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गांव में ही खत्म होगी फौजदारी 17-29-43
Updated Sat, 06 Jan 2018 06:29 PM IST
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निस्तारण करने को बनी टीमें कार्रवाई में जुटी
गांव में ही खत्म होगी फौजदारी
निस्तारण करने को बनी टीमें कार्रवाई में जुटी
अफसर भी गांव पहुंचकर जानेंगे समस्याएं
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। ग्रामीण इलाकों में होने वाले छोटे-मोटे विवाद सुलझाने के लिए सरकार की ओर से राजस्व, पुलिस विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम बनाई गई है। जो मौके पर जाकर दोनों पक्षों की मौजूदगी में प्रकरण की जांच करेगी। इस दौरान प्रार्थना पत्र देने वाले लोगों का भी आमना-सामना होगा। आम सहमति से मामले का निस्तारण कराने का प्रयास किया जाएगा। यदि सुलह के बाद भी कोई विवाद करता है तो पुलिस ऐसे लोगों पर शिकंजा कसेगी। हर गांव में ऐसे तीन मामलों को टॉप सूची में रखा गया है।
गांवों में पैदा विवाद से आला अधिकारियों को दिक्कत का सामना करना पड़ता है। गांव का विवाद वहीं खत्म कराने के लिए प्रदेश की योगी सरकार ने निर्णय लेते हुए सभी जिलास्तरीय अधिकारियों को गंभीरता से प्रकरणों को लेते हुए प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। शासन की मंशा है कि सभी गांव विवाद से मुक्त हों।। जिले की हर तहसील में दो-दो टीमों का गठन किया गया है। इन टीमों में चार लेखपाल, चार पुलिसकर्मी एक नायब तहसीलदार, एक उपनिरीक्षक शामिल रहेंगे। यह टीम भूमि संबंधी विवाद के अलावा दूसरे मामलों का निस्तारण करेगी। इसके लिए तहसील स्तर पर भी सभी गांवों के तीन-तीन प्रकरणों को पहले निस्तारण के दायरे में रखा गया है। ताकि जिस गांव में टीम के लोग जाएं। वहां की समस्याओं को हर हाल में निस्तारित करने के बाद ही लौटे। टीमें जो समझौता कराएंगी, उसे थाने की जीडी में दर्ज भी किया जाएगा। समझौतानामा थाने में रहेगा। इसके बाद यदि कोई भी पक्ष समझौते को तोड़कर दोबारा विवाद करेगा तो उसके खिलाफ पुलिस कार्रवाई करेगी। जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक भी गांवों में पहुंचकर चौपाल लगाएंगे। समस्याओं को सुनकर निराकरण कराएंगे। शासन की इस कवायद से गांवों में मारपीट की घटनाएं कम होने की संभावना जताई जा रही है।
इनसेट-----
लाव लश्कर के साथ एसडीएम-सीओ भी पहुंचेंगे गांव
गांवों का विवाद मौके पर पहुंचकर निपटाने के लिए अधिकारी भी गांव पहुंचेंगे। ताकि मामले का निस्तारण कराकर गांव में अमन-चैन कायम कराया जा सके। तहसील स्तर पर भी उन गांवों को अलग रखा जा रहा है जहां का विवाद राजस्व विभाग व पुलिस की गठित टीम निस्तारित नहीं करा पाएगी वहां एसडीएम व सीओ जाएंगे। साथ में लेखपाल व पुलिसकर्मियों की टीम भी रहेगी। जिससे प्रकरण निस्तारित हो सके। यदि कोई बवाल करता है तो उसके खिलाफ कठोर कदम उठाया जाएगा।
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इनसेट-----
तीसरी आंख करेगी कैद
गांवों का विवाद सुलझाने के लिए पहुंचने वाली राजस्व टीम व पुलिस टीम के सामने दोनों पक्ष अपनी बात रखेंगे। इस दौरान कोई विवाद नहीं कर सकेगा। पुलिसकर्मी सुरक्षा के साथ सभी की गतिविधियों को मोबाइल या कैमरे में कैद करते रहेंगे। ताकि पैमाइश या विवाद सुलझाने के दौरान पुलिस और राजस्व विभाग के ऊपर विपक्षियों से मिलीभगत का कोई आरोप नहीं लगा सके। यदि कोई गड़बड़ी करता है तो उसकी गतिविधियों को कैद करने के बाद अधिकारियों के सामने रखा जाएगा। ताकि उस पर प्रशासन शिकंजा कस सके।
