फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   60,789 toilets missing in the district, department failed to find them

जिले में 60,789 शौचालय गायब, तलाशने में विभाग नाकाम

Sun, 09 Feb 2020 12:54 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 09 Feb 2020 12:54 AM IST
विज्ञापन
60,789 toilets missing in the district, department failed to find them
toilets
जिले में स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत बने 60,789 शौचालय गायब हो गए हैं। जिसे बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी, वही शौचालय खोजने में नाकाम साबित हो रहा है। 60,789 शौचालय कहां बने हैं, इसे अब तक आनलाइन नहीं किया जा सका है। इससे अधिकारियों की परेशानी बढ़ गई है। अब ब्लाकों में तैनात एडीओ पंचायत से सत्यापन करने को कहा गया है।
विज्ञापन

जिले में स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत 3,74,946 शौचालयों का निर्माण कराने के लिए दस-दस हजार रुपये का भुगतान कर दिया गया है। मगर इनमें 60,789 शौचालय कहां बने हैं, इसे विभागीय अफसर नहीं खोज पा रहे हैं। हालांकि 3,14,157 शौचालयों की जीओ टैगिंग कराई जा चुकी है। मगर अब सवाल यह उठता है कि 60,789 शौचालयों का निर्माण अगर कराया गया है तो ऑनलाइन जीओ टैगिंग क्यों नहीं कराई गई।
विज्ञापन

दरअसल, जिले में शौचालय बनाने के लिए जो अभियान चला, उसमें अफसरों ने बगैर देखे ही रुपये भेज दिए। ग्राम पंचायतों में रुपये की बंदरबांट हुई और अब शौचालय खोजने की बारी आई तो कर्मचारियों ने हाथ खड़ा कर दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

ऐसेे में विभाग के लिए स्वच्छ भारत अभियान चुनौती बना हुआ है। फिलहाल इन दिनों जिलेभर में पुराना डाटा निकालकर खोजा जा रहा है कि किस ग्राम पंचायत को कितनी धनराशि प्रदान की गई और कितने लक्ष्य के मुताबिक कितने शौचालय बने हैं।
शौचालयों की वास्तविक खोजबीन करने के लिए अब एडीओ पंचायत को जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वह घर-घर जाकर शौचालय का सत्यापन करें। जिस ग्राम पंचायत में धनराशि भुगतान के सापेक्ष शौचालयों का निर्माण नहीं कराया गया है, उनकी सूची तैयार कर कार्रवाई की जाए।
असमंजस में हैं कर्मचारी
डीपीआरओ लालजी दूबे का तबादला होने के बाद शासन ने प्रभारी डीपीआरओ के रूप में लालचंद्र गुप्ता की तैनाती की है। मगर उन्हें प्रशासनिक जिम्मेदारी ही दी गई है। वित्तीय प्रभार पीडी आरसी शर्मा को दिया गया है। इससे कर्मचारी असमंजस में रहते हैं कि वह किसका कहना मानें।

स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्राम पंचायतों को जो धनराशि प्रदान की गई है, उसी के मुताबिक सत्यापन कराया जा रहा है। जिस गांव में शौचालय नहीं बने होंगे वहां के प्रधान और सचिव के खिलाफ कार्रवाई होगी। आरसी शर्मा, पीडी और प्रभारी डीपीआरओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed