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पुलिस उत्पीड़न पर युवक ने लगाई आग
Pratapgarh
Updated Sat, 29 Mar 2014 05:30 AM IST
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पट्टी/प्रतापगढ़। रेंड़ीगारापुर बाजार निवासी अंबरीश पांडेय (36) ने पुलिस उत्पीड़न से तंग आकर आत्मदाह का प्रयास किया। केरोसिन डालकर घर के बरामदे में आग लगा ली। गंभीर हालत में उसे सीएचसी पट्टी से जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
अंबरीश पांडेय की जमीन पर क्षेत्र के एक सपा नेता ने कब्जा कर लिया। इस पर कुछ दिन पूर्व बड़ा बवाल हुआ था। इस मामले में पुलिस ने दोनों ओर से मुकदमा दर्ज किया था। सत्ता के दबाव के चलते अंबरीश पर एक और मुकदमा भोपालपुर गांव के प्रधान ने दर्ज करा दिया था। इस मामले को लेकर वह उच्च न्यायालय गया था। आरोप है कि विवेचना कर रहे पूर्व दरोगा विश्वनाथ यादव उसे गैंगस्टर लगाने तथा फर्जी मुकदमे लादने की धमकी दे रहे थे। इस पर उसने अदालत में दरोगा के विरुद्ध इस्तगासा दायर कर रखा था। अंबरीश के परिजनों का आरोप है कि पूरे प्रकरण को लेकर वह काफी तनाव में था। आए दिन पुलिस वाले घर पहुंचकर तंग करने के साथ धमकी भी दे रहे थे। कोतवाली पट्टी के दो सिपाही शुक्रवार को भी उसके दरवाजे पहुंचे और दबाव बनाने लगे। सिपाहियों के जाने के बाद उसने केरोसिन डालकर खुद को आग लगा ली। आसपास के लोगों ने आग बुझाई लेकिन तब तक वह गंभीर रूप से झुलस चुका था। परिजन उसे सीएचसी लाए जहां से रेफर कर दिया गया। घर पर मौजूद मां ज्ञान देवी ने बताया कि पुलिस बार-बार घर आकर धमकी देती थी। इस पर उसने पुलिस वालों से कहा था कि जो कार्रवाई करनी है कर लो। ज्यादा तंग करोगे तो आत्मदाह कर लूंगा और फिर कुछ क्षण बाद यह हादसा हो गया।
अंबरीश पांडेय के मकान के सामने जमीन के टुकड़े का बैनामा सपा नेता ने लिया है। इस पर कब्जे को लेकर विवाद है। शासन तक जब मामला पहुंचा तो पार्टी ने सपा नेता को पार्टी से बाहर कर दिया था। हालांकि बाद उसकी वापसी हो गई। सपा नेता के दबाव के कारण पुलिस अंबरीश के खिलाफ थी।
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जमीन के विवाद को लेकर एक वर्ष से अंबरीश अफसरों की चौखट पर गुहार लगाते थक चुका था। इस प्रकरण को लेकर वह आईजी, डीआईजी, डीजीपी, मुख्यमंत्री, डीएम व एसपी की शरण ली थी लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हो सकी। उसे न्याय मिलने की जगह पुलिस से धमकी मिल रही थी।
जिम्मेदारी जब पुलिस पर आई तो वह पल्ला झाड़ने लगी। सीओ पट्टी ज्ञानेंद्रनाथ प्रसाद ने कहाकि पुलिस की प्रताड़ना के चलते युवक के आत्मदाह के प्रयास की जानकारी उन्हें नहीं है। युवक के झुलसने की बात उनके संज्ञान में आई जरूर है। मगर उन्हें कोतवाल पट्टी आरएन उपाध्याय ने बताया है कि युवक का किसी बात को लेकर घर में ही विवाद हुआ था। इस कारण उसने आत्महत्या का प्रयास किया। अपर पुलिस अधीक्षक विजर्सन सिंह यादव ने भी घटना की जानाकरी से इनकार किया। एसपी दीपक कुमार के एक बैठक में बाहर होने के कारण बात नहीं हो सकी।
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अंबरीश पांडेय की जमीन पर क्षेत्र के एक सपा नेता ने कब्जा कर लिया। इस पर कुछ दिन पूर्व बड़ा बवाल हुआ था। इस मामले में पुलिस ने दोनों ओर से मुकदमा दर्ज किया था। सत्ता के दबाव के चलते अंबरीश पर एक और मुकदमा भोपालपुर गांव के प्रधान ने दर्ज करा दिया था। इस मामले को लेकर वह उच्च न्यायालय गया था। आरोप है कि विवेचना कर रहे पूर्व दरोगा विश्वनाथ यादव उसे गैंगस्टर लगाने तथा फर्जी मुकदमे लादने की धमकी दे रहे थे। इस पर उसने अदालत में दरोगा के विरुद्ध इस्तगासा दायर कर रखा था। अंबरीश के परिजनों का आरोप है कि पूरे प्रकरण को लेकर वह काफी तनाव में था। आए दिन पुलिस वाले घर पहुंचकर तंग करने के साथ धमकी भी दे रहे थे। कोतवाली पट्टी के दो सिपाही शुक्रवार को भी उसके दरवाजे पहुंचे और दबाव बनाने लगे। सिपाहियों के जाने के बाद उसने केरोसिन डालकर खुद को आग लगा ली। आसपास के लोगों ने आग बुझाई लेकिन तब तक वह गंभीर रूप से झुलस चुका था। परिजन उसे सीएचसी लाए जहां से रेफर कर दिया गया। घर पर मौजूद मां ज्ञान देवी ने बताया कि पुलिस बार-बार घर आकर धमकी देती थी। इस पर उसने पुलिस वालों से कहा था कि जो कार्रवाई करनी है कर लो। ज्यादा तंग करोगे तो आत्मदाह कर लूंगा और फिर कुछ क्षण बाद यह हादसा हो गया।
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अंबरीश पांडेय के मकान के सामने जमीन के टुकड़े का बैनामा सपा नेता ने लिया है। इस पर कब्जे को लेकर विवाद है। शासन तक जब मामला पहुंचा तो पार्टी ने सपा नेता को पार्टी से बाहर कर दिया था। हालांकि बाद उसकी वापसी हो गई। सपा नेता के दबाव के कारण पुलिस अंबरीश के खिलाफ थी।
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जमीन के विवाद को लेकर एक वर्ष से अंबरीश अफसरों की चौखट पर गुहार लगाते थक चुका था। इस प्रकरण को लेकर वह आईजी, डीआईजी, डीजीपी, मुख्यमंत्री, डीएम व एसपी की शरण ली थी लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हो सकी। उसे न्याय मिलने की जगह पुलिस से धमकी मिल रही थी।
जिम्मेदारी जब पुलिस पर आई तो वह पल्ला झाड़ने लगी। सीओ पट्टी ज्ञानेंद्रनाथ प्रसाद ने कहाकि पुलिस की प्रताड़ना के चलते युवक के आत्मदाह के प्रयास की जानकारी उन्हें नहीं है। युवक के झुलसने की बात उनके संज्ञान में आई जरूर है। मगर उन्हें कोतवाल पट्टी आरएन उपाध्याय ने बताया है कि युवक का किसी बात को लेकर घर में ही विवाद हुआ था। इस कारण उसने आत्महत्या का प्रयास किया। अपर पुलिस अधीक्षक विजर्सन सिंह यादव ने भी घटना की जानाकरी से इनकार किया। एसपी दीपक कुमार के एक बैठक में बाहर होने के कारण बात नहीं हो सकी।