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गांव में ही खत्म होगी फौजदारी
निस्तारण करने को बनी टीमें कार्रवाई में जुटी
अफसर भी गांव पहुंचकर जानेंगे समस्याएं
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। ग्रामीण इलाकों में होने वाले छोटे-मोटे विवाद सुलझाने के लिए सरकार की ओर से राजस्व, पुलिस विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम बनाई गई है। जो मौके पर जाकर दोनों पक्षों की मौजूदगी में प्रकरण की जांच करेगी। इस दौरान प्रार्थना पत्र देने वाले लोगों का भी आमना-सामना होगा। आम सहमति से मामले का निस्तारण कराने का प्रयास किया जाएगा। यदि सुलह के बाद भी कोई विवाद करता है तो पुलिस ऐसे लोगों पर शिकंजा कसेगी। हर गांव में ऐसे तीन मामलों को टॉप सूची में रखा गया है।
गांवों में पैदा विवाद से आला अधिकारियों को दिक्कत का सामना करना पड़ता है। गांव का विवाद वहीं खत्म कराने के लिए प्रदेश की योगी सरकार ने निर्णय लेते हुए सभी जिलास्तरीय अधिकारियों को गंभीरता से प्रकरणों को लेते हुए प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। शासन की मंशा है कि सभी गांव विवाद से मुक्त हों।। जिले की हर तहसील में दो-दो टीमों का गठन किया गया है। इन टीमों में चार लेखपाल, चार पुलिसकर्मी एक नायब तहसीलदार, एक उपनिरीक्षक शामिल रहेंगे। यह टीम भूमि संबंधी विवाद के अलावा दूसरे मामलों का निस्तारण करेगी। इसके लिए तहसील स्तर पर भी सभी गांवों के तीन-तीन प्रकरणों को पहले निस्तारण के दायरे में रखा गया है। ताकि जिस गांव में टीम के लोग जाएं। वहां की समस्याओं को हर हाल में निस्तारित करने के बाद ही लौटे। टीमें जो समझौता कराएंगी, उसे थाने की जीडी में दर्ज भी किया जाएगा। समझौतानामा थाने में रहेगा। इसके बाद यदि कोई भी पक्ष समझौते को तोड़कर दोबारा विवाद करेगा तो उसके खिलाफ पुलिस कार्रवाई करेगी। जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक भी गांवों में पहुंचकर चौपाल लगाएंगे। समस्याओं को सुनकर निराकरण कराएंगे। शासन की इस कवायद से गांवों में मारपीट की घटनाएं कम होने की संभावना जताई जा रही है।
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लाव लश्कर के साथ एसडीएम-सीओ भी पहुंचेंगे गांव
गांवों का विवाद मौके पर पहुंचकर निपटाने के लिए अधिकारी भी गांव पहुंचेंगे। ताकि मामले का निस्तारण कराकर गांव में अमन-चैन कायम कराया जा सके। तहसील स्तर पर भी उन गांवों को अलग रखा जा रहा है जहां का विवाद राजस्व विभाग व पुलिस की गठित टीम निस्तारित नहीं करा पाएगी वहां एसडीएम व सीओ जाएंगे। साथ में लेखपाल व पुलिसकर्मियों की टीम भी रहेगी। जिससे प्रकरण निस्तारित हो सके। यदि कोई बवाल करता है तो उसके खिलाफ कठोर कदम उठाया जाएगा।
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तीसरी आंख करेगी कैद
गांवों का विवाद सुलझाने के लिए पहुंचने वाली राजस्व टीम व पुलिस टीम के सामने दोनों पक्ष अपनी बात रखेंगे। इस दौरान कोई विवाद नहीं कर सकेगा। पुलिसकर्मी सुरक्षा के साथ सभी की गतिविधियों को मोबाइल या कैमरे में कैद करते रहेंगे। ताकि पैमाइश या विवाद सुलझाने के दौरान पुलिस और राजस्व विभाग के ऊपर विपक्षियों से मिलीभगत का कोई आरोप नहीं लगा सके। यदि कोई गड़बड़ी करता है तो उसकी गतिविधियों को कैद करने के बाद अधिकारियों के सामने रखा जाएगा। ताकि उस पर प्रशासन शिकंजा कस सके।