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रोजेदार के लिए हर चीज करती हैं दुआएं
Pratapgarh
Updated Sat, 13 Jul 2013 05:30 AM IST
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प्रतापगढ़। रमजानुल मुबारक माह की एक खुसूसियत यह भी है कि अल्लाह ने इसमें कुरान-ए-पाक नाजिल फरमाया है। कहा है कि यह बड़ा बाअजमत वाला महीना है। रोजेदार से जुड़ी हर चीजें उनके लिए दुआएं मांगती हैं।
मौलाना अब्दुल्लाह बताते हैं कि एक रिवायत के मुताबिक अर्श उठाने वाले फरिश्ते रोजादारों की दुआ पर आमीन कहते हैं। रोजेदार के लिए दरिया की मछलियां रोजा इफ्तार तक दुआएं मगफिरत करती रहती हैं। नुजहतुल मजालिस ताकिए कौसर मालिके जन्नत सराफा रहमत सल्लाल्लाहो अलैहि वसल्लम का फरमान आलीशान है कि जब मोमिन माहे रमजान में बेदार होता है और लेटे-लेटे करवटें बदलता है और अल्लाह के जिक्र में लगा रहता है तो उससे फरिश्ता कहता है उठ अल्लाह तुझ पर रहम करें। फिर जब वह उठ खड़ा होता है तो उसका बिछौना उसके लिए दुआ करता है, ऐ अल्लाह इसको जन्नत में आला बिछौना अता फरमा और जब अपना लिबास पहनता है तो वह लिबास उसके लिए दुआ करता है। ऐ अल्लाह इसको जन्नत का लिबास अता फरमा और जब वह जूते पहनता है तो जूते उसके लिए दुआ करते हैं। ए अल्लाह इस रोजेदार को पुल सिरात पर साबित कदम रखना और जब बरतन वुजू करने के लिए लेता है तो वह बरतन उसके लिए दुआ करता है ऐ अल्लाह इसको जन्नत के बरतन अता फरमा और जब वजू करता है तो पानी उसके लिए दुआ करता है, ऐ अल्लाह इसको गुनाहों व खताओं से पाक व साफ कर दें। अगर अल्लाह के सामने खड़ा होता है यानि नमाज पढ़ने लगता है तो उसके लिए काबातुल्लाह शरीफ दुआ करता है। ए अल्लाह इसकी कब्र को मुनव्वर और कुशादा कर दे और अल्लाह उसकी तरफ नजर करके फरमाता है ऐ मेरे बंदे तू जो कुछ भी दुआ मांगेगा मैं कुबूल फरमाऊंगा।
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मौलाना अब्दुल्लाह बताते हैं कि एक रिवायत के मुताबिक अर्श उठाने वाले फरिश्ते रोजादारों की दुआ पर आमीन कहते हैं। रोजेदार के लिए दरिया की मछलियां रोजा इफ्तार तक दुआएं मगफिरत करती रहती हैं। नुजहतुल मजालिस ताकिए कौसर मालिके जन्नत सराफा रहमत सल्लाल्लाहो अलैहि वसल्लम का फरमान आलीशान है कि जब मोमिन माहे रमजान में बेदार होता है और लेटे-लेटे करवटें बदलता है और अल्लाह के जिक्र में लगा रहता है तो उससे फरिश्ता कहता है उठ अल्लाह तुझ पर रहम करें। फिर जब वह उठ खड़ा होता है तो उसका बिछौना उसके लिए दुआ करता है, ऐ अल्लाह इसको जन्नत में आला बिछौना अता फरमा और जब अपना लिबास पहनता है तो वह लिबास उसके लिए दुआ करता है। ऐ अल्लाह इसको जन्नत का लिबास अता फरमा और जब वह जूते पहनता है तो जूते उसके लिए दुआ करते हैं। ए अल्लाह इस रोजेदार को पुल सिरात पर साबित कदम रखना और जब बरतन वुजू करने के लिए लेता है तो वह बरतन उसके लिए दुआ करता है ऐ अल्लाह इसको जन्नत के बरतन अता फरमा और जब वजू करता है तो पानी उसके लिए दुआ करता है, ऐ अल्लाह इसको गुनाहों व खताओं से पाक व साफ कर दें। अगर अल्लाह के सामने खड़ा होता है यानि नमाज पढ़ने लगता है तो उसके लिए काबातुल्लाह शरीफ दुआ करता है। ए अल्लाह इसकी कब्र को मुनव्वर और कुशादा कर दे और अल्लाह उसकी तरफ नजर करके फरमाता है ऐ मेरे बंदे तू जो कुछ भी दुआ मांगेगा मैं कुबूल फरमाऊंगा।
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