामले की जांच शुरू करा दी गई है।
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