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विभाग में महिला कार्यकर्ताओं के खाली पड़े हैं 652 पद
Sun, 16 Jun 2019 12:21 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 16 Jun 2019 12:21 AM IST
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जिले के खाली पड़े आंगनबाड़ी केंद्रों पर महिला आवेदकों की भर्ती के लिए 11 साल बाद दरवाजा खुलने जा रहा है। 17 विकास खंडों में लगभग 652 पद खाली हैं। यह सभी पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं के लिए होने वाली भर्ती के लिए अगले माह तक शासनादेश जारी हो सकता है।
महिला एवं बाल विकास विभाग में महिलाओं के लिए आरक्षित कार्यकर्ता और सहायिकाओं के पद खाली पड़े हैं। जिले के 17 विकास खंडों में 652 आंगनबाड़ी केंद्रों पर महिलाओं की भर्ती होनी है। इनमें आंगनबाड़ी और सहायिका के लिए काफी दिनों से खाली पदों के लिए महिलाएं टकटकी लगाए बैठी हुई हैं। सूबे में लगभग 11 साल से नियुक्तियों पर रोक लगी हुई है। दरअसल में पूर्व में नियुक्ति का अधिकार ब्लाकों पर तैनाती पाने वाली सीडीपीओ को होता था। मगर नियुक्तियों में विवाद की संख्या बढ़ने पर शासन ने यह अधिकार जिला स्तर पर बैठने वाले अफसर (डीपीओ) जिला कार्यक्रम अधिकारी को प्रदान कर दिया था। इससे नाराज सीडीपीओ के कोर्ट में पहुंचते ही नियुक्तियों पर रोक लगा दी।
इधर बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी केंद्रों पर ताला लगा हुआ है। कुछ आंगनबाड़ी ने नौकरी छोड़ दी, तो कुछ असेवित गांव हैं, जहां अभी चयन ही नहीं हो पाया था। ऐसे में शासन ने रिक्तियों की संख्या तलब करने के साथ ही अविलंब नियुक्तियां प्रारंभ करने के संकेत दिया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी पवन कुमार यादव ने बताया कि शासन ने रिक्तियों की सूचना मांगी है, अभी नियुक्ति से संबंधित कोई पत्र नहीं आया है।
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महिला एवं बाल विकास विभाग में महिलाओं के लिए आरक्षित कार्यकर्ता और सहायिकाओं के पद खाली पड़े हैं। जिले के 17 विकास खंडों में 652 आंगनबाड़ी केंद्रों पर महिलाओं की भर्ती होनी है। इनमें आंगनबाड़ी और सहायिका के लिए काफी दिनों से खाली पदों के लिए महिलाएं टकटकी लगाए बैठी हुई हैं। सूबे में लगभग 11 साल से नियुक्तियों पर रोक लगी हुई है। दरअसल में पूर्व में नियुक्ति का अधिकार ब्लाकों पर तैनाती पाने वाली सीडीपीओ को होता था। मगर नियुक्तियों में विवाद की संख्या बढ़ने पर शासन ने यह अधिकार जिला स्तर पर बैठने वाले अफसर (डीपीओ) जिला कार्यक्रम अधिकारी को प्रदान कर दिया था। इससे नाराज सीडीपीओ के कोर्ट में पहुंचते ही नियुक्तियों पर रोक लगा दी।
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इधर बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी केंद्रों पर ताला लगा हुआ है। कुछ आंगनबाड़ी ने नौकरी छोड़ दी, तो कुछ असेवित गांव हैं, जहां अभी चयन ही नहीं हो पाया था। ऐसे में शासन ने रिक्तियों की संख्या तलब करने के साथ ही अविलंब नियुक्तियां प्रारंभ करने के संकेत दिया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी पवन कुमार यादव ने बताया कि शासन ने रिक्तियों की सूचना मांगी है, अभी नियुक्ति से संबंधित कोई पत्र नहीं आया है।
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