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गो आश्रय केंद्र पर अनुपस्थित मिले

Sat, 13 Jul 2019 11:24 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 13 Jul 2019 11:24 PM IST
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8 cleaning staff suspended
गो आश्रय केंद्र पर अनुपस्थित मिले 8 सफाईकर्मी निलंबित
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अमर उजाला में खबर छपने के बाद निरीक्षण करने पड़रीपाल गो आश्रय केंद्र पहुंचे सीडीओ, एक जानवर मिला मृत
अमर उजाला ब्यूरो
कोहड़ौर। जिले में खोले गए गो आश्रय केंद्रों पर मवेशियों की दुर्गति से संबंधित खबर अमर उजाला में प्रमुखता के साथ प्रकाशित होने के बाद आखिरकार प्रशासन की नींद टूटी। शनिवार को सीडीओ कोहड़ौर इलाके में दलदल बने शंकरपुर ग्राम सभा के पड़रीपाल स्थित गो आश्रय केंद्र का निरीक्षण करने पहुंच गए। यहां मवेशियों की देखभाल के लिए तैनात किए मंगरौरा ब्लाक के दस सफाई कर्मचारियों में से आठ गायब मिले। इस पर सीडीओ ने सभी को निलंबित कर दिया। केंद्र पर न चारे की व्यवस्था दिखी और न ही पानी की।
अमर उजाला ने शनिवार के अंक में गो आश्रय केंद्र की बदहाली और जानवरों के तड़पने की खबर का प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था। खबर का असर रहा कि शनिवार को सीडीओ धीरेंद्र सिंह मंगरौरा बीडीओ के साथ कोहड़ौर के पडऱीपाल गांव स्थित गो आश्रय केंद्र का निरीक्षण करने पहुंच गए। 14 बीघे में स्थित गो आश्रय केंद्र पर कदम-कदम पर अव्यवस्था दिखी। यहां मवेशियों की देखरेख के लिए मंगरौरा ब्लाक के 10 सफाई कर्मचारियों को लगाया गया था। शनिवार को इनमें से आठ सफाई कर्मचारी गायब रहे। इसके अलावा आश्रय में न तो चारे का प्रबंध था और न ही पानी का। एक जानवर मृत पड़ा मिला। अव्यवस्था देख सीडीओ का पारा चढ़ गया। सीडीओ ने बीडीओ को गायब 8 सफाई कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई का निर्देश दिया।
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प्रशासन की लापरवाही से तड़प-तड़प कर मर रहे मवेशी
गो आश्रय केंद्रों पर चारा न पानी, मवेशियों के संरक्षण के दावे हवा-हवाई
गो आश्रय के निर्माण के लिए बजट नहीं, ग्राम पंचायतों पर कार्रवाई की धौंस अधूरी व्यवस्था के बीच मवेशियों के संरक्षण के लिए बनाया जा रहा है दबाव
अमर उजाला ब्यूरो
शिवगढ़। जिले में आवारा पशुओं के संरक्षण के लिए खोले गए गो आश्रय केंद्रों पर प्रशासन की लापरवाही के कारण जानवर तड़प-तड़प कर दम तोड़ दे रहे हैं। दरअसल, जिले मेें गो आश्रय केंद्रों के संचालन को लेकर अफसर सिर्फ कागजी घोड़े दौड़ा रहे हैं। आश्रय स्थलों पर न चारा है न पानी और न ही संसाधन। बजट के अभाव में अधिकांश गौ आश्रय केंद्रों का निर्माण भी अधूरा है। आला अधिकारियों की फटकार के बाद अब विभागीय अफसर ग्राम पंचायतों पर कार्रवाई का भय दिखाकर मवेशियों के संरक्षण का दबाब बना रहे हैं।
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पट्टी के अतरौरा व मंगरौरा के मेहंदिया में गौ आश्रय केंद्रों का निर्माण पूरा हुए बिना ही अफसरों द्वारा बार-बार कार्रवाई का डर दिखाकर जानवर रखवा दिए। शिवगढ़ ब्लाक के चंदी गोविंदपुर, बुढ़ौरा, रस्तीपुर में भी स्थलों का चयन व निर्माण प्रक्रिया के पूर्ण हुए बिना मवेशियों के रखने का दबाव बनाया जा रहा है। हालांकि खमपुर दूबेपट्टी में शासन से 3 करोड़ 50 लाख की लागत से गौशाला का निर्माण हो रहा है। यहां मौजूदा समय में190 मवेशी रखे गए हैं। बगैर पूर्ण संसाधनों के बाद दबाव और मनमानी गले की फांस बनती नजर आ रहा है। अधिकांश गो आश्रयस्थलों पर स्थिति बद से बदतर है। जानवरों के चारा पानी, सुरक्षा को लेकर कुछ भी स्पष्ट नहीं है। उनकी देखरेख भी नहीं की जा रही है।
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