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आस्था के ‘गंगाजल’ से जलाभिषेक
Pratapgarh
Updated Tue, 20 Aug 2013 05:34 AM IST
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प्रतापगढ़। सावन के आखिरी सोमवार पर श्रद्धालुओं की आस्था गंगाजल के रूप में प्रवाहित हो उठी। शिवालयों में हर-हर महादेव के जयघोष भोर से ही गूंजने लगे। श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक के साथ ही भगवान शिव का बेल पत्र, फूल, अक्षत से विधिवत पूजन किया।
सावन में श्रद्धालुओं ने भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए जलाभिषेक किया। विशेष दिन सोमवार को शिवालयों में खूब भीड़ हुई। कांवड़ियों ने सावन माह में भगवान शिव का आशीष लेने के लिए गंगाजल से अभिषेक किया। अंतिम सोमवार को श्रद्धालुओं की आस्था पूरे शवाब पर रही। शुक्रवार से ही कांवड़िए गंगाघाटों के लिए रवाना हो गए थे। जल भरने के बाद वे पैदल इच्छित शिवालयों पर पहुंचकर सोमवार को जलाभिषेक किया। बेल्हादेवी मंदिर में सुबह से ही दर्शन पूजन की धूम रही। लाइन में लगे श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक करने के साथ ही बेल्हा देवी का भी दर्शन पूजन किया। आखिरी सोमवार को मंदिरों में रुद्राभिषेक कराने के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु जुटे रहे। भयहरणनाथ धाम में भी सुबह से ही कांवड़ियों के साथ ही श्रद्धालु भारी संख्या में पहुंचे और जलाभिषेक कर विधिवत पूजन अर्चन किया। दोपहर बाद तक श्रद्धालुओं का तांता टूटने का नाम नहीं ले रहा था। सावन के महीने में आस्था की बयार खूब बही। मंदिरों के साथ ही घरों में भी शिव जाप कराए गए। श्रद्धालुओं ने मंदिरों में रुद्राभिषेक कराने के साथ ही भंडारे का आयोजन किया। सावन के अंतिम सोमवार को शिव धाम पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देर शाम तक जुटी रही। रविवार से ही कई जनप्रतिनिधि अपने दल बल के साथ धाम पर पहुंच जलाभिषेक कर चुके थे। भोर से ही श्रद्धालुओं व कांवड़ियों का जो तांता शुरू हुआ तो देर शाम तक टूटने का नाम नहीं लिया।
भीड़ से बचने के लिए रविवार को रानीगंज के सपा विधायक शिवाकांत ओझा व सदर विधायक नागेन्द्र सिंह मुन्ना सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने रविवार को ही जलाभिषेक किया। रविवार को ही बेलखरनाथ दीवानगंज जाने वाली सड़क पर गिट्टी लदा ट्रक जाने से सड़क कई जगह धंसने के साथ टूट गई। इससे सोमवार को धाम पर आने वाले श्रद्धालुओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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सावन में श्रद्धालुओं ने भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए जलाभिषेक किया। विशेष दिन सोमवार को शिवालयों में खूब भीड़ हुई। कांवड़ियों ने सावन माह में भगवान शिव का आशीष लेने के लिए गंगाजल से अभिषेक किया। अंतिम सोमवार को श्रद्धालुओं की आस्था पूरे शवाब पर रही। शुक्रवार से ही कांवड़िए गंगाघाटों के लिए रवाना हो गए थे। जल भरने के बाद वे पैदल इच्छित शिवालयों पर पहुंचकर सोमवार को जलाभिषेक किया। बेल्हादेवी मंदिर में सुबह से ही दर्शन पूजन की धूम रही। लाइन में लगे श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक करने के साथ ही बेल्हा देवी का भी दर्शन पूजन किया। आखिरी सोमवार को मंदिरों में रुद्राभिषेक कराने के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु जुटे रहे। भयहरणनाथ धाम में भी सुबह से ही कांवड़ियों के साथ ही श्रद्धालु भारी संख्या में पहुंचे और जलाभिषेक कर विधिवत पूजन अर्चन किया। दोपहर बाद तक श्रद्धालुओं का तांता टूटने का नाम नहीं ले रहा था। सावन के महीने में आस्था की बयार खूब बही। मंदिरों के साथ ही घरों में भी शिव जाप कराए गए। श्रद्धालुओं ने मंदिरों में रुद्राभिषेक कराने के साथ ही भंडारे का आयोजन किया। सावन के अंतिम सोमवार को शिव धाम पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देर शाम तक जुटी रही। रविवार से ही कई जनप्रतिनिधि अपने दल बल के साथ धाम पर पहुंच जलाभिषेक कर चुके थे। भोर से ही श्रद्धालुओं व कांवड़ियों का जो तांता शुरू हुआ तो देर शाम तक टूटने का नाम नहीं लिया।
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भीड़ से बचने के लिए रविवार को रानीगंज के सपा विधायक शिवाकांत ओझा व सदर विधायक नागेन्द्र सिंह मुन्ना सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने रविवार को ही जलाभिषेक किया। रविवार को ही बेलखरनाथ दीवानगंज जाने वाली सड़क पर गिट्टी लदा ट्रक जाने से सड़क कई जगह धंसने के साथ टूट गई। इससे सोमवार को धाम पर आने वाले श्रद्धालुओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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