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मंदिर के पुजारी की हथौड़े से हत्या
Pratapgarh
Updated Tue, 04 Feb 2014 02:24 PM IST
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प्रतापगढ़ / रानीगंज कैथौला। लालगंज कोतवाली के धारूपुर गांव स्थित शिवमंदिर के पुजारी घनश्याम दास (55) की गुरुवार रात सिर पर हथौड़े से प्रहार कर हत्या कर दी गई। सुबह गांव के लोग मंदिर पहुंचे तो पुजारी का शव देखा। एहतियात के तौर पर चार थानों की पुलिस मौके पर बुला ली गई। खुद एसपी एसके वर्मा ने घटना स्थल का जायजा लिया और लालगंज कोतवाल को दिशा निर्देश दिया।
धारूपुर गांव स्थित पुरानी बावली के पास पुराना मंदिर है। गांव के रामगरीब दास और विंदेश्वरी चौरसिया ने इसका निर्माण कराया था। पिछले दिनों सांसद रत्ना सिंह ने यहां देवी प्रतिमा की स्थापना की थी। कोई 20 साल पहले कौशांबी जिले से दंडी स्वामी परमहंस के शिष्य स्वामी ज्ञान आत्मानंद अपने शिष्य घनश्याम दास (55) के साथ यहां आए थे। यहीं दोनों लोग मंदिर पर रहते रहे। इस बीच स्वामी ज्ञान आत्मानंद गंगा स्नान करने प्रयाग चले गए। घनश्याम दास अकेले मंदिर में थे। सुबह मंदिर पहुंचे लोगों ने पुजारी का रक्तरंजित शव देखा। पास में ही खून से सना हथौड़ा पड़ा था। ग्रामीणों की सूचना पर लालगंज कोतवाली पुलिस के साथ ही आसपास के थानों के प्रभारी को भी बुला लिया गया। एसपी एसके वर्मा भी पहुंचे और ग्रामीणों से पूछताछ की। पुजारी की हत्या की सूचना पर महंत स्वामी ज्ञान आत्मानंद भी प्रयाग से आ गए। उन्होंने देखा तो मंदिर का सारा सामान सुरक्षित था।
मंदिर के करीब ही स्थित एक साइकिल की दुकान से हजारों की चोरी हो गई। यहां धारूपुर गांव निवासी मोबीन ने दुकान खोल रखी है। चोर झरोखे से उसकी दुकान में घुसे और शटर खोलकर हजारों का सामान समेट ले गए। पुलिस के खोजी कुत्ते दुकान के मंडराकर फिर घटनास्थल की ओर लौट गए। इससे आशंका जताई जा रही है कि पुजारी ने दुकान में चोरी की घटना देख ली होगी, इसीलिए हत्या कर दी गई।
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पुलिस अधीक्षक एसके वर्मा का अनुमान है कि चोरों ने पहचान लेने के बाद पुजारी की हत्या की है। घटना स्थल का जायजा लेने के बाद एसपी ने बताया कि हत्यारों के स्थानीय होने का अनुमान है। ऐसा लगता है कि उनके पास कोई हथियार नहीं था। मौके पर मिले एक हथौड़े से प्रहार कर पुजारी की हत्या कर दी गई है। लालगंज पुलिस को हत्यारों को जल्द चिह्नित करने को कहा गया है।
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धारूपुर गांव स्थित पुरानी बावली के पास पुराना मंदिर है। गांव के रामगरीब दास और विंदेश्वरी चौरसिया ने इसका निर्माण कराया था। पिछले दिनों सांसद रत्ना सिंह ने यहां देवी प्रतिमा की स्थापना की थी। कोई 20 साल पहले कौशांबी जिले से दंडी स्वामी परमहंस के शिष्य स्वामी ज्ञान आत्मानंद अपने शिष्य घनश्याम दास (55) के साथ यहां आए थे। यहीं दोनों लोग मंदिर पर रहते रहे। इस बीच स्वामी ज्ञान आत्मानंद गंगा स्नान करने प्रयाग चले गए। घनश्याम दास अकेले मंदिर में थे। सुबह मंदिर पहुंचे लोगों ने पुजारी का रक्तरंजित शव देखा। पास में ही खून से सना हथौड़ा पड़ा था। ग्रामीणों की सूचना पर लालगंज कोतवाली पुलिस के साथ ही आसपास के थानों के प्रभारी को भी बुला लिया गया। एसपी एसके वर्मा भी पहुंचे और ग्रामीणों से पूछताछ की। पुजारी की हत्या की सूचना पर महंत स्वामी ज्ञान आत्मानंद भी प्रयाग से आ गए। उन्होंने देखा तो मंदिर का सारा सामान सुरक्षित था।
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मंदिर के करीब ही स्थित एक साइकिल की दुकान से हजारों की चोरी हो गई। यहां धारूपुर गांव निवासी मोबीन ने दुकान खोल रखी है। चोर झरोखे से उसकी दुकान में घुसे और शटर खोलकर हजारों का सामान समेट ले गए। पुलिस के खोजी कुत्ते दुकान के मंडराकर फिर घटनास्थल की ओर लौट गए। इससे आशंका जताई जा रही है कि पुजारी ने दुकान में चोरी की घटना देख ली होगी, इसीलिए हत्या कर दी गई।
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पुलिस अधीक्षक एसके वर्मा का अनुमान है कि चोरों ने पहचान लेने के बाद पुजारी की हत्या की है। घटना स्थल का जायजा लेने के बाद एसपी ने बताया कि हत्यारों के स्थानीय होने का अनुमान है। ऐसा लगता है कि उनके पास कोई हथियार नहीं था। मौके पर मिले एक हथौड़े से प्रहार कर पुजारी की हत्या कर दी गई है। लालगंज पुलिस को हत्यारों को जल्द चिह्नित करने को कहा गया है।