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शिमला-नैनीताल का अहसास करा रहीं रोडवेज बसें
Pratapgarh
Updated Thu, 05 Dec 2013 05:40 AM IST
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मौसम बदलने के साथ ही ठंडी का आगाज हो गया है। कोहरे के साथ ही सुबह ठंडी हवाएं यात्रियों का स्वागत करती हैं। रोडवेज बसों पर चलने वाले यात्री खिड़कियों की रिपेयरिंग न होने के कारण नैनीताल और शिमला जैसी ठंडी का अहसास कर रही हैं। यही नहीं कोहरे से बचने के लिए भी बसों में इंतजाम नहीं किए गए हैं।
ठंडी में परिवहन निगम की जर्जर बसें यात्रियों को परेशान करने लगी हैं। गर्मियों में तो अब तक यात्रियों को इनसे राहत मिलती रही लेकिन अब यह असह्य हो गईं हैं। विभाग ने ठंडी शुरू होने के बाद भी इन खिड़कियों की मरम्मत नहीं कराई। खिड़कियों के शीशे बसों के चलने के साथ अपने आप ही खुल जाते हैं। यही नहीं कई बसों में खिड़कियों में एक ही शीशे लगे हैं। इससे दो सीटों पर बैठे यात्री अपनी-अपनी तरफ बंद करने का प्रयास करते हैं। दरवाजे ऐसे हैं जो बंद ही नहीं होते। इसे परिचालकों को पकड़कर रखना पड़ता है। बसों में साइड मिरर के साथ ही वाइपर भी नहीं काम कर रहे हैं। कोहरे में जब ओस जमती है तो दिखाई देना बंद हो जाता है। इससे ड्राइवरों को काफी समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं। रास्ते में ड्राइवर रुककर कपड़े से शीशे साफ करते हैं। यदि ऐसा ही रहा तो ठंडी में यात्रियों की यात्रा कितनी कठिन होगी यह समझा जा सकता है। यही नहीं ड्राइवरों के लिए भी बस चलाना आसान नहीं होगा।
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ठंडी में परिवहन निगम की जर्जर बसें यात्रियों को परेशान करने लगी हैं। गर्मियों में तो अब तक यात्रियों को इनसे राहत मिलती रही लेकिन अब यह असह्य हो गईं हैं। विभाग ने ठंडी शुरू होने के बाद भी इन खिड़कियों की मरम्मत नहीं कराई। खिड़कियों के शीशे बसों के चलने के साथ अपने आप ही खुल जाते हैं। यही नहीं कई बसों में खिड़कियों में एक ही शीशे लगे हैं। इससे दो सीटों पर बैठे यात्री अपनी-अपनी तरफ बंद करने का प्रयास करते हैं। दरवाजे ऐसे हैं जो बंद ही नहीं होते। इसे परिचालकों को पकड़कर रखना पड़ता है। बसों में साइड मिरर के साथ ही वाइपर भी नहीं काम कर रहे हैं। कोहरे में जब ओस जमती है तो दिखाई देना बंद हो जाता है। इससे ड्राइवरों को काफी समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं। रास्ते में ड्राइवर रुककर कपड़े से शीशे साफ करते हैं। यदि ऐसा ही रहा तो ठंडी में यात्रियों की यात्रा कितनी कठिन होगी यह समझा जा सकता है। यही नहीं ड्राइवरों के लिए भी बस चलाना आसान नहीं होगा।
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