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मनरेगा मजदूर को पीटा, पीड़ित ने पुलिस को दी तहरीर

Wed, 27 Mar 2019 11:11 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 27 Mar 2019 11:11 PM IST
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मनरेगा मजदूर को पीटा, पीड़ित ने पुलिस को दी तहरीर
मनरेगा मजदूर को पीटा
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रखहा। कंधई थाना क्षेत्र के गंगेहटी गांव में मनरेगा का काम कर रहे मजदूरों की दबंगों ने पिटाई कर दी। पीड़ित ने कंधई पुलिस को तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज करवाने की मांग की है। गंगेहटी गांव निवासी संतोष कुमार मनरेगा मजदूर है। आरोप है कि बुधवार सुबह लगभग 8:30 बजे वह गांव में स्थित पुलिया निर्माण में मजदूरी कर रहा था। इसी बीच गांव के कुछ लोग पहुंचे और काम बंद करने के लिए कहा। संतोष ने ग्राम प्रधान से बात करने की बात कही तो आरोपियों ने उसकी पिटाई कर दी। उसने चार लोगों को नामजद करते हुए पुलिस को तहरीर दी है।
रंजिश में दंपति को पीटा
संडवा चंद्रिका। अंतू थाना क्षेत्र के छतरपुर निवासी सुरेश नारायण का पड़ोसी से भूमि का विवाद चल रहा है। विवादित भूमि पर पड़ोसी कब्जा कर रहे थे। विरोध पर पड़ोसियों ने उसकी पिटाई कर दी। बीचबचाव करने पहुंची उसकी पत्नी सरोजा को भी पीटकर घायल कर दिया। आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाने के लिए पीड़ित ने पुलिस को तहरीर दी है।
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नकल रोकने को परीक्षा केंद्रों पर पहुंचेंगे आब्जर्वर
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। नकल रोकने के लिए परीक्षा केंद्रों पर सचल दस्ता नहीं अब आब्जर्वर पहुंचेंगे। राज्य विश्वविद्यालय प्रयागराज ने नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए इस बार नई रणनीति अपनाई है। इस बार सिर्फ एक ही सचल दस्ता बनाया गया है। जबकि अधिकांश शिक्ष्कों को आब्जर्वर बनाया गया है। जबकि पहले चार से पांच सदस्यीय सचल दस्ते की टीम बनाई जाती थी। विश्वविद्यालय हर साल करीब पांच से छह सचल दस्ता तैयार करता था। इस बार विश्वविद्यालय प्रशासन प्रतिदिन एक आब्जर्वर को एक परीक्षा केंद्र पर भेजा रहा है। हर दिन बदल बदल कर आर्ब्ज्वर परीक्षा केंद्रों पर भेजे जा रहे हैं। परीक्षा केंद्रों पर पहुंचने वाले आब्जर्वर पूरी परीक्षा समाप्त होने के बाद ही लौट रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन की इस पहल से परीक्षा केंद्रों पर हड़कंप मचा हुआ है। नकलमाफिया भी किसी तरह से नकल के खेल में सफल नहीं हो पा रहे हैं। आब्जर्वर की सूची में अनुदानित और राजकीय महाविद्यालयों के शिक्षकों को शामिल किया गया है। साथ ही अनुदानित महाविद्यालय के सेल्फ फाइनेंस विषयों के कुछ चुनिंदा शिक्षकों को भी आब्जर्वर बनाया गया है, लेकिन प्राइवेट कालेजों के शिक्षकों को इस सूची से दरकिनार कर दिया गया है।
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इनसेट-
काली सूची के कालेज पर नियमति आब्जर्वर
विश्वविद्यालय की नजर में जो भी परीक्षा केंद्र ब्लैक लिस्टेड हैं अथवा किसी भी परीक्षा केंद्र पर नकल की गुंजाइश विश्वविद्यालय को लग रही है, वहां वहां नियमति एक आब्जर्वर भेज रहे हैं। वह पूरी परीक्षा संपन्न कराते हैं।

वर्जन--
इस बार एक ही सचल दस्ता बनाया गया है। परीक्षा केंद्रों की जांच के लिए आब्जर्वर नियुक्त किए गए हैं। जिससे प्रत्येक परीक्षा केंद्रों पर विश्वविद्यालय की निगाह बनी रहे।
डॉ. विनीता यादव, परीक्षा नियंत्रक, राज्य विश्वविद्यालय, प्रयागराज।
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